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राज्यपाल के कर-कमलों से हुआ पूजा अग्रवाल की पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन

राज्यपाल के कर-कमलों से हुआ पूजा अग्रवाल की पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन
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 ​रायपुर :- ​साहित्यिक सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आज राजभवन (लोक भवन) में लेखिका पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन माननीय राज्यपाल महोदय रमेन डेका जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

​इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने लेखिका को उनकी इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विमोचन समारोह के दौरान पुस्तक की विषयवस्तु और लेखिका के लेखन कौशल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और 'माटी के पंख' जैसे सृजन निश्चित रूप से पाठकों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होंगे।
​इस विशेष अवसर की जानकारी छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल महोदय के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी साझा की गई है, जहाँ से इसे व्यापक सराहना मिल रही है। राज्यपाल महोदय ने पुस्तक के विषय और संदेश की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता वर्तमान समय की आवश्यकता है।
​अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लेखिका पूजा अग्रवाल ने कहा कि,  राज्यपाल महोदय के सानिध्य में अपनी पुस्तक का विमोचन होना मेरे लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का क्षण है। उनकी प्रेरणा और आशीर्वाद मुझे भविष्य में और अधिक बेहतर लेखन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।"
​'माटी के पंख' प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है, जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस पुस्तक में पूजा अग्रवाल की लिखी हुई 21 कहानियाँ हैं, जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दिखाती हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य के हौसलों को बयां करती हैं। इसमें दयालुता, प्रकृति से प्रेम, पेड़-पौधों से जुड़ाव और माटी की गरिमा का संदेश निहित है। यह किताब हमें सिखाती है कि स्क्रीन की दुनिया से परे भी एक बहुत सुंदर दुनिया है, जहाँ दूसरों की मदद करना ही ईश्वर की असली पूजा है। यह किताब कभी हार न मानने का हौसला रखने और हर परिस्थिति में मुस्कुराने का भी संदेश देती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के पाठक के लिए इसमें एक प्यारा संदेश है।
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