बिल जमा नहीं करने पर निजी अस्पताल ने नहीं सौंपा शव ..
जबलपुर : धनी की कुटिया न्यू रामनगर आधारताल निवासी महिला दुर्गेश चौहान (50) को सांस लेने में परेशानी के बाद महाकौशल अस्पताल में 11 दिसम्बर को भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उनके इलाज का बिल 47 हजार रुपये बकाया था। जब मृतका दुर्गेश की बेटी सीता और गीता ने शव मांगा, तो अस्पताल प्रबंधन ने बिल जमा करने के लिए कहा।
यह बात नोडल अधिकारी डॉ. दुबे और डॉ. हजारी को मिली, जिसके बाद वह अस्पताल पहुंचे और बच्चोंकी आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी लेकर अस्पताल प्रबंधन को बिल में छूट देने के लिए कहा। मृतका के पड़ोसी आरक्षक मोहम्मद खान ने कलेक्टर को केयर बाय कलेक्टर वाट्सएप नंबर पर मैसेज भेज दिया। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मामले में सीएमएचओ डॉ. रत्नेश कुरारिया को मैसेज भेज कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने 47 हजार रुपए बिल में से 37 हजार रुपए कम कर लिए और दस हजार रुपए आरक्षक मोहम्मद खान ने अस्पताल में जमा करा दिए। बताया जा रहा है कि मृतका दुर्गेश चौहान के परिवार में उसकी दो बेटियां ही हैं, महिला मजदूरी करके अपनी बेटियों का जीवन-यापन कर रही थी।







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