BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

खालिस्तानी समर्थक सिख फॉर जस्टिस संगठन पर केंद्र की बड़ी कार्रवाई, 40 वेबसाइट बैन करने के आदेश

खालिस्तानी समर्थक सिख फॉर जस्टिस संगठन पर केंद्र की बड़ी कार्रवाई, 40 वेबसाइट बैन करने के आदेश
Share

नईदिल्ली। मोदी सरकार ने एक गैरकानूनी संगठन सिख फॉर जस्टिस से जुड़ी 40 वेबसाइट को बैन करने का आदेश दिया है। संगठन पर आरोप है कि वेबसाइट्स के जरिए यह संगठन गैरकानूनी काम करने के लिए लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा था। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह आदेश गृह मंत्रालय की सिफारिश के आधार पर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें, एक दिन पहले ही इस खालिस्तान समर्थक संगठन के स्वयंभू मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने देशद्रोह और अलगाववाद के आरोप में केस दर्ज किया है। 

गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि इस संगठन ने एक अभियान शुरू किया था जिसके तहत खालिस्तान के समर्थन में रेफरेंडम 2020 यानी जनमतसंग्रह के लिए लोगों से वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा जा रहा है। इस जनमतसंग्रह के तहत सिखों के लिए अलग देश की मांग की जा रही है। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना तकनीक मंत्रालय की सलाह पर आईटी एक्ट 2000 के तहत आदेश जारी कर इस संगठन से जुड़ी 40 वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है।

बता दें कि इस संगठन के पीछे यूके, यूएसए और कनाडा में रह रहे कुछ कट्टरपंथी ताकतें हैं, जो धर्म के नाम पर अलग देश बनाने का मंसूबा रखते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि इस भारत-विरोधी संगठन की पाकिस्तानी एजेंसियों और वहां की सरकार से भी साठगांठ है और उनके बहकावे में वे देश और देश के बाहर भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देते रहते हैं। भारत सरकार ने इस संगठन को पिछले साल ही यूएपीए ऐक्ट के तहत अवैध घोषित कर दिया था। 

Share

Leave a Reply