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गजब की खबर : आतंकियों ने जिस बच्चे का किया था अपहरण, वह बना उनसे भी खूंखार आतंकी, दोस्त की ही उतरवा दी खाल

गजब की खबर : आतंकियों ने जिस बच्चे का किया था अपहरण, वह बना उनसे भी खूंखार आतंकी, दोस्त की ही उतरवा दी खाल
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हेग/नई दिल्लीये कहानी है एक स्कूली बच्चे की। एक मासूम बच्चा, जो पढ़-लिखकर कुछ करना चाहता था। मगर शायद किसी ने भी नहीं सोचा था कि वो बड़ा होकर एक हैवान बन जाएगा। वह स्कूल जा रहा था, लेकिन रास्ते में आतंकियों ने अपहरण कर लिया। बस फिर उसकी जिंदगी बदल गई। हाल ही में हेग स्थित इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने इस खूंखार अपराधी को मानवता का दुश्मन माना। इसे 70 में से 61 आरोपों में दोषी पाया गया। इस शख्स का नाम है डोमिनिक ओंगवेन।


बीती चार फरवरी को अंतरराष्ट्रीय अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ओंगवेन को मानवता के खिलाफ काम करने और वार क्राइम का दोषी पाया। युंगाडा के खूंखार संगठन LRA (लॉर्ड्स रेजिस्टेंस आर्मी) का खतरनाक कमांडर डोमिनिक ओंगवेन। इस संगठन का पहला कमांडर जो अंतरराष्ट्रीय अदालत में पेश हुआ। ओंगवेन की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। एक समय वह गृह युद्ध का सताया हुआ था, लेकिन बाद में वह खुद अत्याचारी बन गया।


4000 लोगों ने गवाही दी
ओंगवेन के खिलाफ मुकदमा चला। उस पर आरोप लगे कि 2002 से 2005 के बीच अत्याचारों की सारी हदें पार कर दीं। उसने बच्चों को बंधक बनाया। सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। लोगों की खाल उधड़वा दी। लड़कियों को जबरन अगवाकर उनके साथ रेप किया। बहुत सी तो गर्भवती भी हो गईं। बाइबिल के अनुरूप राज्य स्थापित करने वाले इस संगठन ने तीन दशक में एक लाख से ज्यादा लोगों को मार दिया। 60 हजार से ज्यादा बच्चों को किडनेप कर लिया। ओंगवेन पर यह भी आरोप है कि 2004 में शरणार्थियों के चार कैंपों पर हमले किए और कत्लेआम मचाया। 4000 से ज्यादा लोगों ने इस शख्स के खिलाफ गवाही दी। जल्द ही उसे सजा सुनाई जाएगी।


एक घटना से बदल गई जिंदगी
डोमिनिक ओंगवेन का जन्म 1975 में चूरुम, किलक काउंटी, अमुरु जिला, उत्तरी युगांडा के गाँव में हुआ था। ओंगवेन 9 या 14 साल का था, जब स्कूल जाते वक्त उसे एलआरए (LRA) के लड़ाकों ने किडनेप कर लिया था। 1987 या 1988 में उसने भागने की भी कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा। इसके बाद अगले दो दशकों में उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई और वह यूंगाडा का सबसे खूंखार कमांडर साबित हुआ। उसकी मां को लड़ाकों ने मार डाला जबकि पिता को आतंकी समझकर सुरक्षा बलों ने।


दोस्त की खाल उतरवाई, आंते निकालकर पेड़ से टांगा
बताते हैं जब ओंगवेन ने एलआरए (LRA) की पकड़ से भागने की कोशिश की और वह नाकाम रहा तो उसे अमानवीयता की हद पार करने वाले करने वाले काम करने पड़े। उसके साथ कुछ और लोगों को किडनेप किया गया था। चेतावनी के तौर पर ओंगवेन को अपने जिंदा साथी की चमड़ी शरीर से अलग करने को कहा गया। यह चेतावनी थी कि भागने पर क्या अंजाम होगा। इंटरनेशनल कोर्ट में ओंगवेन का पक्ष रखते हुए वकील ने बताया कि उन्होंने उस इंसान की खाल उधेड़ दी थी। उसकी आंते बाहर निकालकर उसके शव को पेड़ से टांग दिया था।


अमेरिका ने रखा 50 लाख डॉलर का इनाम
बाद में बड़ा होकर यही छात्र एक खूंखार अपराधी बन गया। आगे चलकर वह LRA का टॉप कमांडर बना। उस पर हत्या, किडनेपिंग, जबरन रेप, लोगों को गुलाम बनाने के आरोप लगे। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने 2005 में उसके खिलाफ वारंट जारी किया। यहां तक कि अमेरिका ने उसके सिर पर 50 लाख डॉलर (करीब 36 करोड़ रुपये) का इनाम रखा। 2015 में उसने आत्मसमर्पण किया और 4 फरवरी, 2021 को उसे दोषी ठहराया गया।


लोगों ने फैसले पर जताई खुशी
उसके दोषी पाए जाने के बाद युंगाडा में लोगों के चेहरों पर खुशी देखी गई। इस खूंखार अपराधी के खिलाफ जब कार्रवाई चल रही थी तो युंगाडा में लोग रेडियो से चिपके बैठे हुए थे ताकि पल-पल की जानकारी ले सकें। जैसे ही उसे दोषी ठहराया गया तो लोगों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए क्योंकि उन्होंने अत्याचार में अपनों को खोया था।


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