यदि डब्लूटीओ अनुमति दे तो भारत पूरी दुनिया का पेट भर सकता है : नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 12 अप्रैल को गुजरात के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का जिक्र किया। कहा, 'इस जंग के कारण दुनिया के विभिन्न हिस्सों में खाद्य भंडार घट रहा है। आज दुनिया एक अनिश्चित स्थिति का सामना कर रही है, क्योंकि किसी को वह नहीं मिल रहा है जो उसे चाहिए। पेट्रोल, तेल और उर्वरक की उपलब्धता घट रही है। दुनिया के सामने अब एक नई और बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। वो यह है कि दुनिया का अन्न भंडार खाली हो रहा है।'
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से हुई बातचीत में भी ये बात कही है। उन्होंने कहा, 'मैं अमेरिका के राष्ट्रपति से बात कर रहा था तो उन्होंने भी इस गंभीर मुद्दे को उठाया। मैंने सुझाव दिया कि यदि डब्लूटीओ अनुमति देता है, तो भारत कल से दुनिया को खाद्य भंडार की आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।'
पीएम मोदी ने यह भी कहा, 'हमारे पास अपने लोगों के लिए पहले से ही पर्याप्त खाद्यान्न है, लेकिन ऐसा लगता है कि हमारे किसानों ने पूरी दुनिया को खिलाने की व्यवस्था कर ली है। लेकिन हमें दुनिया के कानूनों के मुताबिक चलना है, इसिलए मुझे नहीं पता कि इस काम के लिए विश्व व्यापार संगठन कब अनुमति देगा।'
ज्ञातव्य है कि श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कई देशों में खाद्यान्न संकट गहराता जा रहा है। महंगाई और कम उत्पादन से कई देशों में अनाज का संकट है। लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत पूरी दुनिया को अनाज दे सकता है। इसके लिए विश्व व्यापार संगठन यानी डब्ल्यूटीओ की मंजूरी का इंतजार है।
क्या है डब्ल्यूटीओ, जिसकी अनुमति का इंतजार कर रहा भारत? विश्व व्यापार संगठन यानी डब्ल्यूटीओ एक बहुपक्षीय संस्था है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार का नियमन करती है। इसकी स्थापना एक जनवरी 1995 को हुई थी। इसका मुख्यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में है। फिलहाल 164 देश इसके सदस्य हैं। भारत शुरू से ही डब्ल्यूटीओ का सदस्य रहा है। आज विश्व का 98% व्यापार डब्ल्यूटीओ के दायरे में होता है।







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