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इस दीवाली लंबे इंतजार के बाद फिर लौटेगी मायूस व्यापारियों के चेहरों पर रौनक: कैट

 इस दीवाली लंबे इंतजार के बाद फिर लौटेगी मायूस व्यापारियों के चेहरों पर रौनक: कैट
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रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कोविड-19 की मंदी झेल रहे देशभर के बाजारों को इस दीवाली से काफी उम्मीदें है। एक तरफ जहां पिछले कई महीनों से घर मे कैद आम जनता को लंबे समय के बाद किसी बड़े त्योहार में खुल के खरीदारी करने का अवसर मिलेगा तो वही उपभोक्ता के द्वारा खर्च बढ़ाने के लिए सरकार की नई एलटीसी कैश वाउचर योजना के चलते गिरते बाजार को मजबूती मिलेगी। इससे पिछले कई महीनों से निराश बैठे और नुकसान उठा रहे व्यापारियों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों द्वारा पिछले सात महीनों में की गई बचत, केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में सरकारी कर्मचारियों को एलटीसी को नकद में बदलने का आदेश और व्यापारियों द्वारा चीन से दिवाली त्यौहार सीजन पर प्रतिवर्ष होने वाली खरीद का सारा पैसा देश में ही खर्च करने के चलते आगामी 31 मार्च 2021 तक देश के बाजारों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की सम्भावना है जिसको लेकर देश भर के व्यापारी उत्साहित हैं।

कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी का मानना है कि इस दीवाली से देश भर के बाजार और व्यापारियों को काफी आशाएँ है। कोरोना के चलते बाजार और व्यापार पूरी तरह से बंद पड़े थे, और लॉक डाउन खुलने के बाद से अब तक व्यापार में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है पर देश भर में व्यापार अभी तक पटरी पर नही लौट पाया है। पर इस दीवाली फेस्टिवल सीजन से बाजार में फुटफॉल और खरीदारी बढ़ने की पूरी संभावना है।

चीन के साथ खराब होते भारत के रिश्ते का असर भारत-चीन व्यापार पर पूरी तरह से पड़ता दिख रहा है। कैट ने गत 10 जून को चीनी सामान के बहिष्कार की एक मुहीम देश भर में शुरू की थी जिसका व्यापक समर्थन और असर देश भर में दिखाई दे रहा है। हर साल रखी से लेकर दीवाली तक चलने वाले फेस्टिवल सीजन में इन त्योहारो से जुड़े सामानों का तकरीबन 40 हजार करोड़ का आयात चीन भारत मे करता है। पर इस बार चीन को लेकर भारतीय उपभोक्ता की सोच पूरी तरह बदल गई है। जिसकी बानगी हाल ही में गुजरे रक्षाबंधन और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारो में देखने को मिली है। चीन को राखी पर करीब 5000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा तो वही गणेश चतुर्थी में 500 करोड़ की चपत खानी पड़ी। व्यापारियों ने जहाँ एक तरफ इन त्योहारो में चीनी सामानों को बेचने का पूरी तरह बहिष्कार किया तो वही लोगो ने भी चीनी सामानों की खरीदारी करने इस इनकार किया। इस ट्रेंड और लोगों में भारतीय सामानों को लेकर बढ़ते क्रेज को देखते हुए इसका आसान अनुमान लगाया जा सकता है कि इस दीवाली पर चीन को 40 हजार करोड़ का झटका लगने वाला है। जिसकी पूर्ति हमारा देसी बाजार करेगा।

श्री पारवानी ने बताया कि इस दीवाली फेस्टिव सीजन पर सरकार की एलटीसी कैश वाउचर योजना का भी सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।इस नई योजना के अनुसार कर्मचारियों को श्यात्रा के अलावा कुछ और खर्च करनेश् का विकल्प मिलेगा। कंज्यूमर खर्च को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने एलटीसी कैश वाउचर योजना शुरू की जिससे लगभग 1 लाख करोड़ रुपये बाजार में आने का अंदेशा है। केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी अब लीव ट्रैवल कंसेशन या लीव ट्रैवल अलाउंस के कर-मुक्त हिस्से के बदले में वस्तुओं और सेवाओं को खरीद सकेंगे। इसके अलावा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को 10,000 रुपये का स्पेशल फेस्टिव एडवांस देने की घोषणा भी की है जिस पर कोई ब्याज नही लगेगा और 10 आसान किश्तों में इसकी वापसी की जा सकती है। उपभोक्ता मांग में सुधार और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इन योजनाओ की घोषणा की गई है। एलटीसी के एवज में जो नकद वाउचर मिलेगा उससे कर्मचारी समान खरीद सकेंगे जिसका सीधा लाभ देश के बाजारों में पहुँचेगा जिससे गिरते बाजार में मजबूती लौटेगी।

श्री परवानी ने कहा कि इसके अलावा कोरोना के चलते कई महीनों से घर मे कैद आम जनता को भी खुलकर देसी सामानों की खरीदारी का अवसर मिलेगा । अन्दाजे के अनुसार अप्रैल से लेकर के अगस्त महीने तक लोगो ने केवल आम जरूरतों पर ही खर्च किया है जिससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि बीते सात महीनों में देश भर में लोगो ने कुल मिला कर 1.5 लाख करोड़ की बचत अवश्य की है जिसका लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जो करीब 60 हजार करोड़ का है, इस दीवाली पर बाजारों में खर्च किये जा सकते है। इस अनुमान का सीधा फायदा व्यपारियो तक पहुचता दिख रहा है जिससे उनके खोये मनोबल को हौसला तो मिलेगा ही साथ ही आर्थिक मंदी से उभरने का अवसर भी प्राप्त होगा। कुल मिलाकर ये दीवाली फेस्टिवल सीजन देश भर के बेरंग बाजरो को दोबारा गुलजार करेगी।


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