दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से भाई-बहन की मौत, इलाके में हड़कंप
इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा से दर्दनाक खबर सामने आ रही है, जिले के जसवंतनगर इलाके में गुरुवार को मालगाड़ी की चपेट में आकर भाई-बहन की मौत हो गई. यह हादसा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यानी डीएफसी पर आगरा से कानपुर की तरफ जा रही मालगाड़ी से हुआ. इटावा के एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने गुरुवार को यह जानकारी दी.
एसएसपी सिंह ने बताया कि यह हादसा सुबह 6:30 बजे तब हुआ जब भाई-बहन रेल पटरी क्रॉस कर रहे थे. इन दोनों की पहचान सिसहाट गांव के रहनेवाले सज्जन कुमार के बेटे नीतेश (15) और अंजू (17) के रूप में हुई. ये दोनों अपने खेत पर धान की फसल की कटाई करने जा रहे थे. ट्रैक पार करते समय ट्रेन आ गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया.
नीतेश को मौत खींच लाई दोबारा रेलवे ट्रैक पर
पुलिस के मुताबिक, सज्जन कुमार की डेढ़ बीघा खेती है. उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. उनकी पांच संतानें थीं, जिनमें से अब घर पर बेटा ऋषि ( 20) और बेटियां शिवानी (18) और रूबी (10) बचे हैं. हादसे के बारे में बताया जा रहा है कि नीतेश ने मालगाड़ी को देख लिया था. मालगाड़ी की स्पीड ज्यादा थी और उसकी बहन ट्रैक पर चल रही थी. वह उसे धक्का देकर दूर हटाने की कोशिश करना चाहता था, लेकिन इस दौरान वह भी मालगाड़ी की चपेट में आ गया और मौके पर ही दोनों की मौत हो गई. हादसे के वक्त अंजू की बड़ी बहन शिवानी भी साथ थी. उसने रेलवे ट्रैक पार कर लिया था. नीतेश ने भी रेलवे ट्रैक पार कर लिया था. लेकिन तब तक उसकी निगाह टूंडला की तरफ से तेज रफ्तार आ रही मालगाड़ी पर पड़ गई और इस वक्त अंजू रेलवे ट्रैक पर ही थी. उसने अंजू को आवाज लगाई, लेकिन ट्रेन की आवाज में अंजू तक नीतेश की आवाज नहीं पहुंची. तब वह उसे बचाने दौड़ा.
शिवानी ने लिया है धान कटाई का ठेका
भाई बहन की मौत की खबर जैसे ही गांव के लोगों ने सुनी तो गांव में मातम पसर गया. पिता सज्जन लाल बीमारी के चलते मेहनत का काम नहीं कर सकते हैं. हालांकि उनकी बेटियां अंजू, शिवानी और बेटा नीतेश मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे. बड़ा बेटा ऋषि राजकोट में रहकर हलवाई गिरी करता है. बच्चों की मेहनत मजदूरी से घर का चूल्हा जलता था. बताया गया है कि सज्जन की बेटी शिवानी ने धान की फसल की कटाई का ठेका अन्य किसानों से लिया था. गुरुवार सुबह को वे तीनों लोग काम करने घर से निकले थे. ग्रामीणों ने बताया कि अंजू बीएससी फर्स्ट इयर की छात्रा थी, जबकि नीतेश 9वीं में पढ़ता था. बड़ी बहन शिवानी ने हाईस्कूल पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी.







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