इस बार सकट चौथ पर बन रहा विशिष्ट संयोग, इन शुभ मुहूर्तों में करें पूजा- अर्चना, होगा लाभ ही लाभ
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक सकट चौथ का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष सकट संकष्टी 21 जनवरी को मनाई जाएगी। इसे संकष्टी चतुर्थी, लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी, तिलकुट चौथ, तिलकुट चतुर्थी, संकट चौथ, माघी चौथ, तिल चौथ आदि नामों से जाना जाता है। ज्योतिषाचार्य अंकित चौधरी कहते हैं कि सकट चौथ व्रत में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए उपवास रखती हैं। मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत रखने और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से संतान के ऊपर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं।
सकट चौथ पर शुभ संयोग
• भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद् मेरठ चैप्टर के चेयरमैन ज्योतिषाचार्य आचार्य मनीष स्वामी कहते हैं कि सकट चौथ पर सौभाग्य योग बन रहा है, जो बहुत शुभ माना जाता है। इस योग में किया गया कोई भी कार्य और पूजा पाठ से सफलता प्राप्त होती है। सकट चौथ पर सौभाग्य योग दोपहर 3:06 बजे तक रहेगा और उसके बाद शोभन योग शुरू होगा।
सकट चौथ शुभ मुहूर्त
• चतुर्थी तिथि प्रारम्भ -21 जनवरी को सुबह 8:51 बजे
• चतुर्थी तिथि समाप्त-22 जनवरी को सुबह 9:14 बजे
• सकट चौथ के दिन चन्द्रोदय समय-रात्रि 9:05 बजे
सकट चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त-
आचार्य मनीष स्वामी के अनुसार शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माने जाने वाले अभिजीत मुहूर्त भी 21 को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेंगे। सकट चौथ के दिन सुबह से दोपहर 3.06 बजे तक सौभाग्य योग होता है। इसके बाद शोभन योग शुरू होगा, जो 22 को दोपहर तक है।
चंद्रोदय का दर्शन मुहूर्त-
संकष्टी चतुर्थी तिथि पर व्रत रखने के बाद चंद्रमा का दर्शन अवश्य किया जाता है। 21 जनवरी की रात को सकट चौथ पर चंद्रमा 09.05 बजे निकलेगा। ऐसे में जो महिलाएं सकट चौथ का व्रत रखेंगी वे पूजा के बाद चंद्रमा के दर्शन करते हुए जल अर्पित करें। हालांकि अलग-अलग जगहों पर चंद्रमा के निकलने का समय अलग हो सकता है।







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