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जिले के इस गाँव के सरपंच ने सुनाया तुगलकी फरमान, गाँव वालों के द्वारा 2 मटके से ज्यादा पानी भरा गया तो होगी कार्यवाही

जिले के इस गाँव के सरपंच ने सुनाया तुगलकी फरमान, गाँव वालों के द्वारा 2 मटके से ज्यादा पानी भरा गया तो होगी कार्यवाही
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डिंडौरी | देश के लगभग सभी राज्य इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं. कई राज्यों में पानी की भारी किल्लत भी झेलनी पड़ रही है. मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के एक गांव में भी लोग पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं. यहां के ग्रामीणों को रोजाना केवल 2 ही मटके पानी भरने को मिल रहा है. इतना ही नहीं इस गांव में पानी की समस्या इतनी विकट है कि सरपंच को इसके लिए मुनादी करानी पड़ी. डिंडौरी जिले में आने वाले अझवार गांव में सरपंच ने हाल ही में मुनादी कराई है.

इसमें कहा गया है कि सभी ग्रामीणों को रोजाना केवल 2 ही मटके पानी भरने की अनुमति होगी. इससे ज्यादा पानी भरने पर कार्रवाई की जाएगी. इस व्यवस्था से सभी को पानी मिल सकता है. जानकारी के मुताबिक इस गांव में केवल एक ही हेंडपंप है. जो बस स्टेंड के पास है. इसमें भी गर्मियों के दिनों में पानी कम हो जाता है. ऐसे में सभी गांव वालों को कम से कम 2 मटके पानी तो मिल जाए, इसलिए यह मुनादी की गई है.

पीएचई विभाग का दावा नहीं है पानी की दिक्कत
वहीं पूरे मामले के बारे में पीएचई विभाग बिल्कुल अलग ही दावे करता है. पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री शिवम सिन्हा ने बताया कि अझवार गांव में बस स्टेंड के पास हेंडपंप लगा है. इसमें पर्याप्त पानी है. इस नल पर महिलाएं बर्तन और कपड़े धोती हैं. इस कारण पानी की समस्या हो जाती है. शिवम सिन्हा ने बताया कि इस गांव की आबादी करीब 600 है. वहीं गांव में करीब 6 हैंडपंप चालू हैं.

मजबूरी में करानी पड़ी मुनादी
गांव के जनपद सदस्य राजेश कुशराम ने बताया कि गांव में पानी की किल्लत है. एक ही नल से पानी सभी को भरना पड़ता है. इस कारण इसमें पानी सूख जाता है. इसलिए सभी की सहमति से गांव में मुनादी कराई गई है. ताकी सभी को बराबर पानी मिलता है. गांव में पानी की समस्या है. पंचायत को इस पर ध्यान देना चाहिए. इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी की कमी नहीं होनी चाहिए.


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