रांची की युवती के साथ गैंगरेप के दोषी को 15 साल की कैद का कोर्ट ने दिया फैसला.....
रांची : रांची के मांडर की अदिवासी लड़की को नौकरी के नाम पर बहला-फुलसाकर बरवाअड्डा लाकर दुराचार करने के आरोपी परितोष पांडे को अदालत ने बुधवार को 15 वर्ष सश्रम कारावास एवं 20 हजार रुपए आर्थिक जुर्माना की सजा सुनाई। अदालत ने हत्या का प्रयास करने के आरोप में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपए आर्थिक जुर्माना भी लगाया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त परितोष पांडे का अपराध एवं कृत माफी योग्य नहीं है। पीडि़ता ने अभियुक्त की पहचान की है तथा गवाहों ने भी इसका समर्थन किया है।
अभियुक्त ने पीडि़ता के साथ दुराचार किया एवं उसकी हत्या का भी प्रयास किया है। जिसे अभियोजन पक्ष ने अदालत में प्रमाणित किया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम सह विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुजीत कुमार सिंह की अदालत में सजा की बिंदु पर सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई थी। अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियुक्तों को सजा सुनाई। इससे पूर्व सजा की बिंदु पर बहस करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दया की याचना की। पीडि़त के भाई की शिकायत पर परितोष पांडे व अज्ञात के विरुद्ध बरवाअड्डा थाने मे दुष्कर्म व हरिजन उत्पीडऩ की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 25 नवंबर 18 को पुलिस ने बरवाअड्डा निवासी परितोष, गुड्डू, कुंदन हाजरा एवं प्रकाश हाजरा के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था। 5 मार्च 19 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी।
इसी मामले के तीन आरोपी प्रकाश हाजरा, कुंदन हाजरा एवं गुड्डू कुमार को साक्ष्य के अभाव में रिहा किया गया। कुंदन हाजरा पूर्व से जमानत पर जेल से बाहर था। वहीं प्रकाश हाजरा एवं गुड्डू न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे। आरोपियों के खिलाफ आरोप था कि 24 सितंबर 2018 की रात चार युवकों ने पीडि़ता के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसे मारने की नियत से बुरी तरह पीटा था। उसे मरा समझकर झाड़ी में फेंक दिया गया था।







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