राजस्थान फोन टैपिंग मामले की हो सीबीआई जांच-पात्रा
जयपुर। राजस्थान में सचिन पायलट खेमे पर दबाव बनाने की कोशिशें हर गुजरते घंटे के साथ बढ़ती जा रही हैं। सियासी उथल-पुथल के बीच विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े ऑडियो क्लिप पर सियासत गर्माती दिख रही है। राज्य की विपक्षी बीजेपी ने इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। भाजपा ने इस संबंध में पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई है। भाजपा ने जयपुर के ज्योति नगर थाना में दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सुरजेवाला, डोटासरा और लोकेश शर्मा ने विधायकों की खरीद फरोख्त के फर्जी ऑडियो बनाकर बीजेपी नेताओं को बदनाम करने कोशिश की है। भाजपा ने इस संबंध में मानहानि का केस दर्ज कराया और पुलिस से इन नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की है।
दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिसंख्य कांग्रेसी विधायकों को अपने पाले यानी बाड़बंदी में शामिल करने के बाद बचे विधायकों को भी अपनी तरफ खींचने के लिए दांव चलने शुरू कर दिए हैं। इस कड़ी में अब विधायक खरीद-फरोख्त ऑडियो टेप मामले को लेकर विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
गौरतलब है कि सरकार गिराने-बचाने की कवायद के बाद राजस्थान की सियासत में टेप कांड को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने दो ऑडियो टेप जारी कर आरोप लगाए हैं कि इसमें सचिन पायलट के करीबी विधायक भंवरलाल शर्मा से बातचीत है। आरोप में यह भी कहा गया है कि बीजेपी सचिन पायलट खेमे के विधायकों के साथ मिलकर साजिश रच रही है। इसे देखते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इसी मामले में राजस्थान का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) जगह-जगह कार्रवाई भी कर रहा है। एसओजी की टीम शुक्रवार शाम मानसेर पहुंची थी, जहां एक होटल में कांग्रेस के कुछ बागी विधायक ठहरे हुए हैं। हालांकि एसओजी टीम को होटल में दाखिला नहीं मिला क्योंकि उसे अंदर जाने से रोक दिया गया। करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद टीम को होटल में एंट्री मिल सकी। होटल में भंवरलाल शर्मा एसओजी को नहीं मिले जिसके बाद टीम खाली हाथ लौट गई।
वहीं इस मामले में राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के अंदर जारी कलह के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजस्थान सरकार और सीएम अशोक गहलोत पर हमला बोला है। बीजेपी की तरफ से संबित पात्रा ने ऑडियो रिकॉर्डिंग पर सीएम गहलोत से सवाल पूछे हैं। पात्रा ने पूछा कि राजस्थान सरकार बताए कि क्या वहां नेताओं और आम लोगों के फोन टेप हो रहे हैं। इसके साथ ही पात्रा ने फोन टेपिंग की सीबीआई जांच की मांग भी उठाई।







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