कोरोना महामारी के बीच आरबीआई ने फिर किये कई बड़े ऐलान, जाने क्या ऐलान किये है आरबीआई ने
मुंबई | इकॉनमी को संकट से उबारने के लिए आरबीआई ने शुक्रवार को फिर कई बड़े ऐलान किए। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना वायरस के असर को देखते हुए रिजर्व बैंक सतर्क है। उन्होंने कहा कि रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती का निर्णय लिया गया है। रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट को 4 फीसदी से घटाकर 3.75 फीसदी करने का ऐलान कर दिया है जबकि रेपो रेट को बरकरार रखा गया है। मौजूदा माहौल को आरबीआई करीब से मॉनिटर कर रहा है। उन्होंने कहा कि बदले माहौल में स्थिति से अवगत कराना जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि 27 मार्च को आरबीआई ने स्थिति की गंभीरता का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि जी-20 देशों में भारत का ग्रोथ अनुमान बेहतर है। इसके अलावा अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। मौजूदा मुश्किल दौर में हमारा ग्रोथ अनुमान 1.9 फीसदी है। टार्गेटेड लांग टर्म रेपो ऑपरेशन के तहत आरबीआई ने आरबीआई और एनबीएफसी को 50 हजार करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया।
गवर्नर बोले कि ग्लोबल जीडीपी में 9 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है जो जापान और जर्मनी की जीडीपी के बराबर हो सकता है। भारत जी20 इकॉनमीज में सबसे ज्यादा ग्रोथ वाला देश हो सकता है जैसा कि आईएमएफ ने कहा है। गवर्नर ने कहा, हम पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। भारत के हालात दूसरों से बेहतर हैं। वैश्विक मंदी के अनुमान के बीच भारत की विकास दर अब भी पॉजिटिव रहने का अनुमान है और यह 1.9 प्रतिशत रहेगी।
कोविड-19 के कारण इन इंस्टीट्यूशन्स को सेक्टोरल क्रेडिट की कमी का सामना करना पड़ रहा है। रीफाइनैंसिंग के लिए इनके लिए 50 हजार करोड़ रुपये की मद दी जा रही है। इसमें 25 हजार करोड़ नाबार्ड के लिए, सिडबी के लिए 15 हजार करोड़ और 10 हजार करोड़ एनएचबी के लिए होगा। इस अमाउंट के बारे में फऐसला इनसे चर्चा के बाद लिया गया है। इसमें बाद में बदलाव किया जा सकता है।
देश की इकॉनमी और इंडस्ट्री के लिए राहत पैकेज को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच गुरुवार को लंबी मीटिंग हुई। सूत्रों के अनुसार सहमति बनी कि इंडस्ट्री को राहत पैकेज किस्तों में दिया जाए। यह काम सेक्टरवार तरीके से होगा। जिन सेक्टरों को पैकेज दिया जाएगा, उनमें छोटे उद्योग, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, सिविल एविएशयन, सर्विसेज, ऑटो, टूरिजम और होटल्स शामिल हैं।







.jpeg)












