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भारत में बेरोजगारी दर में हुआ इजाफा, अप्रैल में बढ़कर हुई 7.83 फीसदी, ये राज्य रहा अव्वल

भारत में बेरोजगारी दर में हुआ इजाफा, अप्रैल में बढ़कर हुई 7.83 फीसदी, ये राज्य रहा अव्वल
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नई दिल्ली : एक ओर जहां देश में अर्थव्यवस्था तेजी से रिकवर कर रही है और देश का जीएसटी कलेक्शन नए मुकाम पर पहुंच रहा है, तो वहीं दूसरी ओर देश में बेरोजगारी की समस्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल महीने देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 7.83 फीसदी पर पहुंच गई। सुस्त मांग और महंगाई का असर सीएमआईई के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों की बात करें तो हरियाणा में बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा रही। जबकि दूसरे नंबर पर राजस्थान का नाम आता है। हरियाणा में यह 34.5 फीसदी और राजस्थान में 28.8 फीसदी दर्ज की गई है।

इस बीच, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम में बेरोजगारी सबसे कम थी, जहां बेरोजगारी दर क्रमशः 0.2 प्रतिशत, 0.6 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत थी। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, सुस्त घरेलू मांग और बढ़ती कीमतों के बीच आर्थिक सुधार की धीमी गति से रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि मार्च में उपभोक्ता महंगाई दर 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर 6.95 फीसदी हो गई है। श्रमिक भागीदारी भी कम हो गई मुंबई स्थित सीएमआईई रोजगार के आंकड़ों के साथ ही श्रमिक भागीदारी पर भी पैनी निगाह रखती है और इसके आंकड़े जारी करती है।

जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, श्रमिक भागीदारी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसमें बताया गया कि देश के कामगारों में नौकरी ढूढ़ने वालों की दर मार्च 2022 में कम होकर 39.5 फीसदी रह गई, जबकि मार्च 2019 में यह आंकड़ा 43.7 फीसदी पर था। इससे इस बात की पुष्टि होती है बड़ी संख्या में पेशवरों ने नौकरी ढूढ़ना बंद कर दिया है।

क्योंकि महामारी के दौरान लाखों लोगों की नौकरी चली गई थी। हालांकि, सरकार ने दावे का खंडन किया और कहा कि यह अनुमान लगाना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा कि कामकाजी उम्र की आधी आबादी ने काम की उम्मीद खो दी है। सरकार ने कहा कि कामकाजी उम्र की आबादी श्रम बल से बाहर हो गई थी, क्योंकि एक बड़ा हिस्सा शिक्षा प्राप्त कर रहा था या देखभाल करने जैसी अवैतनिक गतिविधियों में लगा हुआ था।  


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