नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

JNU में फिर भड़की हिंसा की आग, ABVP और वाम गठबंधन के बीच झड़प; मारपीट में कई घायल

JNU में फिर भड़की हिंसा की आग, ABVP और वाम गठबंधन के बीच झड़प; मारपीट में कई घायल
Share

जवाहरलाल नेहरू वश्विवद्यिालय (जेएनयू) में अखिल भारतीय वद्यिार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों और वाम गठबंधन आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आईसा) एवं स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के बीच झड़प हो गई जिसमें करीब 12 छात्र घायल हो गये और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये।
छात्रसंघ के सदस्यों ने यूनीवार्ता को बताया कि झड़प में गंभीर रूप से घायल लोगों का नयी दिल्ली स्थित एम्स में इलाज चल रहा है। घटना से संबंधित औपचारिक शिकायत दिल्ली पुलिस में की गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना रविवार रात करीब 10 बजे विश्वद्यिालय के छात्र संघ कार्यालय में हुई। दोनों पक्षों के सदस्य एक दूसरे पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं।
लेफ्ट संगठनों पर पहले भी लगे हैं मारपीट के आरोप
आपको बता दें कि जेएनयू में कोई पहली बार हिंसा नहीं हुई। जेएनयू पहले भी विवाद रहा है। इससे पहले 6 जनवरी 2020 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने लेफ्ट संगठनों को मारपीट का जिम्मेदार ठहराया है। जेएनयू में पढ़नेवाले कुछ छात्र मीडिया के सामने आए। ये एबीवीपी के सदस्य थे। उन्होंने लेफ्ट संगठनों पर मारपीट के आरोप लगाए। छात्र ने कहा कि लड़ाई विंटर सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन को लेकर थी। छात्र के मुताबिक, पीस मार्च के बहाने 700 लोग (लेफ्ट संगठनों के) एकत्रित हो गए थे और उन्होंने ही सर्वर रूम को नुकसान पहुंचाया ताकि रजिस्ट्रेशन बाधित हो जाए।

 


Share

Leave a Reply