BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

जिस दिन हुई थी 2 बेटियों की मौत उसके ठीक 2 साल बाद उसी दिन दंपत्ति को हुई जुड़वा बेटियां, जाने कहाँ की है ये खबर

जिस दिन हुई थी 2 बेटियों की मौत उसके ठीक 2 साल बाद उसी दिन दंपत्ति को हुई जुड़वा बेटियां, जाने कहाँ की है ये खबर
Share

विशाखापत्तनमआंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी टी अप्‍पला राजू और भाग्‍यलक्ष्‍मी ने 15 सितंबर 2019 को आंध्र प्रदेश की गोदावरी नदी में हुए नाव हादसे  में अपनी दो बेटियों को खो दिया था. इस हादसे में 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. इसी हादसे में राजू और भाग्‍यलक्ष्‍मी की 3 साल और 1 साल की दो बच्‍चियों की भी मौत हो गई थी. इस हादसे के ठीक दो साल बाद 15 सितंबर 2021 को भाग्‍यलक्ष्‍मी ने जुड़वा बच्‍चों को जन्‍म दिया है. इसे भाग्‍य का चक्र ही कहेंगे कि दोनों बेटियां ही हैं. दंपति का कहना है कि जिस दिन उन्होंने अपनी बेटियों को खोया था, उसी दिन जुड़वा बच्चों का होना भगवान का आशीर्वाद है.

ग्‍लास फैक्‍ट्री में काम करने वाले टी अप्‍पला राजू के घर पर आज से दो साल पहले 15 सितंबर 2019 को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. हादसा तब हुआ जब गोदावरी नदी में एक डबल-डेकर लॉन्च एक भंवर में फंसकर डूब गई. 32 वर्षीय अप्पला राजू ने बताया कि उस दिन उसे थोड़ी बेचैनी हो रही थी, जिसके कारण दंपति ने अंतिम समय में अपनी यात्रा रद्द कर दी थी. हालांकि, उन्होंने अपनी दो बेटियों, गीता वैष्णवी (3) और धात्री अनन्या (1) को अपने रिश्‍तेदारों के साथ श्री राम मंदिर में तीर्थ यात्रा के लिए भेज दिया था. अप्‍पला ने बताया कि इस नौका में उनके परिवार के 11 लोगों शामिल थे, जिसमें से केवल एक सदस्‍य को ही बचाया जा सका था.


भाग्यलक्ष्मी ने बताया, नवजात शिशुओं में भी उनकी (मृतक) बहनों के समान लक्षण हैं. दोनों बच्चे पूरी तरह से स्‍वस्‍थ हैं. उन्‍होंने बताया कि हादसे के दिन मेरी साल अपनी दोनों पोतियों के साथ नाव में सवार थीं. इस हादसे ने हमारे पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया. नाव हादसे में हमारे परिवार के 10 रिश्‍तेदारों की मौत हुई थी. हालांकि, अब हम नवजात शिशुओं के आगमन से बहुत खुश हैं.


डॉ. पी सुधा पद्मश्री ने बताया कि दंपति ने उनसे एक साल पहले संपर्क किया था. अपनी दो बच्चियों को खोने के बाद से दंपति काफी सदमे में थे. मैंने उन्‍हें आईवीएफ प्रक्रिया के बारे में समझाया और इलाज शुरू किया. हमने दंपति को 20 अक्‍टूबर की तारीख थी लेकिन बच्‍चों ने  15 सितंबर को ही जन्‍म ले लिया.

 


Share

Leave a Reply