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हाईकोर्ट से मंत्री जयसिंह को मिली राहत, एक्ट्रोसिटी एक्ट में FIR को किया निरस्त

हाईकोर्ट से मंत्री जयसिंह को मिली राहत, एक्ट्रोसिटी एक्ट में FIR को किया निरस्त
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कोरबा। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल पर एससी/एसटी एक्ट में दर्ज एफआईआर मामले में बड़ी राहत मिली है। मंत्री व कोरबा क्षेत्र के विधायक जयसिंह अग्रवाल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में दर्ज एफआईआर को बिलासपुर हाईकोर्ट ने निरस्त करने का आदेश दिया है।
दरअसल मंत्री जयसिंह और सुरेंद्र प्रताप जायसवाल पर साल 2017 में कोरबा के अजाक थाने में मामला दर्ज हुआ था। स्पेशल कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन थाने और एसपी को शिकायत नहीं की गई। बिलासपुर हाईकोर्ट ने एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया है। स्पेशल कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन इसके लिए थाने और एसपी के पास शिकायत नहीं की गई। इसका लाभ मंत्री जयसिंह और दूसरे याचिकाकर्ता को मिला। कोरबा के चुइया निवासी दुखलाल कंवर ने स्पेशल से शिकायत की थी। इस पर कोर्ट के आदेश से कोरबा के अजाक थाने में एससी/ एसटी एक्ट 1989 के तहत मंत्री जयसिंह और सुरेंद्र अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके खिलाफ याचिका में कहा गया कि शिकायतकर्ता ने आवेदन सीधा स्पेशल जज की कोर्ट में 156 (3) सीआरपीसी के तहत दिया था।
याचिका में कहा गया- स्पेशल कोर्ट को सुनवाई का अधिकार नहीं
याचिकाकर्ताओं के वकील की ओर से कहा गया, बिना धारा 154 दंड प्रक्रिया सहिंता के भाग 1 और 3 का अनुपालन किए आदेश विधि के विपरीत होने के कारण निरस्त होने योग्य है। शिकायतकर्ता को मजिस्ट्रेट के यहां 156 (3) में आवेदन करना था।, लेकिन नहीं किया गया। स्पेशल कोर्ट को मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है। एफआईआर और स्पेशल कोर्ट के आदेश को निरस्त किया जाए।

 



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