लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

 15 जुलाई से जशपुर में शुरू होगा नक्शा नवीनीकरण अभियान 

214 राजस्व ग्रामों की 710 जर्जर नक्शा शीटों का होगा नवीनीकरण, 766 ग्रामों की 2456 शीटों का परीक्षण

भूमि अभिलेख होंगे अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन, राजस्व सेवाओं में आएगी तेजी

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और जनहितैषी बनाने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में 15 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक व्यापक नक्शा नवीनीकरण अभियान संचालित किया जाएगा। कलेक्टर  रोहित व्यास ने वर्ष 2026-27 के लिए नक्शा नवीनीकरण रोस्टर जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

अभियान के तहत जिले के 27 राजस्व निरीक्षक मंडलों में पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण नक्शों का परीक्षण और नवीनीकरण किया जाएगा। कुल 766 राजस्व ग्रामों की 2456 नक्शा शीटों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें 214 राजस्व ग्रामों की 710 जर्जर नक्शा शीटों का नवीनीकरण किया जाएगा। प्रत्येक राजस्व निरीक्षक मंडल के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित करते हुए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है।

रोस्टर के अनुसार 15 जुलाई से मनोरा एवं आस्ता मंडलों से अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जशपुर, लोदाम, आरा, कुनकुरी, नारायणपुर, गोरिया, दुलदुला, सिमड़ा, फरसाबहार, तपकरा, कोल्हेनझरिया, बगीचा, बिमड़ा, कुर्राेग, सरबकोम्बो, सन्ना, पंडरापाठ, कांसाबेल, दोकड़ा, पत्थलगांव, केराकछार, तमता, लुड़ेग, बागबहार और कोतबा सहित सभी चयनित राजस्व निरीक्षक मंडलों में 30 सितंबर तक अभियान पूरा किया जाएगा। 

कलेक्टर के निर्देशानुसार नक्शा नवीनीकरण के दौरान अभिलेखों की शुद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में कार्यालय आयुक्त, भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ को भेजना सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के पर्यवेक्षण के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित पटवारियों को नियमानुसार आवश्यक संशोधन दर्ज करते हुए सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह अभियान भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इससे भूमि अभिलेख अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनेंगे, जिससे सीमांकन, नामांतरण, भू-अभिलेख सुधार सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों का त्वरित, सरल और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो सकेगा।

 

मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर प्रदेश में पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध, राज्य में 30 जून की स्थिति में 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भण्डारण

मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर प्रदेश में पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध, राज्य में 30 जून की स्थिति में 13.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद का भण्डारण

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य  सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के लिए 30 जून तक की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ को माह जुलाई में 46,500 टन डीएपी सप्लाई की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य से अधिक है। इससे अब किसानों के लिए पर्याप्त डीएपी उपलब्ध हो सकेगा। बता दंे कि अब तक भंडारित कुल रासायनिक खाद पिछले साल इसी अवधि में भंडारित रासायनिक खाद की तुलना में 1.08 लाख मीट्रिक टन अधिक है।

वहीं प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों के भण्डारण और वितरण की स्थिति यह दर्शाती है कि सरकार ने खेती के मौसम से पहले ही किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि किसान परिवारों की समृद्धि और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बता दें कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए खरीफ वर्ष 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 30 जून की स्थिति में 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। इनमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी तथा एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक शामिल हैं। यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि किसानों को बुआई के दौरान खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने पहले से व्यापक तैयारी की है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के किसानों को अभी तक 7 लाख 27 हजार 833 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। यह वितरण किसानों की वास्तविक मांग के अनुरूप लगातार किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में 5 लाख 88 हजार 673 मीट्रिक टन उर्वरकों का शेष भण्डार उपलब्ध है, जिससे आगामी दिनों में भी किसानों को निर्बाध रूप से खाद उपलब्ध कराई जा सकेगी।

यदि गत वर्ष की समान अवधि से तुलना करें तो इस वर्ष की उपलब्धियां और भी उत्साहजनक हैं। 30 जून 2025 तक प्रदेश में 12 लाख 25 हजार 929 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण हुआ था, जबकि इस वर्ष यह बढ़कर 13 लाख 16 हजार 506 मीट्रिक टन हो गया है। अर्थात लगभग 90 हजार 577 मीट्रिक टन अधिक खाद का भण्डारण सुनिश्चित किया गया है।

इसी प्रकार, गत वर्ष 30 जून तक 7 लाख 66 हजार 161 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया था। इस वर्ष अब तक लगभग 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों तक पहुंच चुकी है। प्रदेश में वर्तमान में उपलब्ध 5.88 लाख मीट्रिक टन से अधिक का शेष भण्डार आगामी मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है और यह सरकार की दूरदर्शी योजना एवं मजबूत आपूर्ति प्रबंधन का परिचायक है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। यही कारण है कि राज्य सरकार खाद की उपलब्धता, भण्डारण, परिवहन एवं वितरण की सतत निगरानी कर रही है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो रहे हैं।

रायपुर में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे

रायपुर में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे

 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे कृषि मंडपम ऑडिटोरियम में आयोजित ‘राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इसके बाद शाम 5:30 बजे एक निजी होटल में आयोजित ‘संवाद संगोष्ठी’ और शाम 6:45 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘नारी संगम’ कार्यक्रम में भाग लेंगे. इसके बाद वह रात 8 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

 उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना - शर्मा
रायपुर।
ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी।  चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है। 

उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। 
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति
उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
मानव श्रृंखला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी राम जी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री  शर्मा, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर योजना का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, लाभों एवं इसमें जनभागीदारी के महत्व से भी अवगत कराया गया।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वृहद स्तर पर हुआ पौधरोपण
पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढिय़ों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक भावना बोहरा सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : साय

मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का अनुपम संगम : साय

 फॉरेस्ट रेस्ट हाउस "राम वाटिका" में स्थापित भगवान श्री राम की प्रतिमा को नमन कर प्राप्त किया आशीर्वाद
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस "राम वाटिका" में स्थापित भगवान राम की प्रतिमा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, इसके साथ ही उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला भी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएँ तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के संतुलन को बनाए रखा जा सके।
भगवान राम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता का अनुपम आदर्श है, जो युगों-युगों से समस्त मानवता का मार्गदर्शन करता आ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से प्रभु श्री राम द्वारा प्रशस्त आदर्श पथ पर चलते हुए सेवा, सद्भाव एवं समर्पण के भाव से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक  रामकुमार टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : साय

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : साय

 00 मुख्यमंत्री ने रामगढ़ पहुँचकर निहारी सीताबेंगरा की प्राचीन विरासत

00 जोगीमारा गुफा शिलालेख एवं हाथीपोल का किया अवलोकन
00 हमारी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढिय़ों के लिए अमूल्य विरासत
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ऐतिहासिक एवं रामवनगमन पर्यटन परिपथ से जुड़े रामगढ़ में आयोजित दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा का अवलोकन किया तथा इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही जोगीमारा गुफा के प्राचीन शिलालेख, भित्तिचित्रों तथा क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक धरोहर हाथीपोल का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामगढ़ सरगुजा की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य एवं पर्यटन का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत भी विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान रखती है। रामगढ़ जैसी धरोहरें हमारी ऐतिहासिक अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव की अमूल्य निधि हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें और स्थानीय लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों।

उल्लेखनीय है कि रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ भारतीय इतिहास, स्थापत्य, शिलालेख एवं चित्रकला की अनुपम धरोहर मानी जाती हैं। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इन्हीं पहाडिय़ों में अपनी कालजयी कृति मेघदूतम् की रचना की थी, जिसका आरंभ आषाढस्य प्रथमदिवसे से होता है। इसी ऐतिहासिक एवं साहित्यिक स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आषाढ़ के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लगभग 44 फीट लंबी सीताबेंगरा गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच, जोगीमारा गुफा में तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की भित्तिचित्र परंपरा तथा यहाँ प्राप्त प्राचीन अभिलेख इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।
रामगढ़ की एक अन्य महत्वपूर्ण पहचान हाथीपोल नामक प्राकृतिक सुरंग है। लगभग 180 फीट लंबी तथा 15 से 20 फीट ऊँची यह प्राकृतिक सुरंग अपनी अनूठी संरचना के कारण पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप विकसित हुआ। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ इस सम्पूर्ण क्षेत्र को और अधिक रहस्यमयी, आकर्षक एवं ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती हैं। रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर स्थित इन कलात्मक गुफाओं का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है, जिसके कारण यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य

 पंजीयन एवं प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में हासिल किया प्रथम स्थान

 विशेष अभियान के मात्र 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

रायपुर -- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।

मातृ वंदना योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

बिजली बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत -पावर कंपनी

बिजली बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत -पावर कंपनी

 पहले एक दिन की देरी पर लगता था पूरे महीने का चार्ज

अब सिर्फ वास्तविक दिनों का ही लगेगा शुल्क

रायपुर--छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने इस संबंध में तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था वास्तव में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (विलंब अधिभार) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही दोहरा झटका या रोज़ाना ब्याज जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं।

क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों था नुकसान?

       पावर कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद महज एक या दो दिन की देरी से भी बिजली बिल का भुगतान करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज वसूल लिया जाता था। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह थी।

’नई व्यवस्था से ऐसे होगा उपभोक्ताओं का फायदा’

        संशोधित नियमों के बाद अब लेट फीस की गणना पूरी तरह पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी कर दी गई है। अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ता जितने दिन बिल पटाने में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा।

’एक दिन की देरी पर मामूली शुल्क’

       यदि किसी कारणवश उपभेक्ता बिल के भुगतान में केवल एक दिन का विलंब होता है, तो अब पूरे महीने का सरचार्ज नहीं, बल्कि मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार ही देय होगा।

’महीने भर की देरी पर भी कम ब्याज’ 

      यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन का भी विलंब करता है, तब भी कुल अधिभार केवल 1.2 प्रतिशत (0.04 प्रतिशत × 30 दिन) ही बनेगा, जो कि पुरानी व्यवस्था के 1.5 प्रतिशत से काफी कम है।

’भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील’

      पावर कंपनी ने साफ किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दरें कम हुई हैं, बढ़ी नहीं हैं। इसे रोजाना ब्याज लगने या झटके के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने सभी समाचार माध्यमों और आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस सही और स्पष्ट जानकारी को ही साझा करें ताकि उपभोक्ताओं के बीच फैला अनावश्यक भ्रम दूर हो सके।

Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: जिले में कई थाना प्रभारियों का हुआ तबादला, देखे लिस्ट

Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: जिले में कई थाना प्रभारियों का हुआ तबादला, देखे लिस्ट

 दुर्ग।  दुर्ग जिले में पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने शनिवार को तबादला आदेश जारी करते हुए जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं में पदस्थ 10 पुलिस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। इस बदलाव का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाना बताया जा रहा है।

जारी आदेश के अनुसार वैशाली नगर थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा को स्थानांतरित कर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं स्क्रैप चोरी मामले की जांच को लेकर चर्चा में रहे निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज को सुपेला थाना का प्रभार दिया गया है।

इसके अलावा नियंत्रण कक्ष में पदस्थ उप निरीक्षक महेश ध्रुव का एक महीने के भीतर दूसरी बार तबादला किया गया है। उन्हें अब धमधा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

आदेश के तहत उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को छावनी थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि उप निरीक्षक अमित अंदानी का तबादला स्मृति नगर थाना किया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सभी तबादले प्रशासनिक कारणों और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। नई पदस्थापना के बाद सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

देखें आदेश की कॉपी

छत्तीसगढ़ में अब बिना लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम वाली यात्री बसों पर होगी कार्रवाई….

छत्तीसगढ़ में अब बिना लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम वाली यात्री बसों पर होगी कार्रवाई….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने आज इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित परिवहन कार्यालय में सभी बस संचालकों एवं विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने हेतु अधिकृत वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर यात्री बसो में स्थापित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिन बसों में अभी तक वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में यह उपकरण लगा हुआ है लेकिन संचालित नहीं है, उन्हें तत्काल चालू किया जाए।

परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए बसों की वास्तविक समय की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक ऐसी उपग्रह आधारित प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की स्थिति और लोकेशन की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक : खेती का नया और स्मार्ट विकल्प….

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक : खेती का नया और स्मार्ट विकल्प….

 रायपुर: भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच खेती की नई और टिकाऊ तकनीकों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे समय में हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में एक अभिनव और प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यह ऐसी आधुनिक खेती पद्धति है, जिसमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती और पौधों को पानी में घुले पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है।

क्या है हाइड्रोपोनिक्स तकनीक?

हाइड्रोपोनिक्स एक वैज्ञानिक कृषि पद्धति है, जिसमें पौधों की जड़ों को पोषक तत्वों से युक्त पानी में रखा जाता है। इस तकनीक में मिट्टी के स्थान पर विशेष माध्यमों का उपयोग किया जाता है, जिससे पौधों को आवश्यक पोषण सीधे प्राप्त होता है। परिणामस्वरूप पौधों की वृद्धि तेजी से होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है।

कम संसाधनों में अधिक उत्पादन

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक खेती की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। सीमित भूमि वाले किसान, शहरी क्षेत्रों के निवासी तथा छोटे उद्यमी भी इस तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक खेती कर सकते हैं। नियंत्रित वातावरण में फसल उत्पादन होने के कारण मौसम का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम पड़ता है।

पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सहायक

विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोपोनिक्स तकनीक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कम पानी की खपत, रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और भूमि पर कम दबाव के कारण यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। यही कारण है कि इसे भविष्य की टिकाऊ कृषि पद्धतियों में शामिल किया जा रहा है।

युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान करती है। कम स्थान में व्यावसायिक स्तर पर सब्जियां, हरी पत्तेदार फसलें और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलें उगाकर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। इससे युवाओं को कृषि आधारित स्टार्टअप शुरू करने का अवसर मिल रहा है।

सरकार दे रही आधुनिक कृषि को बढ़ावा

केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विभाग तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इससे किसान आधुनिक खेती अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकते हैं।

भविष्य की खेती की ओर एक मजबूत कदम

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग खोल रही है। यह तकनीक कम संसाधनों में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण का संतुलित समाधान प्रस्तुत करती है। आने वाले समय में यह पद्धति किसानों, युवाओं और कृषि उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच के साथ हाइड्रोपोनिक्स खेती न केवल कृषि को अधिक लाभकारी बना रही है, बल्कि खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि  कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक  जे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी  सीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

 रायपुर--छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री  जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोडऩे तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री  जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

एल-नीनो के असर से कम बारिश की आशंका, दलहन-तिलहन की खेती अपनाने पर सरकार देगी 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

एल-नीनो के असर से कम बारिश की आशंका, दलहन-तिलहन की खेती अपनाने पर सरकार देगी 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

 रायपुर। प्रदेश में इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को मौसम के अनुरूप फसल प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से अपलैंड एवं कम जलधारण क्षमता वाली भूमि में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।

कृषि विभाग के अनुसार कम वर्षा की संभावित परिस्थितियों में अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मूंगफली, तिल, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी जैसी फसलें बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। ये फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं तथा प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में किसानों के लिए जोखिम को कम करती हैं।

दलहन-तिलहन की खेती पर मिलेगा प्रोत्साहन

राज्य शासन द्वारा किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत अपलैंड क्षेत्रों में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर की जाती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी हैं वैकल्पिक फसलें

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन एवं तिलहन फसलें कम लागत में बेहतर उत्पादन देने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दलहनी फसलें भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में सहायक होती हैं, जिससे आगामी फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। साथ ही इन फसलों का बाजार मूल्य अपेक्षाकृत अच्छा होने से किसानों की आय में वृद्धि की संभावना रहती है।

अल्प अवधि की धान किस्मों के चयन की सलाह

कृषि विभाग ने मध्यम भूमि वाले क्षेत्रों के किसानों को भी संभावित कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अल्प अवधि में तैयार होने वाली धान किस्मों का चयन करने की सलाह दी है। इससे जल उपलब्धता की अनिश्चितता के बावजूद उत्पादन जोखिम को कम किया जा सकेगा।

कृषि विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल चयन करने, फसल विविधीकरण अपनाने तथा शासन की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है। विभाग का मानना है कि मौसम आधारित कृषि रणनीति अपनाकर किसान न केवल संभावित सूखे के प्रभाव को कम कर सकते हैं, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

 

मोदी के 12 वर्ष: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से आत्मनिर्भर भारत की नई इबारत — बृजमोहन अग्रवाल

मोदी के 12 वर्ष: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से आत्मनिर्भर भारत की नई इबारत — बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के स्वर्णिम अध्याय की एक सुनहरी दास्तान है। विश्वास, विकास और जनकल्याण की यह एक नई गाथा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विकास, आत्मनिर्भरता, वैश्विक सम्मान और गरीब कल्याण का पर्याय बन चुके हैं। वे नए भारत, आत्मनिर्भरता और आत्म संबल का नया अध्याय हैं। पिछले 12 सालों में उनकी सरकार की

योजनाएं कागज से निकलकर जनता के जीवन तक सीधे सीधे पहुंचीं हैं। देश के सभी राज्यों में विकास की नई नई इबारतों के साथ छत्तीसगढ़ में रेलवे पर 50 हजार करोड़ और सड़कों पर 70 हजार करोड़ के कार्य अभी जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व तले देश ने विश्वास, विकास और जनकल्याण की अभूतपूर्व यात्रा की है। यह कालखंड केवल मोदी सरकार के कार्यकाल का नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण, गरीबों के सशक्तिकरण,किसानों के सम्मान, महिलाओं के उत्थान और देश के गौरव को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का स्वर्णिम अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बने हैं। 10 जून को उनके नेतृत्व के 12 साल पूरे हुए हैं।

इस दौरान देश में सुशासन, पारदर्शिता और सेवा भाव पर आधारित शासन व्यवस्था स्थापित हुई है, जिसके कारण जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है। मोदी सरकार ने पहली बार योजनाओं को जाति, वर्ग और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठाकर महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण पर केंद्रित किया। योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा है। यही कारण है कि आज देश का प्रत्येक नागरिक सरकार की योजनाओं को अपने जीवन में महसूस कर रहा है।

मोदी सरकार की सबसे बड़ी ताकत जनता का अटूट विश्वास है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यभार संभाला था तब देश के केवल 7 राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें थीं, जबकि आज 22 राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकारें हैं। यह जनता के भरोसे और सरकार की जनसेवा का ही सबसे सार्थक प्रमाण है। वर्तमान में

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है तथा लाखों करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचे हैं। इसी प्रभावी व्यवस्था के कारण देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अथाह मेहनत का ही सुफल परिणाम है। आज का भारत आतंकवाद और दुश्मनों के सामने झुकने वाला नहीं, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से मुंहतोड़ जवाब देने वाला नया भारत है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा और सम्मान दोनों लगातार मजबूत हुए हैं। जनधन योजना के माध्यम से 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए, जिनमें 32 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के हैं। इससे आर्थिक समावेशन को नई गति मिली है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलाव भी काफ़ी महत्वपूर्ण और अहम हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। अब 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आवास, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। तभी तो

देशभर में 4 करोड़ से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाए गए, 11 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए गए तथा 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर स्वच्छ भारत अभियान को जन आंदोलन बनाया गया

जल जीवन मिशन में 16 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया गया है, जिससे ग्रामीण जीवन और स्वास्थ्य दोनों में व्यापक सुधार आया है।

पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से लाखों रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को सहायता मिली है, जबकि मुद्रा योजना के तहत करोड़ों लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को नई ताकत मिली है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए भी मोदी सरकार के प्रयास सराहनीय हैं।

देश में पहली बार विशेष रूप से जनजातीय समुदायों, विशेषकर अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। मोदी के बहुआयामी नेतृत्व में

देश में सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। जहां पहले प्रतिदिन लगभग 11 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनते थे, वहीं आज यह गति 34 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

रेलवे के आधुनिकीकरण, विद्युतीकरण और अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से देशभर के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। मोदी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में विकास कार्य बेहद जनकल्याणकारी सिद्ध हो रहे हैं। पहले रेलवे के लिए वार्षिक बजट कुछ सौ करोड़ रुपये तक सीमित रहता था, वहीं आज छत्तीसगढ़ में ही लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है और प्रतिवर्ष लगभग 7 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा

छत्तीसगढ़ में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं संचालित हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारों जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई गति देंगी।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24 लाख से अधिक आवासों का निर्माण हुआ है। विष्णुदेव साय सरकार के गठन के बाद 18 लाख नए आवासों की स्वीकृति दी गई है, जो राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा आवास अभियान है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में 2902 किलोमीटर सड़कों के निर्माण सहित लगभग 2700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही कद्दावर नेतृत्व की वज़ह से आज हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया है।

कोरोना महामारी के दौरान भारत ने दुनिया को अपनी क्षमता दिखाई। देश ने न केवल अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की बल्कि वैक्सीन मैत्री अभियान के माध्यम से अनेक देशों की भी सहायता की।

आज देश की प्राचीन पुरातन

योग प्रणाली को विश्व के 177 से अधिक देशों ने स्वीकार किया है।

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अनुकरणीय पहल से ही यह सम्भव हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए गए सर्वोच्च सम्मान भारत की 140 करोड़ जनता के सम्मान का प्रतीक हैं। अब मोदी केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, निर्णायक नेतृत्व, आत्मनिर्भर भारत, वैश्विक सम्मान, गरीब कल्याण और नए भारत के संकल्प के प्रतीक हैं। आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी कार्यशैली से भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर किया है।

पिछले 12 सालों में मोदी जी ने जितने जनकल्याणकारी कार्य किए हैं, उतने कॉंग्रेस के पिछले 68 वर्षों के कार्यकाल में नहीं हुए। आज भारत की पहचान वैश्विक पटल पर सम्मान के साथ लगातार बढ़ती जा रही है, जो कि मोदी जी के नेतृत्व का ही सुनहरा परिणाम है।

देश में 500 सालों बाद राम मंदिर का निर्माण हो या कश्मीर से अनुच्छेद 370 का खात्मा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रहित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के ऐतिहासिक 4399 दिनों (मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों) के सफल कार्यकाल में अंत्योदय देश में हर जगह साकार हुआ है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना था कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े, सबसे गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए और उनके घर में उन्नति का ‘दीया’ जले। इस संकल्प को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धरातल पर उतारा है। और इस तरह ही अंत्योदय देश की ग्रामीण व्यवस्था में देखने को मिला है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के 4 करोड़ से अधिक गरीबों को पक्की छत प्रदान की गई है। पहले इसमें जहां मामूली राशि मिलती थी, वहीं आज पारदर्शिता के साथ 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिससे गरीबों के पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है।

गांव की महिलाओं और परिवारों के सपनों को पूरा करते हुए ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से हर घर में शुद्ध पेयजल और स्वच्छता के लिए घरों में शौचालय बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।

गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना एक वरदान सिद्ध हुई है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट ऑपरेशन, किडनी/लिवर की बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान कर मोदी जी ने गरीबों को आर्थिक तंगी से बड़ी राहत दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव-गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है और हर घर तक बिजली पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव, गरीब, किसान और नौजवानों के उत्थान की जो बयार बह रही है, वह वास्तव में ‘अंतिम व्यक्ति के उत्थान’ (अंत्योदय) का ही प्रमाण है। और असली भारत देश के गांव में बसने वाले उसी अंतिम व्यक्ति के प्राणों में बसता है।

Train Cancelled : छत्तीसगढ़ में आज से कई ट्रेनें रद्द, 29 जून तक यात्री रहेंगे प्रभावित, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट

Train Cancelled : छत्तीसगढ़ में आज से कई ट्रेनें रद्द, 29 जून तक यात्री रहेंगे प्रभावित, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन में अंडरब्रिज निर्माण कार्य के चलते आज 25 जून से कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया है। रेलवे द्वारा रिलीविंग गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य के कारण 25 से 29 जून 2026 तक 10 ट्रेनों को रद्द और 3 ट्रेनों के परिचालन में आंशिक बदलाव किया गया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस कार्य का असर रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी रूट पर चलने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।

आज (25 जून) रद्द रहने वाली ट्रेनें

68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर

58205 रायपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर

आज (25 जून) आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें

68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू: गोंदिया से नहीं चलेगी, बिलासपुर से प्रारंभ होगी।

68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू: बिलासपुर में ही समाप्त होगी, आगे गोंदिया तक नहीं जाएगी।

58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर: बिलासपुर तक ही चलेगी, बिलासपुर–रायपुर के बीच रद्द रहेगी।

रेलवे ने बताया कि 26, 28 और 29 जून को भी अलग-अलग ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसलिए जिन यात्रियों की यात्रा इन दिनों निर्धारित है, वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

 रायपुर: मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग को संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति बाहुल्य ईलाकों में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वहां के रहवासियों को सशक्त बनाने एवं उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्यो का प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैरलाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समूदायों के गरीब युवाओं एवं महिलाओं तथा तृतीय लिंग के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता माध्यम से उन्हें सशक्त बनायेगा एवं उनके सर्वांगिण विकास के लिए काम करेगा। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास के लिए कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे। युवाओं का उनकी रूचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न टेªडों में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि संस्था द्वारा केवल कौशल विकास ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम का विशेष जोर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

बैठक में बताया गया कि पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन झारखण्ड राज्य में शासन के साथ मिलकर कार्य किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के शक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। कल्याण गुरूकुल, कौशल कॉलेज, छत्तीसगढ़ के दूरदराज वनांचल क्षेत्रों मे स्थापित किए जाएंगे। छात्राओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियुक्ताओं से करार किया जाएगा। जिससे युवाओं को टेªनिंग पूरी होते ही पक्की नौकरी मिल सकें। संस्था द्वारा बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रमुख रूप से कार्य कर रहा है। स्थानीय भवनों जैसे-आईटीआई एवं छात्रावास को आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों गुरूकुल में बदला जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और अंदरूनी गांव से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लाया जा रहा है। इनी क्षेत्रों की युवाओं की शैक्षणिक योग्याता के अनुरूप कन्ट्रक्शन, मैनुफेक्चरिंग जैसे सेक्टर में शॉट में आवासीय टेªनिंग दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेजों को खोलने का भी कार्य किया जा रहा है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव एवं आयुष विभाग के संचालक राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सीएम साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह: 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा

सीएम साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह: 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के ग्राम पलोद में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होकर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए खेल और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के दो महत्वपूर्ण आधार बताया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा प्रस्तुत किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प और आकांक्षा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में 2036 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी है।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है ताकि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजन ने दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रमाण है।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल क्षेत्र में विशेष बजट प्रावधान कर रही है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा वन विभाग के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय, बीएसएफ के आईजी  संजय पंत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की अहम बैठक आज...कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की अहम बैठक आज...कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह 11 बजे अपने निवास से मंत्रालय के लिए रवाना होंगे. सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे तक आर्थिक मामलों की मंत्रिपरिषद समिति की बैठक लेंगे. दोपहर 1:30 बजे से शाम 5 बजे तक मंत्रालय में शासकीय कार्यों में व्यस्थ रहेंगे. शाम 5 बजे मंत्रालय से ग्राम पलौद स्थित बीएसएफ कैंप के पास आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे और 5:10 बजे से 5:40 बजे तक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. मुख्यमंत्री शाम 6:10 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.

CG - काला कोट पहनकर कोर्ट में घूम रहा था फर्जी वकील, ऐसे हुआ खुलासा, कई आधार कार्ड, आईडी जब्त…..

CG - काला कोट पहनकर कोर्ट में घूम रहा था फर्जी वकील, ऐसे हुआ खुलासा, कई आधार कार्ड, आईडी जब्त…..

 रायपुर। राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर में खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताकर घूम रहे एक कथित फर्जी वकील का मामला सामने आया है। आरोपी के पास से पुलिस ने कई आधार कार्ड, पहचान पत्र समेत आईडी जब्त की है। आरोपी एक क्लाइंट को अपने झांसे में लेकर उसका काम कराने के लिए पहुंचा हुआ था। इसी दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं को जब संदेह हुआ तो उसे पकड़कर पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला रायपुर कोर्ट परिसर का है। एक व्यक्ति वकील जैसे कपड़े पहनकर न्यायालय परिसर पहुंचा हुआ था। खुद को कभी हरीश डहरिया तो कभी मनीष कुर्रे बता रहा था। परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं को जब संदेह हुआ तो उसे पकड़कर सिविल लाइन पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी के कब्जे से 5 आधार कार्ड, पहचान आईडी समेत फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए। आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि एक क्लाइंट को झांसे में लेकर उसका काम करवाने के लिए कोर्ट पहुंचा था। इसी दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं को जब उस पर शक हुआ तो उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस को इसकी जानकारी दी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी के साथ कुछ और लोग भी जुड़े हुए है। आरोपी से सिविल लाइन पुलिस पूछताछ कर रही है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

  त्वरित पहल से आवागमन और व्यवसाय दोनों को मिली नई दिशा

कवर्धा। संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग  जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की।
नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधान
कबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई।

आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मदद
स्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।
कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री  शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

CG – खड़े ट्रक से टकराई बाइक, 3 युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम, हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम…..

CG – खड़े ट्रक से टकराई बाइक, 3 युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम, हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम…..

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सुरजपुर जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक खड़े ट्रक से टकराने के कारण बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह घटना प्रतापपुर थाना इलाके में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, हादसे की वजह ट्रक ड्राइवर की बड़ी लापरवाही रही। आरोपी ड्राइवर ने पहले एक कार को टक्कर मारी और फिर ट्रक को सड़क पर ही लावारिस छोड़कर फरार हो गया। इसी दौरान एक ही बाइक पर सवार होकर आ रहे चार युवक सड़क पर खड़े इस ट्रक से सीधे जा टकराए। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया

हादसे की खबर फैलते ही शिवपुर इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय ग्रामीणों ने घटना स्थल पर इकट्ठा होकर जमकर हंगामा किया और ट्रक को आग के हवाले कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रतापपुर थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मामला शांत कराते हुए जांच में जुट गई।

मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

 विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित, युवाओं और नियोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर-- प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार सृजन, गरीब कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। यह बात प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा प्रसारण रायपुर स्थित एम्स ऑडिटोरियम में देखा गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आज 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। योजना के माध्यम से अब तक 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांदलाजे भी उपस्थित रहीं। योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को एक माह के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नई नियुक्ति पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योगों और संस्थानों में भर्ती को बढ़ावा मिलेगा।
श्रम मंत्री  देवांगन ने कहा कि 99 हजार 446 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें पहली बार औपचारिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
मंत्री  देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योग जगत का व्यापक समर्थन मिला है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में रोजगार, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री  मोदी लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। उद्योग विभाग को इन संस्थानों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए। नगरनार और बैलाडीला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में कर्मचारी भविष्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख  जयवर्धन इंगले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित अतिथियों ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से प्रसारित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना।

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल जैन ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल जैन ने की सौजन्य भेंट

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुश्री सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की। सुश्री सुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : साव

महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : साव

 00 महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा के लिए साव ने 20 लाख देने की घोषणा की

00 वीर महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

रायपुर। भारत की पुण्य भूमि ने अनेक वीर योद्धाओं और महापुरुषों को जन्म दिया है। वीर योद्धा महाराणा प्रताप ऐसे ही महान सपूत थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान और राष्ट्र धर्म से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने मुगल सत्ता की दासता स्वीकार नहीं की और हल्दी घाटी के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। उनका जीवन आज भी समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने लोरमी में सर्वोदय राजपूत राठौर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित वीर महाराणा प्रताप जयंती समारोह में महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और साहस को नमन करते हुए ये बातें कही। उन्होंने समारोह में महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम’ हम सभी के लिए मार्गदर्शक है। भारत त्याग और बलिदान की भूमि है। इसकी गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए समाज को संगठित रहना होगा। राजपूत समाज शिक्षा, खेल, सरकारी सेवाओं और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राजपूत समाज के शिक्षकों, डॉक्टरों, खेल प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों, पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों, गौसेवकों तथा कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में 55 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। साव ने इन रक्तवीरों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राजपूत समाज लोरमी के अध्यक्ष भीषम सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष  राम निवास राजपूत, सर्व क्षत्रिय राजपूत महासंघ के अध्यक्ष  जितेंद्र कुमार सिंह, लोरमी जनपद पंचायत की अध्यक्ष वर्षा सिंह, लोरमी नगर पालिका के अध्यक्ष  सुजीत वर्मा और रतनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष  लवकुश कश्यप सहित राजपूत समाज के पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

+ Load More