नई आबकारी नीति के खिलाफ भाजपा ने खोला मोर्चा, जनमत संग्रह कर लोगों से ले रहे राय
नई दिल्ली : दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर भाजपा और आप अब आमने सामने आ गए हैं। भाजपा ने आज, शुक्रवार से जनमत नई आबकारी नीति के खिलाफ संग्रह करना शुरू कर दिया है। राजधानी के लगभग हजार से ज्यादा स्थानों पर बॉक्स रखकर भाजपा जनमत संग्रह कर रही है। भाजपा के नेता अलग-अलग स्थानों पर जनमत संग्रह करा रहे हैं और दिल्लीवासियों की राय ले रहे हैं।
इससे पहले भाजपा आबकारी नीति के विरोध में बाइक रैली निकाल चुकी है। जनमत संग्रह कार्यक्रम के तहत जगह-जगह पर नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए गए हैं। खास बात ये है कि पोस्टर के जरिए भाजपा ने आगामी निगम चुनाव को ध्यान में रखकर आम आदमी पार्टी की शराब नीति पर करारा हमला कर रही है।
जनमत संग्रह को लेकर भाजपा ने जो पोस्टर लगाए हैं उसमें आम आदमी पार्टी से सात सवाल पूछे गए हैं। बीजेपी ने पूछा है कि महिला सुरक्षा को खतरे में डालकर और युवाओं के भविष्य को तबाह करने की केजरीवाल सरकार की शराब नीति ठीक है क्या? पोस्टर में दूसरा सवाल धार्मिक स्थलों और स्कूल के निकट शराब की दुकानें खोलने को लेकर पूछा गया है। वहीं तीसरा सवाल धार्मिक त्योहारों और महापुरुषों की जयंतियों पर शराब के ठेके को खुले रखने के फैसले पर पूछा गया है। इसके अलावा शराब के ठेकेदारों के कमीशन को 2 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने पर भी बीजेपी ने सवाल उठाए हैं और लोगों से पूछा है कि क्या ये फैसला सही है। ठेकों की संख्या को बढ़ाए जाने को लेकर भी बीजेपी ने सवाल खड़े किए हैं।







.jpeg)












