जिला जेल के बंदी अब सप्ताह में एक दिन परिजन, वकील से कर पाएंगे बात, एक रुपए प्रति मिनिट का चार्ज लगाएगी जेल प्रबंधन, जाने पूरी खबर
महासमुंद | प्रिजन कॉलिंग सिस्टम के माध्यम से जिला जेल में विचाराधीन बंदी और दंडित बंदी अब सप्ताह में एक दिन अपने परिजनों और वकील से बात कर पायेंगे। इस वार्तालाप की रिकार्डिंग होगी यह सुविधा बंदी सुधार को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार और हाईकोर्ट के निर्देश पर लागू किया जा रहा है।
सहायक जेलर मुकेश कुशवाहा ने बताया कि जेल में बंद विचाराधीन कैदी और दंडित कैदियों के सुधार के लिए विभाग अनेक कदम उठा रहा है इस के तहत प्रिजन कालिंग सिस्टम के माध्यम से जेल में बंद बंदी अब सप्ताह में एक दिन किन्ही तीन नंबर पर अपने परिजन व वकीलों से दो मिनिट बात कर सकेंगे जिसकी ऑटोमैटिक रिकार्डिंग होगी। बात करते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बात का विषय घरेलू व प्रकरण विषयक ही हो यदि अश्लील भाषा या विषय से हटकर कोई बात की जाती है तो यह सुविधा समाप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्रारंभ से सात दिवस में एक बार फोन से बात करने की सुविधा होगी। उपयोग की समयावधि दिन में 9 बजे से 1 बजे और शाम 4 से 6 बजे तक होगी। रविवार व अवकाश के दिनों में यह सुविधा 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। किस बंदी को यह सुविधा दी जाए यह विचार और पूर्ण अधिकार जेल अधीक्षक के पास सुरक्षित होगा। श्री कुशवाहा ने बताया कि मार्गदर्शन के अनुसार यह एक सुविधा है अधिकार नहीं अत: कोई भी बंदी इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए अधिकारपूर्वक दावा नहीं कर सकता। सुविधा प्राप्त करने के लिए किसी भी तीन नंबर पर ही बात हो सकती है एक नंबर अधिवक्ता का और दो नंबर परिवारिक सदस्य या मित्र का होगा। श्री कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में जेल में 254 विचाराधीन और 11 दंडित बंदी है इनके द्वारा दिए गए नंबर का वेरिफिकेशन थानों द्वारा करा गया है जल्द ही यह सुविधा बंदियों को दी जाने वाली है।
एक रुपए प्रति मिनिट का चार्ज
सहायक जेलर श्री कुशवाहा ने बताया कि सप्ताह में एक दिन केवल दो मिनिट के लिए बंदी अपने दिए गए नंबर पर बात कर सकेंगे। जो एक रुपए प्रति मिनिट की दर से चार्ज होगा इसके लिए उनका एक कार्ड बनेगा जिसमें परिजन द्वारा राशि जमा की जाएगी और इसी कार्ड के माध्यम से राशि कटेगी जब बंदी रिहा होकर जाएगा शेष राशि उन्हें वापस कर दी जाएगी।
इन्हें नहीं मिलेगा सुविधा का लाभ
श्री कुशवाहा ने बताया कि प्राप्त दिशा निर्देश के अनुसार नक्सली, आतंकवादी, डकैत, फिरौती अपहरणकारी, एनडीपीएस बलात्कार, लूट व अन्य विशेष सुरक्षा वाले बंदियों को यह सुविधा प्राप्त नहीं होगी। श्री कुशवाहा के अनुसार सेंट्रल जेल में यह सुविधा पहले से चल रही है अब यह जिला जेल में लागू होने जा रही है जिसके बाद उपजेल में भी सुविधा लागू की जा सकती है।







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