अग्रसेन महाविद्यालय द्वारा वेबिनार “कोरोना संकट के दौर में सही खबर देने में जुटे पत्रकार”
रायपुर | अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती रायपुर के पत्रकारिता विभाग द्वारा आज “कोरोना संकट के दौर में पत्रकारों की भूमिका” विषय पर गूगल-मीट के जरिये आयोजित इस वेबिनार में आमंत्रित वक्ता के रूप में सेंट्रल क्रानिकल अंग्रेजी दैनिक के रायपुर संस्करण के स्थानीय संपादक समीर दीवान, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक (मप्र) के प्राध्यापक डॉ नागेन्द्र कुमार सिंह, एवं हिंदी दैनिक पत्रिका के जबलपुर संस्करण के स्थानीय संपादक गोविन्द ठाकरे शामिल रहे. इस वेबिनार में देश के विभिन राज्यों से करीब 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
वेबिनार में सभी आमंत्रित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारिता के सामने इस समय यही सबसे बड़ी चुनौती है कि कोरोना के इलाज और संक्रमण से सम्बंधित अनेक तरह की विरोधाभासी सूचनाएं मीडिया के पास चौबीसों घंटे आती रहती हैं. सोशल मीडिया पर भी जानकारियों कि भरमार है. ऐसे में पत्रकारों पर यह एक कठिन और गंभीर दायित्व है कि वे लोगों तक सही जानकारी पहुँचाएं और उन्हें भय-मुक्त रहने में मदद करें.
विषय की प्रस्तावना रखते हुए अग्रसेन महाविद्यालय में पत्रकारिता संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. विभाष कुमार झा ने कहा कि मीडिया लगातार आ रही ख़बरों से देश और दुनिया में बहुत से लोग अवसाद-ग्रस्त हो गए हैं. यहाँ तक कि अनेक लोगों को मानसिक हालत बेहद नाजुक हो जाने की वजह से मनोचिकित्सक के पास काउंसिलिंग के लिए भी जाने की नौबत आ गई है. ऐसे में क्या खबरों के प्रसारण और प्रकाशन पर सामाजिक दायित्व के तहत एक संयम जरुरी मालूम पड़ता है.
इस विषय पर चर्चा की शुरुआत करते हुए हिंदी दैनिक पत्रिका (जबलपुर) के स्थानीय संपादक गोविन्द ठाकरे ने कहा कि सही और संयमित ढंग से खबरें पाठकों तक पहुंचाने में आज भी अखबार एक विश्वसनीय माध्यम है. उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण आये तमाम तरह के आर्थिक दबावों के बावजूद पत्रकार इस जिम्मेदारी को लगातार निभा रहे हैं.
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक (मप्र) में पत्रकारिता प्राध्यापक डॉ नागेन्द्र कुमार सिंह, ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका संकट के समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि उन्हें समाज को न केवल सही समय पर तथ्यपूर्ण समाचार देना है. बल्कि सोशल मीडिया और अन्य तरीकों से वायरल हो रही भ्रामक सूचनाओं को रोकना भी उनका दायित्व है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की प्रसिद्द कविता “कदम मिलकर चलना होगा...” का जिक्र करते हुए कहा कि यह समय समाज के सभी हिस्सों को साथ मिलकर एक दूसरे के प्रति विश्वास बनाए रखने का है.
अंग्रेजी दैनिक सेंट्रल क्रानिकल (रायपुर) के स्थानीय संपादक समीर दीवान ने हाल ही में हुए कुछ अंतरराष्ट्रीय वेबिनारों का सन्दर्भ देते हुए कहा कि कोरोना के इलाज में एक विशेष प्रकार की दवा को चिकित्सा जगत की एक विश्वस्तरीय शोध-पत्रिका में प्रकाशित आलेख के जरिये बासठ देशों ने डाक्टरों को अमान्य कर दिया था. लेकिन उसी दवा को राजनीति और दवा कारोबार से जुड़े ताकतवर समूहों द्वारा सही बताये जाने के बाद जब विवाद बढ़ा, तो उन्हीं डाक्टरों को अपना बयान वापस लेना पड़ा. श्री दीवान ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका यहीं पर अहम् हो जाती है, कि वह सही और तथ्यपूर्ण जानकारी पाठकों तक कैसे पहुंचाए.
कार्यक्रम में महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. वी.के. अग्रवाल, महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस वेबिनार को सम-सामयिक और उपयोगी बताते हुए कहा कि सभी प्रतिभागियों को जल्द ही ऑनलाइन पंजीयन के आधार पर प्रमाण-पत्र उनके ई-मेल पर भेजे जायेंगे. वहीँ प्राचार्य डा युलेंद्र कुमार राजपूत ने इसमें शामिल सभी अनुभवी वक्ताओं के विचारों को सारगर्भित बताते हुए उन्हें साधुवाद दिया. एडमिनिस्ट्रेटर प्रो अमित अग्रवाल ने इस वेबिनार में करीब ढाई सौ की संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से शामिल प्राध्यापकों, शिक्षकों और पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय युवाओं की भागीदारी पर संतोष जताया. कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित वक्ताओं ने कुछ प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए.







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