पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, CM योगी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। 16 अगस्त 2018 को निधन के बाद आज उनकी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया और उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को नमन किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने विचारों, मर्यादित आचरण और कर्मठ जीवन के जरिए भारतीय लोकतंत्र में शुचिता और राजनीति में नैतिकता के उच्च मानक स्थापित किए। योगी ने उनके जीवन को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का उदाहरण बताया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए उन्हें राष्ट्रवादी चिंतक, प्रखर वक्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा, सुशासन, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति अटल जी का समर्पण हमेशा देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का मजबूत प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी का विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रहित के प्रति समर्पण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने विचार और सिद्धांत आधारित राजनीति के उच्च मानक स्थापित किए। उनके नेतृत्व में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों को देश के सामर्थ्य और राष्ट्रहित से जोड़ते हुए उन्होंने उनके योगदान को याद किया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अटल जी को राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीति में शुचिता का आदर्श बताया। वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें भारतीय राजनीति का अजातशत्रु और कुशल राजनीतिज्ञ बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे और अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व शैली, लोकतांत्रिक सोच तथा राजनीतिक निर्णयों के लिए जाने जाते थे। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों और योगदान को याद किया।
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