प्लास्टिक बैन कराने के लिए पुलिस से भिड़ी युवती, कहा.....
धनबाद : झारखंड में एक युवती प्लास्टिक बैन कराने के लिए पुलिस वालों से उलझ गयी. दरअसल धनबाद नगर निगम कार्यालय में बुधवार को एक युवती ने प्लास्टिक को बैन कराने के लिए जमकर हंगामा किया और पुलिस तक से भिड़ गयी. इस दौरान महिला पुलिसकर्मी और नगर निगम के सुरक्षा कर्मियों के साथ युवती की तीखी बहस हो गयी. बात धीरे-धीरे हाथापाई तक पहुंच गयी. इधर इस हंगामे के कारण धनबाद नगर निगम कार्यालय में लोगों की भीड़ जमा हो गयी. इस दौरान कार्यालय में काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही.दरहसल प्लास्टिक बैन करवाने के लिए एक आक्रोशित प्लास्टिक बैन करवाने के लिए एक आक्रोशित युवती नगर निगम के कार्यालय पहुंची. प्लास्टिक पर बैन लगाने को लेकर युवती निगम आयुक्त को भी दोषी बताया, उसने पुलिसकर्मियों, सुरक्षा कर्मियों से बात करते हुये कहा कि आपका कमिश्नर अनपढ़ है
क्या? उन्हें प्लास्टिक का नुकसान नहीं दिख रहा है. वह लगातार नगर आयुक्त से मिलने की बात भी कह रही थी, लेकिन, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे आयुक्त से मिलने नहीं दिया. देखकर जब वहां पर मौजूद महिला सुरक्षाकर्मी उसे समझाने पहुंची तो युवती सुरक्षाकर्मियो से ही भिड़ गई. महिला पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई पर उतारू हो गई. काफी देर तक युवती वहां पर हंगामा करती रही. इस दौरान निगम के द्वारा पुलिस को सुचना दिये जाने के बाद पिंक पेट्रोलिंग की टीम मौके पर पहुंची, जिनके सामने भी युवती सुरक्षाकर्मियों पर हाथापाई का आरोप लगाते दिखी. बार-बार नगर निगम पर शहर मे गंदगी फैलाने का आरोप भी लगाती रही और धनबाद में पॉलिथीन पर बैन लगाने की मांग करती दिखी. बताया जाता है
कि जब युवती को आयुक्त से नहीं मिलने दिया गया तो वह और ज्यादा नाराज हो गयी और वहां हंगामा करने लगी. उसने निगम गेट के सामने हाथ में लिए पॉलिथीन की थैलियों को दिखाना शुरू कर दिया. साथ ही पॉलिथीन के थैलियों को कार्यालय परिसर में ही जमा करने लगी. इसको देखकर जब वहां पर मौजूद महिला सुरक्षाकर्मी उसे समझाने पहुंची तो युवती सुरक्षाकर्मियो से ही भिड़ गई. महिला पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई पर उतारू हो गई. काफी देर तक युवती ने नगर निगम के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वह लोग प्लास्टिक पर लिखकर ही प्लास्टिक को बैन करने की अपील कर रही है, पूरे शहर में प्लास्टिक कचरा फैला हुआ है. यह कहां तक सही है. इस दौरान वहां पर मौजूद महिला पुलिस अधिकारी के समझाने के बाद युवती थोड़ी शांत हुई. युवती के द्वारा बताया गया कि प्लास्टिक पर रोक लगाने के बजाए प्लास्टिक के ऊपर ही प्रचार प्रसार किया जा रहा है. नगर आयुक्त के द्वारा प्लास्टिक इस्तेमाल को रोक लगाने के लिए कोई कारागार कदम नहीं उठाया जा रहा है. नगर आयुक्त यूपीएससी करने के बाद इस पद पर विराजमान यूपीएससी करने के बाद इस पद पर विराजमान हुए हैं, उसके बाद भी उन्हें जरा भी इस बात का ख्याल नहीं है कि प्लास्टिक पर रोक कैसे लगाई जाए? हर स्थानों पर खुले में प्लास्टिक को फेंक दिया जा रहा है, उन स्थानों पर फेंके प्लास्टिक को गाय खा रही है. नगर निगम को प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सख्ती से कदम उठाना चाहिए.







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