मोबाइल की बैटरी में ब्लास्ट होने से छात्र का पेट फटा, आंते आई बाहर, आप न करे ऐसी गलती...
बैतूल : मोबाइल बैटरी में ब्लास्ट होने की खबर बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ सड़क पर पड़ी मोबाइल बैटरी के कारण चौथी के छात्र की जान पर बन आई। स्कूल जाते समय उसे बैटरी नजर आई तो वह उसे उठाकर खेलने लगा। जमीन पर गिरते ही बैटरी में हुआ ब्लास्ट और बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चा का पेट फट गया और आंतें बाहर आ गईं। इसके अलावा आंख और हाथ-पैर में भी गंभीर चोट आई है। बच्चे का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना गांव गजपुर की है। चौथी में पढ़ने वाले राजा पिता बल्लू कुमरे शुक्रवार को स्कूल जा रहा था। उसके साथ और भी बच्चे स्कूल जा रहे थे। रास्ते मे पड़ी मोबाइल बैटरी को बच्चे ने उठा लिया और खेलने लगा। खेल-खेल में बैटरी में अचानक से ब्लास्ट हो गया। बैटरी के टुकड़े उछलकर बच्चे के पेट सहित हाथ-पैर में लगे। ब्लास्ट हुआ तो दूसरे बच्चे डरकर भाग निकले। सड़क पर पड़े लहूलुहान बच्चे को देख ग्रामीण दौड़े और बच्चे के परिवार को सूचना दी। वे उसे लेकर तत्काल अस्पताल रवाना हुए। बैटरी फटने से बच्चे के पेट और पैर में ज्यादा चोट आई है।
बैटरी में ब्लास्ट होने से पेट फटा, आंते आई बाहर
जिला अस्पताल में इलाज कर रहे सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ. प्रदीप धाकड़ ने बताया कि विस्फोट में बच्चे के पेट की आंखें बाहर निकल आई थीं, फटे पेट की सर्जरी कर आंतों को भीतर किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर बालक को ज्यादा रक्तस्रव हो जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी।
फिलहाल यह मामला थाना क्षेत्रों के विवाद में उलझा हुआ है, यही वजह है कि अभी किसी भी थाना क्षेत्र की पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू नहीं की है। गजपुर किस थाना क्षेत्र में आता है, अभी यह ही तय नहीं हो सका है। चिचोली टीआई अजय सोनी ने बताया कि यह थाना क्षेत्र उनके इलाके में नहीं आता है, यह शाहपुर थाना क्षेत्र का गांव है।
वहीं शाहपुर थाना प्रभारी एस एन मुकाती का कहना है कि यह गांव उनके इलाके में भी नहीं आता है। यही वजह है कि अभी इस विस्फोट को लेकर पुलिस की तरफ से पूरी जांच शुरू नहीं की गई है। मुकाती के मुताबिक यह थाना क्षेत्र कोतवाली के तहत आ सकता है, क्योंकि गांव पाढर के आसपास स्थित है। कोतवाली टीआई अपाला सिंह ने बताया कि वे गांव को लेकर जानकारी जुटा रही हैं। उन्होंने बताया कि गजपुर जांच के लिए हेड कांस्टेबल को भेजा गया है।
डॉ. प्रदीप धाकड़ ने बताया कि विस्फोटक जितना तेज था और उससे आई चोट और शरीर पर मिले निशान छर्रे जैसे लग रहे हैं। चोट के पास बारूद और कार्बन पार्टिकल जैसे तत्व भी मिले हैं, इसलिए उस मौके को देखा जाना चाहिए, जहां विस्फोट हुआ था।







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