अब जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों को होगी सात साल की कैद
नईदिल्ली। टैक्स चोरी एक बहुत बड़ा क्राइम है. आयकर विभाग के नियमों के तहत टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान है. यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के टैक्स, जुर्माने या ब्याज को कम करने या गिरवी रखने या अपनी आय को रिपोर्ट करने में किसी भी तरीके से धोखाधड़ी का प्रयास करता है, तो उसे कम से कम 3 महीने से लेकर 7 साल तक तक सलाखों के पीछे रहना पड़ेगा. इसके अलावा आपको जुर्माना भी भरना पड़ेगा. विलफुल टैक्स चोरी करने पर आयकर अधिनियम की धारा 276 सी के तहत सजा का प्रावधान है|
आयकर विभाग की धारा 276 (सी) के तहत अगर कोई शख्स 25 लाख रुपये से ज्यादा का टैक्स छुपाने की कोशिश करता है, तो उसे सजा के तौर पर न्यूनतम 6 महीने की जेल हो सकती है. वहीं, इस क्राइम में अधिकतम सजा 7 साल की जेल होती है. हालांकि धारा 276 सी (2) के तहत अगर छुपाया गया टैक्स 25 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होता है तो करदाता को न्यूनतम 3 महीने की जेल हो सकती है, तो अधिकतम 2 साल तक की हो सकती है|
बता दें कि इस धारा के अंतर्गत आपके खिलाफ तभी मामला दर्ज कराया जा सकता है, जब आपने जानबूझकर टैक्स छुपाया हो. करदाता जानबूझकर खाते से संबंधित किसी किताब या दस्तावेज में इसका उल्लेख न करे. इसके अलावा अब खाते से संबंधित किसी किताब या दस्तावेज में गलत जानकारियां दर्ज कराने पर आपको जेल की हवा खानी पड़ेगी. अन्य कोई गतिविधि जिससे यह साबित होता हो कि आपने टैक्स छुपाने की कोशिश की है तो आपको जेल जाना पड़ेगा. हालांकि आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को उसकी सफाई का मौका दिए बिना उस पर किसी भी तरह का जुर्माना, अभियोजन या फिर अन्य कोई सजा नहीं दी जा सकती है|







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