कोरोना संक्रमण: बाजारों के बंद रहने से रक्षाबंधन पर्व रहेगा फीका
रायपुर। कोरोना महामारी के चलते इस बार रक्षाबंधन पर्व फीका रहेगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आम आदमी डरा हुआ है, वहीं बाजारों से भी रौनक गायब है। वर्तमान में चल रहे लॉकडाउन को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार रक्षाबंधन में होने वाली ग्राहकी बुरी तरह से प्रभावित होगी।
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश भर में इस समय कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जानकारों की माने तो अब यह बीमारी सामजिक संपर्क के चलते तेजी से अपना पांव पसार रही है। यही वजह है कि मरीजों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए राज्य के कई जिलों में टोटल लॉकडाउन एक बार फिर से लगा दिया गया है। हालांकि यह लॉकडाउन 28 जुलाई तक के लिए लगाया गया है, लेकिन दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि परिस्थितियों की समीक्षा के बाद लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जा सकता है। इस बात को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है कि लॉकडाउन आगे बढ़ेगा या नहीं। दूसरी ओर लॉकडाउन के चलते शहर के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। 03 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है।
भाई-बहन के निश्चिल प्रेम का प्रतीक यह पर्व इस वर्ष सूना रह सकता है। बाजारों के बंद रहने तथा कोरोना के भय से इस समय आमजनों में भय व्याप्त है। गत वर्ष रक्षाबंधन के पखवाड़े भर पूर्व से ही बाजारों में रौनक आ जाती थी। लेकिन कोरोना ने इस रौनक को बुरी तरह से प्रभावित किया है। थोक में राखियां उठा चुके व्यापारी भी परेशान है कि आखिर पर्व में उनकी राखियां बिकेंगी या नहीं। दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और न ही आमजनों को इस बात की अनुमति दी जाएगी कि वे भीड़भाड़ वाले जगहों पर जा सकें। लिहाजा यह माना जा रहा है कि इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व फीका रहेगा।




