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भारत के मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत: मोदी

  भारत के मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत: मोदी
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नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की उपस्थिति मजबूत हुई है, ऐसे में भारतीय मीडिया को भी 'ग्लोबल होने की जरूरत है। जयपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मीडिया द्वारा सरकार की आलोचना स्वाभाविक है और इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है। मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए मीडिया की सराहना करते हुए इसे लोगों की 'अभूतपूर्व  सेवा बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, 'भारत के स्थानीय उत्पाद आज ग्लोबल हो रहे हैं। भारत की आवाज भी और ज्यादा ग्लोबल हो रही है। दुनिया भारत को और ज्यादा गौर से सुनती है। हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति है। ऐसे में भारत के मीडिया को भी ग्लोबल होने की जरूरत है। स्वच्छ भारत, उज्जवला गैस योजना और जल जीवन मिशन जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने और कोरोना के खिलाफ जंग में मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए मोदी ने सरकार के कार्यों की विवेचना और आलोचना को स्वाभाविक बताया। उन्होंने कहा, 'सरकार की योजनाओं में जमीनी स्तर पर जो कमियां है, उसको बताना और उसकी आलोचना स्वाभाविक है। सोशल मीडिया के दौर में यह और भी ज्यादा स्वभाविक हो गया है। लेकिन आलोचना से सीखना भी हम सबके लिए उतना ही स्वाभाविक और आवश्यक है। इसलिए आज हमारा लोकतंत्र मजबूत हुआ है। इस कार्यक्रम में जयपुर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्यपाल कलराज मिश्र भी शामिल हुए।

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