दो साधुओं के हत्याकाण्ड मामले की होगी उच्च स्तरीय जांच, 101 हिरासत में
मुंबई। महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या करने से पूरा देश आक्रोशित है।साधुओं की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर भी गुस्सा देखने को मिल रहा है। इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार ने लोगों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए मॉब लिंचिंग के पूरे मामले की जांच आईजी स्तर पर कराने का निर्णय किया है।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को बताया कि हमला करने वाले और जिनकी इस हमले में जान गई-दोनों एक ही धर्म के हैं। बेवजह समाज में धार्मिक विवाद निर्माण करने वालों पर पुलिस और महाराष्ट्र साइबर सेल को कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इस घटना को विवादास्पद बनाकर समाज में दरार पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
पालघर मॉब लिंचिंग पर गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा,कि मुंबई से सूरत जाने वाले 3 लोगों की पालघर में हुई हत्या के बाद मेरे आदेश से इस हत्याकांड में शामिल 101 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। साथ ही उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
पालघर के गड़चिनचले गांव में भीड़ ने दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। भीड़ ने जिस निर्मम तरीके से निहत्थे गेरुआधारी बुजुर्गों और उनके साथ जा रहे ड्राइवर की हत्या की वो पूरे देश को शर्मसार करने वाली है। भीड़ के हत्थे चढ़े साधु मुंबई के जोगेश्सवरी पूर्व स्थित हनुमान मंदिर के हैं।







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