दशहरे पर जरूर करें ये काम...हर कदम में होगी जीत और मिलेगा सौभाग्य
वास्तु शास्त्र में कई तरह के नियम तय किए गए हैं। हर नियम के पीछे एक खास वजह होती है। यदि इन्हें चीज़ें इनके हिसाब से न हो, तो घर में आए दिन तरह-तरह की परेशानियां ( problem)आनी शुरू हो जाती हैं।
अपराजिता देवी की पूजा की जाती है। इसके लिये दोपहर बाद ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा( disha) में जाकर साफ-सुथरी भूमि पर गोबर से लीपना चाहिए और उसी जगह पर चंदन से आठ पत्तियों वाला कमल का फूल बनाना चाहिए। इस आकृति के बीच में अपराजिता देवी की पूजा करनी चाहिए जबकि आकृति के दाहिनी ओर जया की पूजा करनी चाहिए
शमी के पेड़ की पूजा ( worship)
वहीं शमी पूजा की बात करें तो इसके लिये गांव के बाहर उत्तर-पूर्व दिशा में शमी के पौधे की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से बाहर यात्राओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आती। आप चाहें तो घर के बाहर शमी का पौधा लगा भी सकते हैं।







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