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CG – महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा का खुलासा, सरकारी शिक्षिका और क्लर्क को मिल रहा था लाभ

CG – महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा का खुलासा, सरकारी शिक्षिका और क्लर्क को मिल रहा था लाभ

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक से बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच के दौरान 11 शिक्षक और बाबुओं के परिवारों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने पात्रता नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया। बताया जा रहा है कि शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के परिवारों ने नियमों के विपरीत महतारी वंदन योजना की राशि हासिल की। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बीईओ के माध्यम से संबंधित कर्मचारियों को कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। अब तक योजना के तहत ली गई राशि की रिकवरी की जाएगी, जिससे सरकारी योजना में अपात्र लाभ लेने वालों पर शिकंजा कस गया है।

महतारी वंदन योजना में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की सभी महिलाओं को माह में एक हजार रुपए देने का निर्णय लिया गया है। इसका लाभ शासकीय सेवक वाले नहीं उठा सकते। इसके बाद भी जिले के बिल्हा ब्लॉक के शिक्षा विभाग में शिक्षक और बाबू के पद पर कार्यरत शासकीय सेवक नियमों को ताक पर रखकर महतारी वंदन योजना का लाभ उठा रहे थे। इसमें कुछ शिक्षिकाएं और महिला बाबू भी उसका लाभ ले रही थीं। एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिल्हा की जांच में 11 ऐसे अपात्र हितग्राहियों के नाम सामने आए हैं। इसलिए विभाग ने ऐसे शासकीय सेवकों की जानकारी बीईओ, बिल्हा को भेज़ी है। अपात्र महिलाओं को चिह्नित किया गया है, जिनके पति या वे स्वयं शासकीय सेवा शिक्षक, वर्ग 2 और सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इन अपात्र हितग्राहियों के खातों में गलत तरीके से भेजी गई कुल 1,24,000 रुपए की राशि वसूली करने कहा गया है।

अपात्र हितग्राही ले रहे थे योजना का लाभ

रत्ना क्षत्री पति विनोद कुमार क्षत्री शासकीय सेवक ग्रेड 2, गंगा बाई पति केसर सिंह शासकीय सेवक ग्रेड 2, रमा वर्मा पति रवींद्र वर्मा शिक्षक वर्ग 2, दिनेश्वरी कुर्रे पति शैलेश कुमार कुर्रे शिक्षक वर्ग 2, कुसुम यादव पति राजकुमार यादव शिक्षा कर्मी, गोदावरी कौशिक पति सुरेश कौशिक शासकीय शिक्षक, रामेश्वरी साहू पति राजेश साहू शासकीय सेवक ग्रेड 2, कीर्ति पाटले पति संतोष पाटले शासकीय सेवक ग्रेड 1, सविता कुर्रे पति गोरेलाल कुर्रे सहायक शिक्षक, अमर ज्योति शांडिल्य पति विनोद कुमार सहायक शिक्षक और लक्ष्मी पति परविंदर कुमार शासकीय शिक्षक शामिल हैं।

बीईओ ने जारी किया वसूली आदेश

बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने कहा कि शासकीय शिक्षक और बाबू होने के बाद भी शासन की महतारी योजना के नाम पर प्रतिमाह रुपए लेने वालों की पहचान महिला एवं बाल विकास विभाग ने की है। उनसे वसूली का आदेश जारी किया गया है। इसके बाद भी राशि जमा नहीं करने पर वेतन से रिकवरी की जाएगी।

रायपुर : परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर : परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न

 नवा रायपुर में ई-बसों के संचालन, कार्यालय भवन निर्माण सहित सड़क परियोजनाओं के प्रस्तावों पर हुआ विचार-विमर्श

रायपुर :- मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवा रायपुर अटल विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया।

’नवा रायपुर में चलेंगी ई-बसें’  

बैठक में एनआरडीए के अंतर्गत कंप्लायंट बैटरी ऑपरेटेड मोटर एसी-ई बसों के डिजाइन, प्रोक्योरमेंट, सप्लाई, परिचालन एवं संधारण के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर निविदा आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना के विभिन्न तकनीकी एवं क्रियान्वयन संबंधी पहलुओं की समीक्षा की गई। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय सहित अन्य कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने परियोजना की आवश्यकताओं एवं निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की।

’रायगढ़ और जांजगीर-चांपा की सड़क परियोजनाओं पर चर्चा’  

लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला रायगढ़ के अंतर्गत रायगढ़-पूंजीपथरा-घरघोड़ा फोरलेन मार्ग के निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। लगभग 37 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग के निर्माण से संबंधित तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए प्रभावित भूमि के अर्जन, भूमि व्यपवर्तन तथा निर्माण कार्य की तैयारियों की जानकारी दी गई। बैठक में जिला जांजगीर-चांपा के अंतर्गत लगभग 6.70 किलोमीटर लंबाई वाले अकलतरा बायपास मार्ग के निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। परियोजना से संबंधित तकनीकी एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की गई।
 
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार सहित लोक निर्माण, वित्त एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गजरथ यात्रा को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री साय ने ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक का किया विमोचन

गजरथ यात्रा को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री साय ने ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक का किया विमोचन

 जशपुरनगर। मानव–हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और ग्रामीण समुदायों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर वनमंडल द्वारा संचालित ‘गजरथ यात्रा’ अभियान के द्वितीय चरण पर आधारित पुस्तक ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैंप कार्यालय बगिया में विमोचन किया। इस अवसर पर जशपुर वनमंडल के हाथी संरक्षण और मानव–हाथी सह-अस्तित्व के प्रयासों को राज्य स्तर पर नई पहचान मिली। गजरथ यात्रा के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर लोगों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास, भोजन और विचरण क्षेत्र के बारे में जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथियों की मौजूदगी की स्थिति में वन विभाग को तत्काल सूचना देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य हाथियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद भय और भ्रांतियों को दूर करना तथा मानव और हाथियों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व की भावना विकसित करना है। विद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक में जशपुर वनमंडल द्वारा हाथी संरक्षण, जनजागरूकता, ग्रामीण सहभागिता और मानव–हाथी द्वंद्व प्रबंधन के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को संकलित किया गया है। इसमें स्थानीय समुदायों और विद्यार्थियों की भागीदारी को भी प्रमुखता दी गई है।

हाथियों की गतिविधियों की निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘राज संकेत ऐप’ के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर प्रभावित गांवों के लोगों को मोबाइल संदेश के जरिए समय रहते सतर्क किया जाता है। इस अवसर पर हाथी–मानव द्वंद्व को कम करने और हाथियों की सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के हाथों प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

CM साय ने किया रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार सुविधाओं को मिली नई मजबूती

CM साय ने किया रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार सुविधाओं को मिली नई मजबूती

 ० अत्याधुनिक सुविधाओं और मशीनरी का किया अवलोकन, मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में नवनिर्मित रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक उपचार सुविधाओं और मशीनरी का अवलोकन किया तथा अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय प्रदीप दवे को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। नए कैंसर इंस्टीट्यूट से मरीजों को जांच और उपचार की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं छत्तीसगढ़ में ही मिलें। निजी क्षेत्र की ऐसी पहल से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

कैंसर की शुरुआती पहचान बेहद जरूरी : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर का असर केवल मरीज पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। नियमित स्क्रीनिंग और समय पर बीमारी की पहचान से उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि नए संस्थान के शुरू होने से मरीजों को आधुनिक कैंसर उपचार के साथ अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ एक ही स्थान पर मिल सकेगा।

प्रदेश में बढ़ रहा मेडिकल और सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का दायरा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नए कैंसर इंस्टीट्यूट के शुरू होने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है और सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं के विस्तार से गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

CG Weather Update: आज घूमने का प्लान है तो संभलकर! छत्तीसगढ़ में 4 दिन बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट

CG Weather Update: आज घूमने का प्लान है तो संभलकर! छत्तीसगढ़ में 4 दिन बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के बाद अगर आप रविवार को कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम का अपडेट जरूर देख लें। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई, जबकि सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसमी वर्षा की स्थिति फिलहाल सामान्य से करीब 8 फीसदी कम है। शनिवार को दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने शहर और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना जताई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ऐसे में बाहर निकलने वालों को मौसम को ध्यान में रखकर ही अपना प्लान बनाना बेहतर होगा।

इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम खराब रहने की संभावना है।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कोटाडोल में सबसे ज्यादा 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा शंकरगढ़ और पौड़ी उपरोड़ा में 11 सेंटीमीटर, जबकि सन्ना, दौरा कोचली और रघुनाथ नगर में 8 सेंटीमीटर बारिश हुई।

जनकपुर-भरतपुर में 7 सेंटीमीटर, बलरामपुर, वाड्रफनगर, चलगली और सामरी में 6 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं रतनपुर, कुनकुरी, बेलतरा, पचपेड़ी, भैसमा, कोरबा, बेलगहना, मनोरा, सकरी और मस्तूरी में करीब 5 सेंटीमीटर बारिश हुई।

पाली, बगीचा, रामचंद्रपुर, दुलदुला, सीपत, करतला और जगदलपुर में 4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पेंड्रा, रामानुजगंज, मनेंद्रगढ़, कांसाबेल, कुसमी, कोंटा, बस्तर, जशपुरनगर, नवागढ़, मरवाही, पामगढ़, केल्हारी, पेंड्रा रोड, चांदो, बिलासपुर, अकलतरा, तोकापाल, सकोला, बैकुंठपुर और खड़गवां में 3 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई।

अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि उत्तरी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।

ऐसे में रविवार को बाहर घूमने निकलने वाले लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर आकाशीय बिजली और तेज बारिश की स्थिति में खुले स्थानों, पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

 
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

 रायपुर। विधानसभा सचिवालय में 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उमंग एवं उल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाया जाएगा । विधान सभा परिसर में प्रात: 8.30 बजे ध्वजारोहण होगा । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक खुला रखा गया है।

 तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक  मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

"तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है।' - मोतीलाल साहू , विधायक ग्रामीण, छत्तीसगढ़

रायपुर: छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में नए विद्यार्थियों के स्वागत और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आयोजित पंद्रह दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी विशेष दिवस का आयोजन किया गया। ज्ञान, अनुशासन और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और अतिथियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब जी को सादर आमंत्रित किया गया था। किन्हीं अपरिहार्य कारणों से वो कार्यक्रम में आ न सके परन्तु उन्होंने छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश भेजा । वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक मोतीलाल साहू जी ने मंच की शोभा बढ़ाई।
समारोह में तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अमिताभ दुबे, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान तथा इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष (बेसिक साइंसेस एंड ह्यूमैनिटीज) डॉ. श्वेता चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही सत्र में डॉ. आर. एस. परिहार, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल विभाग, डॉ. अजय गर्ग, विभागाध्यक्ष, सिविल विभाग, डॉ. अजय त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल विभाग, डॉ. एस. डी. दीवान, परीक्षा प्रभारी सहित अभिभावक, छात्र-छात्रा,  शिक्षक गण की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
अतिथियों का हुआ पारंपरिक स्वागत
विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी का भी श्रीफल, राजकीय गमछा और पुष्पगुच्छ भेंट कर   आदर-सत्कार किया।

समारोह के दौरान इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मंच से पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस विस्तृत इंडक्शन प्रोग्राम की रूपरेखा (Outline) प्रस्तुत की, जिसमें छात्रों के सर्वांगीण विकास और ओरिएंटेशन की पूरी कार्यप्रणाली समझाई गई। उन्होंने छात्रों को समझाइश देते हुए उनसे कहा कि, कक्षा कक्ष के ज्ञान के साथ-साथ नवाचार, रोबोटिक्स और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाने से पीछे न हटें। अनुशासन, निरंतरता और कुछ नया सीखने की ललक ही आपको भीड़ से अलग एक सफल पेशेवर बनाएगी। यह मंच और यह संस्थान आपका अपना परिवार है, जहाँ आपकी हर उड़ान को सही दिशा और आसमान मिलेगा।

इसके बाद, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने महाविद्यालय की उपलब्धियों, उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाओं, संचालित पाठ्यक्रमों और भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत व्याख्या की, जिससे नए विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और बढ़ा। उन्होंने छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए कहा कि,
तकनीकी शिक्षा की यह देहरी आपके सुनहरे भविष्य और सपनों को नया आकार देने का प्रथम चरण है।
इन पंद्रह दिनों का इंडक्शन प्रोग्राम आपके कॉलेज जीवन की मजबूत नींव साबित होगा, जो आपको हर चुनौती के लिए तैयार करेगा।
मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने प्रेरणादायक संदेश में छात्रों के लिए  विशेष बातें कहीं कि, ​तकनीकी शिक्षा केवल एक डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश और समाज के नवनिर्माण की सबसे बड़ी कुंजी है।
​अपनी सोच को किताबों तक सीमित न रखें; नवाचार (Innovation) और नए विचारों को अपनाकर समस्याओं का समाधान खोजना ही एक सच्चे इंजीनियर की पहचान है।
​असफलता से कभी न डरें, क्योंकि हर चुनौती आपके भीतर छिपी हुई असली प्रतिभा को बाहर निकालने का एक नया अवसर होती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र-छात्राओं द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। स्वागत नृत्य के साथ शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी बस्तरिया नृत्य, पंथी नृत्य, रोबोटिक्स प्रदर्शन, स्टार्टअप आइडियाज, एनएसएस की झलकियाँ और विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक और पारंपरिक  मराठी, बंगाली, असमी आदि  राज्यों के विशेष परिधानों के साथ साथ छत्तीसगढ़ के परिधानों का समायोजन सांस्कृतिक धरोहरों के रूप में मंच पर प्रस्तुत कर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
विशिष्ट अतिथि रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी  ने अपने उद्बोधन में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। अनुशासन, अटूट लगन और निरंतर सीखने की जिज्ञासा ही वह मार्ग है जो आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। ​छत्तीसगढ़ के ये युवा केवल इस संस्थान का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश का भविष्य हैं; अपनी पूरी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएं और ऊंचे सपने देखें।
इस विशेष दिवस के सफल आयोजन ने सभी विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है।
 धन्यवाद ज्ञापन में सुश्री डॉ. शशिबाला किंडो ने उपस्थित सभी अतिथियों, पालकों, शिक्षकों, छात्रों, स्टाफ़ आदि को आभार व्यक्त कर किया। इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मीडिया को  जानकारी साझा करते हुए सूचना दी कि, कार्यक्रम में सत्रवार क्या क्या आयोजन किया गया । उक्त कार्यक्रम प्रो. डॉ. एस. के. दबड़गाँव,  अनिल खत्री, डॉ. आर. एन. देवांगन, डॉ. जी. आर. बंजारे,  टी. के. देवांगन, प्रशांत साहू, डॉ. रानी पुष्पा बघेल,  आशीष सिंह ठाकुर, आदि की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ ।
युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव

युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव

 शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा की तिथियां टकराने से अभ्यर्थियों को हो रही थी परेशानी, मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित संज्ञान

अब सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा 02, 03 एवं 04 नवम्बर को होगी आयोजित

मुख्यमंत्री  साय ने कहा - परीक्षा तिथियों के टकराव से कोई भी पात्र युवा अवसर से वंचित न रहे

रायपुर --- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा और सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तिथियां एक साथ होने से अभ्यर्थियों को हो रही परेशानी का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को परीक्षा तिथियों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए थे।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 की संशोधित तिथियां घोषित कर दी हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसके साथ मुख्य परीक्षा के आयोजन के लिए 24, 25 एवं 26 अक्टूबर 2026 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई थीं। इसी दौरान 25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी आयोजित होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।

अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को युवाओं के हित में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 का आयोजन 02, 03 एवं 04 नवम्बर 2026 को किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि युवाओं का हित हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का हर अवसर मिले और केवल परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण कोई भी पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अथवा परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी किसी व्यावहारिक समस्या के कारण उनके सामने दो अवसरों में से किसी एक को चुनने की विवशता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके भविष्य से जुड़े विषयों पर तत्परता से निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों को पृथक से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचत

रायपुर --छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।

राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।

खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचत

GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।

GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।

खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।

GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि

छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।

राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।  हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव 11 अगस्त को कांकेर दौरे पर

उपमुख्यमंत्री अरुण साव 11 अगस्त को कांकेर दौरे पर

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मंगलवार, 11 अगस्त को कांकेर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे सुबह तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे और शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर स्थित मिनी स्टेडियम का लोकार्पण करेंगे।

इसके बाद उपमुख्यमंत्री विश्वनाथ गढ़ का दौरा करेंगे। दोपहर 12 बजे कांकेर से नया रायपुर के लिए रवाना होंगे।

मंत्री राजवाड़े का बड़ा प्रशासनिक निर्णय, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग में सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश

मंत्री राजवाड़े का बड़ा प्रशासनिक निर्णय, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग में सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश

 00 सेवानिवृत्ति के दिन ही मिले सभी स्वत्व देयक और सम्मानजनक विदाई - राजवाड़े

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि शासन की लंबी सेवा देने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करें, यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मंत्री राजवाड़े ने प्रमुख सचिव, संचालक समाज कल्याण तथा संचालक महिला एवं बाल विकास को निर्देशित किया है कि विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रकरणों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति आदेश, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य सभी देय स्वत्व देयकों का निराकरण सेवानिवृत्ति तिथि से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए, ताकि संबंधित कर्मचारी को उसके सेवानिवृत्ति दिवस पर ही सभी आदेश और भुगतान उपलब्ध हो सकें। राजवाड़े ने कहा कि प्राय: यह देखा गया है कि कई बार न मांग न जांच प्रमाण पत्र, सेवा सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया में विलंब होने से कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। कुछ मामलों में प्रशासनिक अनुमोदन हेतु प्रकरण देर से प्रस्तुत होने के कारण भुगतान और अन्य लाभ प्रभावित होते हैं। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी स्तरों पर समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने शासन स्तर पर, विभागाध्यक्ष स्तर और अधीनस्थ कार्यालयों में सेवानिवृत्ति संबंधी कार्यों के लिए चेकलिस्ट आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने को कहा है। प्रत्येक कार्यालय में आगामी सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों की सूची तैयार कर उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कर्मचारी के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसलिए विभागीय अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सम्मानजनक विदाई के साथ उनके सभी वैधानिक स्वत्व अधिकार समय पर प्राप्त हों।

रायपुर में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 2.961 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 2.961 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर। राजधानी में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तेलीबांधा पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जोरा ओवरब्रिज के पास सर्विस रोड से दो आरोपियों को 2.961 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजे से भरे तीन पैकेट और परिवहन में इस्तेमाल वाहन CG 04 P 7506 भी जब्त किया गया है।पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जोरा ओवरब्रिज के पास दो व्यक्ति गांजा लेकर बिक्री की फिराक में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर तेलीबांधा पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान दिनेश ध्रुव (23) निवासी मंदिर हसौद और कोमल धीवर (29) निवासी तेलीबांधा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद पीले रंग के थैले से तीन पैकेट बरामद हुए, जिनमें गांजा पाया गया। वजन करने पर कुल 2.961 किलोग्राम गांजा मिला।पुलिस ने गांजा और वाहन को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 341/2026 दर्ज किया है। आरोपियों पर धारा 20(बी) NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

UCC पर डिप्टी CM विजय शर्मा का बड़ा बयान, बोले- ST समुदाय को रखा जाएगा दायरे से बाहर

UCC पर डिप्टी CM विजय शर्मा का बड़ा बयान, बोले- ST समुदाय को रखा जाएगा दायरे से बाहर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय को समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखा जाएगा। सरकार इस विषय पर सभी वर्गों से चर्चा और सुझाव लेकर आगे बढ़ रही है।

विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जनजातीय समाज की परंपराओं, संस्कृति और विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ST समुदाय को UCC से अलग रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी पक्षों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय करना है।

डिप्टी मुख्यमंत्री ने बताया कि UCC को लेकर गठित समिति विभिन्न समाजों और वर्गों से सुझाव एवं फीडबैक ले रही है। समिति प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर सरकार आगे निर्णय लेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि अन्य समाजों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया में सभी समुदायों की भावनाओं और हितों का ध्यान रखा जाएगा।

स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में आयोजित आरुग सम्मान समारोह का पोस्टर रायपुर प्रेस क्लब में विमोचित

स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में आयोजित आरुग सम्मान समारोह का पोस्टर रायपुर प्रेस क्लब में विमोचित

 रायपुर। लोककला और पंडवानी परंपरा को समर्पित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में आयोजित होने वाले आरुग सम्मान समारोह के पोस्टर का विमोचन बुधवार को रायपुर प्रेस क्लब में किया गया।
यह सम्मान समारोह 7 अगस्त को शहीद स्मारक, रायपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन अलीम बंसी, तीजन बाई के परिवारजनों के द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। समारोह में लोककला, संस्कृति और पंडवानी की विरासत को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों का सम्मान किया जाएगा तथा स्वर्गीय तीजन बाई के कला-साधना से जुड़े अविस्मरणीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा।पोस्टर विमोचन के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी , कोषाध्यक्ष दिनेश यदु सहित आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने प्रदेशवासियों एवं कला प्रेमियों से बड़ी संख्या में समारोह में शामिल होकर स्वर्गीय तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की।

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी: समान नागरिक संहिता पर जनता से मांगे गए सुझाव,15 अक्टूबर तक दे सकेंगे राय

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी: समान नागरिक संहिता पर जनता से मांगे गए सुझाव,15 अक्टूबर तक दे सकेंगे राय

 रायपुर,04 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़  सरकार प्रदेश में ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों को संविधान के एक ही दायरे में लाने के उद्देश्य से गठित विशेष समिति ने अब आम जनता और विभिन्न संगठनों से उनके सुझाव और अभिमत आमंत्रित किए हैं। राज्य के नागरिक यह बता सकते हैं कि राज्य में आने वाला नया कानून कैसा होना चाहिए।

​राज्य सरकार द्वारा गठित यह 5-सदस्यीय समिति छत्तीसगढ़ में UCC की आवश्यकता और उसकी रूपरेखा का अध्ययन कर रही है। इसके साथ ही समिति व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों व व्यवस्थाओं की भी व्यापक समीक्षा करेगी।

​समिति ने शासकीय, गैर-शासकीय संगठनों, सामाजिक समूहों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे 15 अक्टूबर 2026 तक अपने विचार, राय और अभ्यावेदन अनिवार्य रूप से जमा करा दें।

*​UCC लागू करने वाला देश का 5वां राज्य बनेगा छत्तीसगढ़*

​ यूसीसी लागू करने में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। उत्तराखंड के अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी यूसीसी लागू किया जा चुका है।
​ राज्य में यूसीसी के क्रियान्वयन व सुझावों के लिए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 5-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
राज्य के नागरिक ​ और संगठन 15 अक्टूबर तक निम्नलिखित माध्यमों से अपने सुझाव भेज सकते हैं:

*​ई-मेल (E-mail):* *ucc-chhattisgarh@cg.gov.in*

*​वेब पोर्टल (Web Portal):*
*[https://ucc.cgstate.gov.in/](https://ucc.cgstate.gov.in/)*

शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

*​डाक द्वारा (Postal Address):*

*​कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति,न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-201,रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001

ब्रेकिंग: बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा में बड़ी चूक, 8 नाबालिग चकमा देकर फरार

ब्रेकिंग: बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा में बड़ी चूक, 8 नाबालिग चकमा देकर फरार

 महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित बरोंडा बाजार बाल संप्रेक्षण गृह से सोमवार तड़के 8 नाबालिगों के फरार होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच सभी ने खिड़की की ग्रील तोड़कर परिसर से भागने की योजना को अंजाम दिया। घटना सामने आते ही संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।  जानकारी के मुताबिक, फरार हुए सभी नाबालिग पिछले चार से पांच महीनों के दौरान अलग-अलग मामलों में यहां निरुद्ध किए गए थे। इनमें एक दुष्कर्म, दो चोरी और अन्य एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न आपराधिक मामलों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनका संबंध महासमुंद, सरायपाली, धमतरी और पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से है।  घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पूरे परिसर की जांच की जा रही है, जबकि फरार नाबालिगों की तलाश के लिए जिलेभर में सर्च अभियान तेज कर दिया गया है। गौरतलब है कि, करीब दो वर्ष पहले भी इसी बाल संप्रेक्षण गृह से बच्चों के फरार होने की घटना सामने आई थी। लगातार दूसरी बार हुई इस चूक ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की जांच के साथ जिम्मेदारों की भूमिका भी खंगाल रही है।

नशा दीमक की तरह जीवन को खोखला कर देता है : राजस्व मंत्री वर्मा

नशा दीमक की तरह जीवन को खोखला कर देता है : राजस्व मंत्री वर्मा

 o ​नशामुक्त युवा ही बनाएंगे ‘विकसित भारत’

o बलौदाबाजार में ‘नशामुक्त युवा संकल्प अभियान’ का आगाज
o राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने दिलाई शपथ

बलौदाबाजार- भाटापारा। पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा देशव्यापी ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के वर्चुअल शुभारंभ के साथ ही बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में भी इस महाअभियान का शंखनाद हुआ। मुख्य अतिथि की आसंदी से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि “नशा एक दीमक की तरह है जो न केवल व्यक्ति को खोखला करता है, बल्कि उसके परिवार, माता-पिता के सपनों और भविष्य को भी तबाह कर देता है।

बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार व समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि,पीएम मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इतिहास गवाह है कि देश में जितने भी बड़े परिवर्तन हुए हैं, वे युवाओं के दम पर ही संभव हुए हैं। युवाओं को नशे के चंगुल से मुक्त रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगानी होगी।

​100 सप्ताह तक चलेगा जनजागरूकता का महाअभियान
इस संकल्प अभियान के तहत आगामी 100 हफ्तों तक जिले भर में खेल, कला, संस्कृति और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने नशामुक्ति पर केंद्रित एक बेहद संवेदनशील व आकर्षक नाटिका का मंचन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

​जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने युवाओं को संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, पूरे परिवार का विनाश करता है। हमारी युवा पीढ़ी को सही संस्कार और विचार अपनाकर अपने भविष्य को सुरक्षित करना होगा। एक समृद्ध और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए युवाओं का व्यसनमुक्त होना अनिवार्य है। इस 100-साप्ताहिक अभियान में जिले के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। ​इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णव, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, खेल अधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में युवा उपस्थित थे।

BREAKING : गंगरेल से छोड़ा जाएगा 20 हजार क्यूसेक पानी, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट..!

BREAKING : गंगरेल से छोड़ा जाएगा 20 हजार क्यूसेक पानी, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट..!

 Chhattisgarh dhamtari गंगरेल जलाशय में लगातार बढ़ रही जल आवक के बीच गुरुवार रात 8 बजे की स्थिति के अनुसार जल स्तर 345.39 मीटर और जलभराव 63.26% दर्ज किया गया। वर्तमान में जलाशय में 94,500 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि पिछले एक घंटे में जल स्तर 11 सेंटीमीटर बढ़ा है।

मुख्य अभियंता के निर्देश पर बांध की सुरक्षा और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गंगरेल जलाशय से नरराज बैराज की ओर 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी छोड़े जाने से पहले निचले इलाकों के संबंधित अधिकारियों और प्रभावित क्षेत्रों को सूचना देकर आवश्यक सुरक्षा एवं एहतियाती व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

गुरु पूर्णिमा पर कोसमनारा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना

गुरु पूर्णिमा पर कोसमनारा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना

 रायपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के ग्राम कोसमनारा स्थित प्रसिद्ध श्री श्री 108  सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है।

गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने के साथ आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा धाम लोगों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा श्रद्धालुओं को आत्मबल और शांति प्रदान करती है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र धाम में आकर पूजा-अर्चना करना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

गुरु पूर्णिमा पर पूर्व विद्यार्थियों की प्रेरणादायी पहल, 26 जरूरतमंद छात्रों की फीस जमा कर की सहायता

गुरु पूर्णिमा पर पूर्व विद्यार्थियों की प्रेरणादायी पहल, 26 जरूरतमंद छात्रों की फीस जमा कर की सहायता

 रायपुर। गुरु पूर्णिमा के मौके पर कालीबाड़ी विद्यालय में हुए कार्यक्रम में वर्ष 2000 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने डी.के. तिवारी और गौतम राहा सर के मार्गदर्शन में अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान जताते हुए समाज के लिए एक बहुत ही अच्छी पहल की। इस दौरान पूर्व छात्रों ने स्कूल के 26 आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस भरकर उनकी पढ़ाई बिना रुकावट जारी रखने में मदद की।


कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज जो भी सफलता उन्हें मिली है, उसमें उनके गुरुजनों का बड़ा योगदान है और गुरु पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करना ही उनके लिए सच्ची गुरु-दक्षिणा है।

डी.के. तिवारी और गौतम राहा सर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ सेवा और अच्छे संस्कार ही समाज को आगे बढ़ाते हैं। स्कूल प्रबंधन ने भी इस कदम की तारीफ की और इसे बाकी पूर्व छात्रों के लिए प्रेरणा बताया। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
Monsoon Update: मानसून हुआ मेहरबान, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, जलभराव से बढ़ी परेशानी

Monsoon Update: मानसून हुआ मेहरबान, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, जलभराव से बढ़ी परेशानी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, भारी बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि, रविवार सुबह से ही रायपुर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि लोगों को आने-जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बारिश के चलते कुछ इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और व्यस्त मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। नगर निगम और प्रशासन की टीमें जलनिकासी की व्यवस्था को सुचारु करने में जुटी हुई हैं। इधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। वहीं, लगातार हो रही बारिश का लोग भरपूर आनंद भी लेते नजर आए। कई जगहों पर युवाओं और बच्चों ने बारिश का लुत्फ उठाया, जबकि मौसम सुहावना होने से शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ी। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बने मौसम तंत्र के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर,भोरमदेव मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर,भोरमदेव मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 9:30 बजे रायपुर से रवाना होंगे और 10:50 बजे भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे भोरमदेव से रवाना होंगे और दोपहर 12:50 बजे मुख्यमंत्री निवास, रायपुर लौटेंगे। वही शाम के कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में शामिल होंगे। इसके बाद वे शाम 5:30 बजे एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सभी निर्धारित कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शाम 6:45 बजे मुख्यमंत्री निवास वापस लौटेंगे।

 
प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल

प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल

 रायपुर। जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा कैच द रेन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। यह उपलब्धि कोरबा नगर पालिक निगम, जिला प्रशासन एवं जिलेवासियों के लिए गौरव का विषय है।

कैच द रेन’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन
कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम, कोरबा के आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से अनेक नवाचारी एवं स्थायी पहल की गई हैं। ‘कैच द रेन’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्षा जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल स्तर में वृद्धि के लिए शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया गया है। इनका निर्माण नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (इसरो) के तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति के अनुसार किया गया है। इन रिचार्ज वेल के माध्यम से भारी वर्षा के दौरान सड़कों एवं नालियों में बहने वाले वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल का अपव्यय रुक रहा है तथा भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित
नगर निगम ने वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासकीय भवनों में 757 तथा निजी भवनों में 971, कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित कराए हैं। साथ ही भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा जारी प्रत्येक भवन निर्माण अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान
अनिवार्य इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवनों, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों, आंगनबाड़ी भवनों, मंगल भवनों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर रिचार्ज
भूजल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित 95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं के रूप में विकसित करने के लिए री-ड्रिलिंग की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे अनुपयोगी संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा। वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा

जल संरक्षण के साथ-साथ जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है तथा वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहन
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले में 15 सितंबर तक एक पेड़ माँ के नाम सहित सघन वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 18 जुलाई को “रन फॉर ग्रीन कोरबा” का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही बीबी-राम-जी अभियान के माध्यम से पौधों का वितरण कर सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया जाना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर दूरदृष्टि, नवाचार और जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा बन सकते हैं। कोरबा नगर पालिक निगम का यह मॉडल अब जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं
कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं तथा जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश

 रायपुर। नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे देशभर के छात्रों की जीत करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

वहीं, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने विजय रैली निकालकर अपना विरोध जारी रखने का ऐलान किया। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। इससे पहले नीट पेपर लीक मामले को लेकर उनके इस्तीफे की मांग करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा, “एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। यह भारत के युवाओं की जीत है।” इसके बाद मीडिया से बातचीत में बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हार भी है। भूपेश बघेल ने सरकार की तुलना पौराणिक पात्र हिरण्यकश्यप से करते हुए कहा कि देश का जेन जेड वर्ग नरसिंह अवतार बनकर सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के सामने सरकार और उसकी एजेंसियां टिक नहीं सकीं।

भाजपा पर हमला बोलते हुए बघेल ने सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम कभी सोनम वांगचुक को चीन का एजेंट बताती थी, जबकि बाद में सरकार के मंत्री उनके साथ नजर आए। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर भाजपा किसी के भी साथ खड़ी हो जाती है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिलासपुर में छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों ने विजय रैली निकाली। रैली के दौरान “छात्र एकता जिंदाबाद” और “एनटीए रद्द करो” जैसे नारे लगाए गए। रैली में शामिल छात्रों का कहना था कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि केवल मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा।

परीक्षा प्रणाली में सुधार और एनटीए को लेकर उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के गठन के बाद यह पहला मौका माना जा रहा है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने व्यापक विरोध के बीच इस्तीफा दिया है। हालांकि 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने भी पद छोड़ा था, लेकिन उनका इस्तीफा ‘मी टू’ अभियान के दौरान लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद आया था। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा और एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर राष्ट्रीयस्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जल संरक्षण को नई गति, मोर गाँव मोर पानी महाभियान बना ग्रामीण समृद्धि का आधार

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जल संरक्षण को नई गति, मोर गाँव मोर पानी महाभियान बना ग्रामीण समृद्धि का आधार

 00 सेमरदर्री में प्रतिदिन 67 लाख 23 हजार लीटर वर्षा जल का भू-जल में हो रहा रिचार्ज, हजारों मानव दिवस का रोजगार भी सृजित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत ष्मोर गाँव मोर पानी महाभियानष् उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है। यह अभियान जल संकट के स्थायी समाधान के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत सेमरदर्री इसका प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है, जहाँ वैज्ञानिक पद्धति से किए गए कार्यों से प्रतिदिन लाखों लीटर वर्षा जल भूमि में समाहित होकर भू-जल स्तर को समृद्ध कर रहा है।

जिले के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरदर्री के भाटा-टिकरा, शीतल गडहा तथा पथरा कोड़ी क्षेत्र में 8300 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया गया है। वर्षा ऋतु में इन संरचनाओं के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 67 लाख 23 हजार लीटर पानी का भू-जल में रिचार्ज हो रहा है। इससे वर्षा जल का अपव्यय रुक रहा है, भू-जल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है तथा मिट्टी की नमी लंबे समय तक सुरक्षित रहने से कृषि और वन क्षेत्र को भी व्यापक लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह अभियान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। ट्रेंच निर्माण कार्य में प्रतिदिन लगभग 100 से 120 श्रमिकों को रोजगार मिला है तथा अब तक 8078 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया जा चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं

जिला प्रशासन द्वारा जनभागीदारी को केंद्र में रखकर जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण से जुड़े स्थायी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में जल उपलब्धता बढ़ेगी, खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी। मोर गाँव मोर पानी महाभियान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। यह अभियान जल सुरक्षा, भू-जल संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के साथ-साथ आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है। आने वाले समय में इस प्रकार के कार्य प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बनेंगे और जल संरक्षण की संस्कृति को और अधिक सशक्त करेंगे।

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