शहर के अंदर वाहनों की स्पीड पर नही लग रहा है ब्रेक, लापरवाह चालकों के कारण बढ़ रही है सड़क दुर्घटनाएं
रायपुर। नशा कर वाहन चलाने एवं जागरुकता के अभाव में सड़क हादसो का ग्राफ बढ़ रहा है। गाड़ी चलाते समय यातायात के नियमों का पालन नही करने व नशे में होने के चलते सड़क दुर्घटनाओं में हर साल सकैड़ों की संख्या में लोग असमय मौत के काल में समा रहे है।
ज्ञातव्य हो कि राजधानी सहित दुर्ग-भिलाई व अन्य शहरी क्षेत्रों में ज्यादातर सड़क हादसे का कारण वाहन चालकों के द्वार गाड़ी चलाते समय नशा करने की वजह सामने आई है। वहीं दूसरी ओर साल दर साल सड़कों पर वाहनों की बढ़ती भिड़ व लापरवाही पूर्वक वाहन चलाना भी है सड़क हादसे का एक मुख्य कारण है।
ज्यादातर सड़क हादसे में मरने वाले लोग 18 से 35 वर्ष के बीच होते है,वाहन चलाते समय युवाओं द्वारा विपरित दिशा से गाड़ी चलाना व ओवर टेक करते समय राईट की जगह लेफ्ट साईड से तेज रफ्तार से गाड़ी आगे निकालने की वजह से सड़क हादसों में वृद्धि हुई है। चौक -चौराहों पर वाहन चालकों द्वारा गाड़ी चलाते समय धीरे ना करना व तेज रफ्तार से सिग्नल क्रास करने के चलते सड़क पार कर रहा व्यक्ति दुर्घटना का शिकार हो जाता है।
गाड़ी चलाते समय शहर के अंदर वाहन की स्पीड 40 से ऊपर नही होना चाहिए लेकिन ज्यादातर वाहन चालकों द्वारा दो-पहिया व चार पहिया सहित भारी वाहन भी धड़ल्ले से तेज रफ्तार से शहर के अंदर चलाये जाने से सड़क हादसे का कारण बन रही है। लोगों ने यातायात विभाग से मांग की है कि शहर के अंदर व हाईवे पर वाहनों की स्पीड पर लगाम लगाये व लोगों को वाहन चलाते समय यातायात के नियमों के बारे में जागरुक करे ताकि सड़क हादसों में कमी आ सके। तेज रफ्तार व लापरवाही पूर्वक वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही करें।




