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राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्म शताब्दी समारोह पर मोदी ने जारी किया 100 रुपये का स्मृति सिक्का

राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्म शताब्दी समारोह पर मोदी ने जारी किया 100 रुपये का स्मृति सिक्का
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नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भाजपा की संस्थापक सदस्य रहीं ग्वालियर की राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में 100 रुपये का स्मृति सिक्का जारी किया और कहा कि सुरक्षित, समृद्ध भारत के उनके सपने को केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत की सफलता से पूरा करेगी। वीडियो कांफ्रेंस से आयोजित इस समारोह में सिंधिया परिवार के सदस्यों के साथ-साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपालों सहित देश के अन्य भागों से कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए कश्मीर को लेकर या फिर अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए उनके संघर्ष हों, उनकी जन्मशताब्दी के साल में ही उनके ये सपने भी पूरे हुए। राजमाता सिंधिया को त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति बताते हुए मोदी ने कहा कि उनके पास सभी सुख सुविधाएं उपलब्ध थीं, इसके बावजूद उन्होंने आम लोगों और गांव, गरीब के साथ जुड़कर जीवन जिया उनके लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा, ''आजादी से पहले विदेशी वस्त्रों की होली जलाने से लेकर आपातकाल और राम मंदिर आंदोलन तक, राजमाता के अनुभवों का व्यापक विस्तार रहा है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इस मौके पर कहा कि राज परिवार में जन्म लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण करने वालीं राजमाता विजया राजे सिंधिया एक विरल व्यक्तित्व थीं।

 

भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से थीं राजमाता
विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर राजघराने की राजमाता होने के साथ-साथ भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से एक रही थीं। वह पांच बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा की सदस्य निर्वाचित हुई थीं। विजया राजे सिंधिया का जन्म 12 अक्तूबर, 1919 को मध्य प्रदेश के सागर में हुआ था। उनके बेटे माधव राव सिंधिया कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया उनकी पुत्री हैं। माधव राव के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद अब भाजपा में शामिल हो गए हैं।
 


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