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इस नेता ने कहा डॉ रमन, अभिषेक सिंह की आय से अधिक संपत्ति मामले में अगर मुझे जेल जाना पड़े तो भी सहर्ष स्वीकार है

इस नेता ने कहा डॉ रमन, अभिषेक सिंह की आय से अधिक संपत्ति मामले में अगर मुझे जेल जाना पड़े तो भी सहर्ष स्वीकार है
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रायपुर। कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा की पत्रकार वार्ता के बाद अपना बयान जारी किया। विनोद तिवारी ने कहा मुझे जानकारी मिली कि मैंने झूठ बोलकर डॉक्टर रमन सिंह को बदनाम करने के लिए पीएमओ के पत्र का झूठा प्रचार किया है। यदि मेरी जानकारी सहीं होने के बाद भी भाजपा उसे गलत ठहरा रही है, तो मुझे डॉ रमन और अभिषेक सिंह की आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल भी जाना पड़े तो सहर्ष स्वीकार है।
विनोद तिवारी ने कहा, मैने 15 दिसंबर 2019 को पत्र क्रमांक VT/RPR/1801 प्रधानमंत्री को ‘‘जल्लाद‘‘ नाम को परिवर्तित करने के लिए आग्रह किया था। मैंने प्रधानमंत्री के संज्ञान में यह बात लाई गई थी कि एक परिवार पिछले कई पिढ़ियों से लोगों को मृत्यु देने का काम करते आ रहे हैं और उनको ‘‘जल्लाद‘‘ एवं उनके परिवार को भी ‘‘जल्लाद‘‘ का परिवार कहकर अपमानित किया जाता है।
26 जुलाई 2020 और 04 अगस्त 2020 को छ.ग. के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह, उनके पुत्र अभिषेक सिंह और उनके परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ वर्ष 2003 के बाद गंभीर आर्थिक अनियमितता और आय से अधिक संपत्ति अर्जित किये जाने की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई थी।
इस शिकायत को पी.एम.ओ. द्वारा पंजीकृत किया गया है और उचित कार्रवाई के लिए अवर सचिव, अंबूज शर्मा को हस्तान्तरित की गई। मेरे 01 अक्टूबर 2020 को ई-मेल से भी स्मरण कराया गया और उचित कार्रवाई के लिए प्रार्थना की गई।
मुझे भारत सरकार की तरफ से 05 अप्रैल 2021 का पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें राज्य सरकार को यह कहा गया कि ‘‘पुलिस‘‘ और ‘‘पब्लिक आर्डर‘‘ राज्य शासन के विषय हैं। भारत के संविधान के सातवीं सूची में वर्णित है। राज्य शासन का काम है कि अपराध एवं अपराधियों का पता लगाये, उन्हें रोके और उन्हें सजा दिलाये इसलिये मेरी रिप्रजेन्टेशन पर राज्य शासन जो उचित समझे वो कार्रवाई करें।
भारत सरकार के द्वारा प्राप्त पत्र में क्योंकि अपराध एवं अपराधियों को सजा दिलाने और कार्रवाई करने का वर्णन है इसलिये मेरे द्वारा किसी भी तरह से यह नहीं सोचा जा सकता है कि यह पत्र डॉक्टर रमन सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह पर कार्रवाई के लिए नहीं है और सिर्फ ‘‘जल्लाद‘‘ नाम बदलने बाबत है।
मुझे भारत के संविधान पर भरोसा है और अगर मुझसे कोई गलती हुई है तो राज्य शासन एवं भारत सरकार जो उचित कार्रवाई मेरे खिलाफ करना चाहे मुझे स्वीकार्य है, परन्तु मेरे द्वारा भारत सरकार को पर्याप्त साक्ष्य के साथ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत डॉक्टर रमन सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह के खिलाफ दी है।
 


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