पुलिस के जवान नक्सलियों का सूझबूझ और साहस से कर रहे सामना: गृहमंत्री
रायपुर। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने अमर-शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा- बहादुर शहीद जवानों के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं तथा भरोसा दिलाता हूं कि छत्तीसगढ़ सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है तथा आपकी मदद के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि लद्दाख में चीनी फौज के साथ 21 अक्टूबर 1959 को हुई मुठभेड़ का अध्याय सुरक्षा बलों के शौर्य और पराक्रम के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है।
उस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के वीर जवानों की शहादत की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य के वनांचल जिले नक्सल प्रभावित हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हमारे जवान 24 घंटे जनता की सुरक्षा में अत्यंत सूझबूझ एवं साहस के साथ नक्सलियों का सामना करते है। हाल में छत्तीसगढ़ सरकार के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी लगातार आत्म समर्पण कर रहे हैं। परिणाम स्वरूप नक्सली घटनाओं में 47 प्रतिशत की कमी आई है।
पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी ने कहा कि नक्सलवाद देश के अनेक भागों में फैला हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य का बहुत बड़ा भाग भी प्रभावित है। माओवादी, मानवता एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों के विरूद्ध सक्रिय है। छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सल समस्या के उन्मूलन हेतु कृत संकल्पित है।
हमारे जवान हमेश विकट परिस्थितियों में रहकर इस चुनौती का निडरता, अद्म्य साहस एवं धैर्य के साथ सामना कर रहे हैं एवं राज्य में 01 सितम्बर 2019 से 31 अगस्त 2020 तक पुलिस जवानों ने नक्सली मुठभेड़ में 47 नक्सलियों को मार गिराया है। इस निर्णायक लड़ाई में विगत एक वर्ष में छत्तीसगढ़ पुलिस के 25 जवानों ने वीरगति प्राप्त की है। हमें पूरा विश्वास है कि वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस अवसर पर गृह एवं जेल विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।




