भारत में पांच दिनों में 769 विदेशी पर्यटकों ने स्ट्रैंडेड इन इंडिया पोर्टल पर कराया पंजीकरण
नईदिल्ली, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच आवश्यक लॉकडाउन की स्थिति में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे विदेशी पर्यटकों की पहचान करने तथा उन्हें सहायता और सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 31 मार्च 2020 को पोर्टल की शुरुआत की।
सहायता प्राप्त करने के लिए ऐसे पर्यटकों को पोर्टल पर लॉग इन करना होगा, अपने संपर्क के बारे में कुछ बुनियादी जानकारी देनी होगी और यदि कोई समस्या या कठिनाई है, तो उसके बारे भी बताना होगा। पोर्टल के शुरु होने के पहले पांच दिनों के भीतर ही देश भर से 769 विदेशी पर्यटक इसपर अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
प्रत्येक राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने ऐसे विदेशी पर्यटकों की सहायता के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया है । पर्यटन मंत्रालय के पांच क्षेत्रीय कार्यालय , पोर्टल पर भेजे जाने वाले अनुरोधों के अनुरूप पर्यटकों को आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए इन नोडल अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं। पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय फंसे हुए विदेशी पर्यटकों के वीजा मुद्दों के संबंध में आव्रजन ब्यूरो और एफआरआरओ के साथ भी समन्वय बनाए हुए हैं। ऐस पर्यटकों को देश के अदंर किसी राज्य में भेजने या उनके देश वापस भेजने के अनुरोध पर विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय संबंधित देशों के दूतावासों / उच्चायोगों / वाणिज्य दूतावासों के साथ समन्वित रूप से काम कर रहे हैं।
पोर्टल फंसे हुए विदेशी पर्यटकों के साथ ई-मेल, टेलीफोन और व्यक्तिगत रूप सें संपर्क स्थापित करने के नजरिए से काफी उपयोगी साबित हो रहा है। पोर्टल के माध्य से ऐसे पर्यटक भारत में रहते हुए अपने देश से संबधित विदेशी कार्यालयों से जुड़े हुए हैं और उन्हें अपने देश वापस जाने के लिए भारत से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उडानों की ताजा जानकारी लगातार मिल रही है। इसके अलावा आवश्यकातानुरूप, उन्हें चिकित्सा सहायता, भोजन और आवास की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
एक महिला, जो अमेरिकी नागरिक है , बिहार के सुपौल जिले में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान फंसी हुई थी और दिल्ली में उसके बेटे की सर्जरी हो रही थी। महिला को पोर्टल के माध्यम से आवश्यक अंतर-मंत्रालयी, अंतर-विभागीय और राज्य-केंद्र समन्वय के आधार पर दिल्ली की यात्रा करने के लिए एक विशेष पारगमन-परमिट दिया गया जिससे वह सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच गई। महिला ने सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा किए गए प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया है।







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