नई दिल्ली | स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने को लेकर नई नीति तैयार की है। इसके मुताबिक, अब कोरोना के हल्के या मध्यम लक्षण वाले मरीजों को ठीक होने के बाद बिना टेस्टिंग के भी डिस्चार्ज किया जा सकता है, इसके लिए शर्त यह है कि मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पडऩी चाहिए और उनमें लगातार तीन दिन तक बुखार नहीं होना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई पॉलिसी शनिवार सुबह जारी की। ऐसे मरीज जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, उन्हें क्लिनिकल सिम्प्टम्स दूर होने के बाद ही डिस्चार्ज किया जाएगा। लगातार 3 दिन तक ऑक्सीजन सैचुरेशन मेंटेन रखने वाले मरीज ही डिस्चार्ज होंगे। इसके अलावा एचआईवी पेशेंट्स और अन्य गंभीर बीमारियों वाले पेशेंट्स को क्लिनिकल रिकवरी और आरटी-पीसीआर टेस्ट में नेगेटिव आने के बाद ही डिस्चार्ज किया जाएगा।
मरीज को छुट्टी मिलने के बाद 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा। अगर बुखार, कफ या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण डेवलप होते हैं तो मरीज को कोविड केयर सेंटर या स्टेट हेल्पलाइन या फिर 1075 पर कॉन्टैक्ट करना होगा। 14वें दिन मरीज का फॉलो-अप टेली-कॉन्फ्रेंस के जरिए किया जाएगा।
ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं/बहुत हल्के हैं, उन्हें कोविड केयर फैसिलिटी में रखा जाएगा। जहां उन्हें रेगुलर टेम्प्रेचर चेक और पल्स ऑक्सिमेट्री मॉनिटरिंग से गुजरना होगा। अगर 3 दिन तक बुखार ना आया हो तो मरीज को 10 दिन के बाद डिस्चार्ज किया जा सकता है। उससे पहले टेस्टिंग की जरूरत नहीं होगा। डिस्चार्ज के वक्त मरीज को 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहने को कहा जाएगा। डिस्चार्ज से पहले, अगर कभी भी ऑक्सीजन सैचुरेशन 95 पर्सेंट से नीचे जाता है तो मरीज को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर (ष्टष्ठष्ट) ले जाया जाएगा।
थोड़े गंभीर लक्षण वाले मरीजों को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में ऑक्सीजन बेड्स पर रखा जाएगा। उन्हें बॉडी टेम्प्रेचर और ऑक्सीजन सैचुरेशन चेक्स से गुजरना होगा। अगर बुखार 3 दिन में उतर जाता है और मरीज का अगले 4 दिन तक सैचुरेशन लेवल 95त्न से ज्यादा रहता है तो मरीज को 10 दिन के बाद छोड़ा जा सकता है। मगर बुखार, सांस लेने में तकलीफ और ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होनी चाहिए। ऐसे मरीजों को डिस्चार्ज से पहले टेस्टिंग से नहीं गुजरना होगा।