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पशुधन व मत्स्य विभाग का संयुक्त स्टॉल बना खास आकर्षण, दिखी रोजगार की संभावनाएं

पशुधन व मत्स्य विभाग का संयुक्त स्टॉल बना खास आकर्षण, दिखी रोजगार की संभावनाएं
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 गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशुधन विभाग एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा नवीन मेला मैदान में संयुक्त स्टॉल लगाया गया है, जो श्रद्धालुओं और मेलार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्टॉल पर विभागीय योजनाओं और तकनीकी जानकारियों के प्रति लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

पशुधन विभाग के स्टॉल में वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. बी.के. साहू द्वारा कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया के संबंध में मेलार्थियों को विस्तार से जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि गाय प्रत्येक 21 दिन में गर्म होती है और इस दौरान 12 घंटे के अंतराल में कृत्रिम गर्भाधान किया जाता है। इसके लिए उपयोग में लाया जाने वाला बीज केंद्रीय वीर्य संग्रहालय अंजोरा से प्राप्त किया जाता है। डॉ. साहू ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान की यह सेवा पशुपालकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे पशुधन की गुणवत्ता में सुधार के साथ किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।

वहीं, मत्स्य पालन विभाग के स्टॉल में सजावटी मछलियों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है, जो खासतौर पर बच्चों और युवाओं को खूब लुभा रही है। मेलार्थी सजावटी मछलियों के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनी के माध्यम से विभाग द्वारा जानकारी दी जा रही है कि सजावटी मछली पालन के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग को 60 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत तक शासकीय अनुदान दिया जाता है। प्रदर्शनी में गोल्ड फिश, सिल्वर बार्ब, रूपचंद, निऑन टेट्रा और कोई कार्प जैसी रंग-बिरंगी प्रजातियों की सजावटी मछलियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।


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