BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

Uttarakhand : 23 जनवरी को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि होगी घोषित !

Uttarakhand : 23 जनवरी को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि होगी घोषित !
Share

 टिहरीः उत्तराखंड की धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक माने जाने वाले श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने का निर्णय बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 23 जनवरी को लिया जाएगा। कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण नरेंद्रनगर स्थित ऐतिहासिक टिहरी राज दरबार में पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए आयोजित होने वाला यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्वाह्न 10:30 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में टिहरी राजपरिवार के प्रतिनिधि, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारी, राजपुरोहित, धर्माचार्य एवं पंचांग गणना करने वाले विद्वान शामिल होंगे। वैदिक मंत्रोच्चार और पंचांग के आधार पर शुभ तिथि और समय की घोषणा की जाएगी। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। इसके साथ ही प्रशासन, मंदिर समिति और पर्यटन विभाग की तैयारियां भी तेज हो जाती हैं।

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के लिए बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं, ऐसे में कपाट खुलने की तिथि को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। गौरतलब है कि परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल में बंद रहते हैं और बसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त तय कर ग्रीष्मकालीन यात्रा का मार्ग प्रशस्त किया जाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक द्दष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।


Share

Leave a Reply