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कब है सावन का पहला सोमवार व्रत? जानें पूजा विधि, मुहूर्त से लेकर सबकुछ

कब है सावन का पहला सोमवार व्रत? जानें पूजा विधि, मुहूर्त से लेकर सबकुछ
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 हिंदू धर्म( hindu dharm) में देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे उत्तम माना गया है। इस पूरे माह में शिव( shiv ji) जी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। वैसे तो धार्मिक दृष्टि से ये पूरा माह विशेष फलदाई है, लेकिन सावन में पड़ने वाले प्रत्येक सोमवार का अलग ही महत्व है। इस ममाह में सोमवार के दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है। सुबह से ही शिव भक्त मंदिरों में जाकर शिवलिंग( shivling) पर दूध, जल और बेलपत्र चढ़ाते हैं।

सावन सोमवार( savan somvar) के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और इसके बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें। साथ ही देवी पार्वती ( parvati)और नंदी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं।

सावन सोमवार पूजा सामग्री( worship things) 

सावन माह में सोमवार पूजा के लिए फूल, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगाजल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री लें।

प्रसाद के रूप में भगवान शिव( god shiv) को घी-शक्कर का भोग लगाएं। आखिर में धूप, दीप से भगवान भोलेनाथ की आरती करें और पूरे दिन फलाहार हर कर शिव जी का स्मरण करते रहें।

सावन का महीना 14 जुलाई( july) 2022 से शुरू होकर 12 अगस्त( august)

ज्योतिषियों के अनुसार इस साल सावन का महीना 14 जुलाई 2022 से शुरू होकर 12 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगा।


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