चातुर्मास का अंतिम कार्यक्रम भिक्षु दया संपन्न
आध्यात्मिक चातुर्मास आनंद पुष्कर दरबार में अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है साध्वी भगवंतो को श्रमण संघ परिवार के सदस्यों ने उपहार के रूप में भिक्षु दया कर एक उपहार उनकी झोली में डाला है
एक दिन जैन साधु संत जिस तरह से जीवन जीते हैं जैसी अपनी आहार चर्या की पालन करते हैं उसी तरह का जीवन श्रमण संघ के वर्धमान सेवा मंच श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल एवं श्रमण संघ के बड़े बुजुर्गों ने भी 1 दिन का साधु जीवन जीते हुए यह तप आराधना की इस अवसर पर श्रमण संघ के प्रत्येक सदस्यों में हर्ष और उल्लास का वातावरण था
प्रातः 6:30 बजे से आयोजित इस भिक्षु दया तप महोत्सव में किस तरह के अपने आचरण को रखना है किस तरह से भिक्षा मांगना है उनके नियम एवं सिद्धांत साध्वी श्री रत्न ज्योति एवं साध्वी विचक्षण श्री ने धर्मसभा में श्रमण संघ के सदस्यों को बताया
साध्वी श्री वंदिता ने लोगस्स सूत्र पर का ध्यान अनुष्ठान कराया 24 तीर्थंकरों की स्तुति करते हुए इस अनुष्ठान को कराया गया जिसे उपस्थित सभी जन समूह ने खूब सराहा
साध्वी डॉ विचक्षण श्री के मार्गदर्शन में आज दोपहर को श्रमण संघ के युवा सदस्यों के लिए जैन धार्मिक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का भी आयोजन आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग में रखा गया था







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