अग्रसेन महाविद्यालय में वाणिज्य और प्रबंध संकाय के द्वारा कोविद-19 और आत्मनिर्भर भारत विषय पर हुआ वेबिनार
रायपुर. अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती रायपुर र्में आज “कोविद-19 और आत्मनिर्भर भारत” विषय पर वेबिनार का आयोजन कियागया. वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित इस वेबिनार के प्रथम सत्र में कल्याण महाविद्यालय (भिलाई) में वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ आर.पी. अग्रवाल मुख्य वक्ता रहे. वहीँ दोपहर बाद के सत्र में बस्तर विश्वविद्यालय (जगदलपुर) के कुलपति प्रो.(डॉ) शैलेन्द्र कुमार सिंह आमंत्रित वक्ता रहे.

वेबिनार के प्रारभिक सत्र को संबोधित करते हुए डॉ आर पी अग्रवाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा कोई नई बात नहीं है. महात्मा गांधी ने आजादी के आन्दोलन के समय इसकी चर्चा भी लगातार की थी. उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के समय देश की अर्थव्यवस्था को सँभालने के लिए हमें भी चीन की तरह सेल्समैनशिप को बढ़ावा देना होगा. साथ ही फोर-एल की अवधारणा (लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉ) पर काम करना होगा. डॉ अग्रवाल ने कहा कि बीस लाख करोड़ के राहत पॅकेज का लाभ तत्काल भले ही नज़र नहीं आये, लेकिन आने वाले समय में इससे सूक्ष्म, लघु और मंझोले उद्योगों में गति आएगी. उन्होंने बताया कि जनवरी में देश में सात प्रतिशत बेरोजगारी थी, जो मई के अंत तक 27 प्रतिशत तक बढ़ गई थी. इस पर भी कमी लाने के लिए उद्योगों को मदद करनी होगी.
द्वितीय सत्र को संबोधित करते हुए बस्तर विश्वविद्यालय (जगदलपुर) के कुलपति प्रो.(डॉ) शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि कोविद-19 के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है. इससे निबटने के लिए गाँवों में भी वैसा ही सुविधायुक्त नुनियादी ढांचा बनाना होगा, जैसा बड़े शहरों में होता है. उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही बहुत से उपाय कर रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिले और रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा हो सके. उन्होंने कहा कि पिछले साल मनरेगा में जितने रोजगार दिए गए थे, अभी पिछले तीन महीनों में ही उससे दोगुना लोगों को रोजगार दिए जा चुके हैं. साथ ही नुकसान में चल रहे उद्योगों को उबारने के लिए सरकार को एक दूरगामी नीति बनाकर कार्य करना होगा. तभी आत्म निर्भरता का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा. उन्होंने प्रवासी मजदूरों का विवरण (डाटा-बेस) तैयार करने को भी इस वक्त की सबसे बड़ी जरुरत बताते हुए कहा कि इससे कुशल मजदूरों को उनके कौशल के अनुसार स्थानीय स्तर पर रोजगार देने में मदद मिलेगी.
महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने इस वेबिनार को सफल आयोजन बताते हुए कहा कि इस संवाद से जो सुझाव सामने आये हैं, वे निश्चित रूप से नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी होंगे. इस आयोजन में अपने विचार रखते हुए प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत ने आमंत्रित वक्ताओं के प्रति आभार् व्यक्त किया और कहा कि इस कठिन समय में अर्थव्यवस्था में सुधार लाने से ही बाकी अन्य गतिविधियों को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी. उन्होंने इस दिशा में दोनों वक्ताओं के विचारों को मार्गदर्शन देने वाला बताया. दूसरे सत्र के अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित अग्रवाल ने कहा कि डॉ एस.के. सिंह ने जिन बिन्दुओं की चर्चा की हैं, वे बेहद महत्वपूर्ण हैं. इन्हें लागू करने से स्थिति निश्चित रूप से बेहतर हो सकती है. वेबिनार के दोनों सत्रों में पतिभागियों ने सवाल भी किये, जिनका आमंत्रित वक्ताओं ने विस्तार से जवाब दिया. इस वेबिनार का संचालन प्रबंध संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ शोभा अग्रवाल ने किया तथा तकनीकी समन्वय प्रबंध संकाय के प्राध्यापक प्रो. अभिनव अग्रवाल ने किया.







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