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एक पोटा केबिन जलने के बाद जागा प्रशासन, 18 चटाई से बने आश्रम की जगह बनेंगे नए भवन

 एक पोटा केबिन जलने के बाद जागा प्रशासन, 18 चटाई से बने आश्रम की जगह बनेंगे नए भवन
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दंतेवाड़ा। गीदम ब्लॉक के अंतर्गत कारली स्थित कन्या पोटा केबिन आश्रम में बीती रात भीषण आग लग गई। इस घटना में आवासीय विद्यालय में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह है कि भीषण आगजनी की इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। दरअसल, कोरोना संकट काल की वजह से पिछले कई महीनों से पोटा केबिन में अध्ययनरत सभी छात्राएं छुट्टी पर चली गईं हैं। ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना की वजह शॉट सर्किट बताई जा रही है। करीब 2 से 3 के बीच आग की लपटों को देख आश्रम में कार्यरत एक महिला ने आसपास के लोगों को फोन किया। घटना की जानकारी लगते ही जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा, जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा, औषधि बोर्ड के उपाध्यक्ष छबिन्द्र कर्मा व डीएमसी एसएल शोरी मौके पर तत्काल पहुँचे। सुलोचना ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले सीएसईबी ऑफिस फोन कर आसपास के इलाके की लाइन बंद करवाई साथ ही श्री शोरी ने फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया। 

बांस की चटाई वाले पोटा केबिन की जगह अब बनेंगे नए भवन: तुलिका 
आगजनी की इस घटना का प्रमुख कारण बांस की चटाई वाली कमरों को बताया जा रहा है जो थोड़े से शॉट सर्किट के कारण जलने लगी। जिपं अध्यक्ष तुलिका ने कहा बताया हमारे जिले में करीब 18 पोटा केबिन का निर्माण ऐसे ही बांस की चटाई से किया गया है, जो अब सुरक्षित नहीं है। जल्द ही शासन-प्रशासन स्तर पर पत्राचार कर सभी 18 पोटा केबिन पर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। 

बच्चे होते तो हो सकती थी बड़ी घटना: सुलोचना 
जिपं सदस्य सुलोचना कर्मा ने कहा कि पोटा केबिन में अंदर जाने व बाहर आने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता है। अगर पोटा केबिन संचालित होता तो बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था। सुलोचना ने सभी पोटाकेबिन के अधीक्षकों से किया है कि वे मेन स्वीच व मीटर आश्रम के बाहर लगवाए।
 


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