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सर्दियों में क्यों बदल जाता है पेशाब का रंग? जानें कब है सामान्य और कब गंभीर बीमारी का संकेत

सर्दियों में क्यों बदल जाता है पेशाब का रंग? जानें कब है सामान्य और कब गंभीर बीमारी का संकेत
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 सर्दियों के मौसम में शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। ठंड बढ़ने पर खानपान, पानी पीने की आदत और दिनचर्या में फर्क आ जाता है। इस दौरान कई लोग यह अनुभव करते हैं कि उनके पेशाब का रंग सामान्य से अलग दिखाई देता है। कुछ को यह गहरा पीला लगता है, तो कुछ को हल्का पीला या अलग तरह का। ऐसे बदलाव को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि क्या यह किसी बीमारी का संकेत है।

क्या सर्दियों में पेशाब का रंग बदलना रोग का संकेत है?
लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल की डॉ. एल.एच. घोटेकर का कहना है कि सर्दियों में पेशाब का रंग बदलना जरूरी नहीं कि किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो। ठंड के मौसम में लोग अक्सर पानी कम पीते हैं क्योंकि प्यास कम लगती है और पसीना भी कम आता है। इसके कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो सीधे पेशाब के रंग पर असर डालती है। पर्याप्त पानी न मिलने पर पेशाब गाढ़ा हो जाता है और उसका रंग गहरा पीला दिखाई देता है।

आमतौर पर हल्का पीला रंग सामान्य माना जाता है। लेकिन यदि पेशाब का रंग बहुत गहरा पीला, भूरा, लाल या झागदार नजर आए, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। यदि यह बदलाव थोड़े समय के लिए हो और किसी अन्य परेशानी के बिना अपने आप ठीक हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं होती। वहीं, अगर पेशाब के रंग के साथ जलन, दर्द, बदबू, बार-बार पेशाब आना या लगातार थकान जैसी समस्याएं भी हों, तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में समय पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

कौन सी बीमारियों का खतरा हो सकता है?
पेशाब के रंग में बदलाव कुछ बीमारियों की ओर इशारा कर सकता है। इनमें यूरिनरी इंफेक्शन, किडनी से जुड़ी समस्याएं, लिवर की परेशानी या डिहाइड्रेशन शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ मामलों में ब्लड शुगर की अनियमितता या पीलिया जैसी स्थिति में भी पेशाब का रंग बदल सकता है।

यदि पेशाब का रंग लगातार असामान्य बने रहे या उसमें खून दिखाई दे, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। पेशाब करते समय दर्द या जलन होना भी किसी संक्रमण का लक्षण हो सकता है। इसलिए इन लक्षणों को हल्के में लेने के बजाय समय पर जांच कराना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

कैसे रखें खुद का ख्याल?

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

ठंड में भी प्यास लगने पर पानी न छोड़ें।

संतुलित और साफ-सुथरा आहार लें।

पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें।

किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


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