मारा गया कानपुर कांड का मास्टरमाइंड, विकास दुबे की मौत छोड़ गई कई सवाल
कानपुर कांड का मास्टरमाइंड विकास दुबे मुठभेड़ में मार गिराया गया है। विकास की मौत के साथ ही कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। गाड़ी किस तरह पलटी, किन परिस्थितियों में पलटी, लोगों और मीडिया को घटना स्थल से दूर क्यों रखा गया जैसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश और पुलिस का पिस्टल छीना। इस दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई और विकास घायल हुआ। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
जाने पूरा घटना क्रम
उज्जैन के एसपी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि विकास दुबे को मध्यप्रदेश पुलिस ने कल बाबा महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया था । विकास ने महाकाल मंदिर में 250 का टिकट लिया शंका के आधार पर उसे रोक कर पूछताछ की उसने शुरुआत में अपनी पहचान छुपाई। एस पी ने कहा कि बाहरी लोगों पर हमारी नजर थी। विकास दुबे को हमने यूपी पुलिस के हवाले किया है।
कानपुर पुलिस हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से यूपी ला रही यूपी एसटीएफ टीम की गाड़ियों का काफिला देर रात करीब 3.13 बजे झांसी पहुंचा। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस की तीन गाड़ियों के साथ विकास को सड़क मार्ग से उज्जैन से कानुपर लाया जा रहा था ।
इस दौरान झांसी के टोल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। एसटीएफ का काफिला गुजरते हुए आम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई। पुलिस का कहना है कि विकास को जिस गाड़ी में लाया जा रहा था वह हादसे का शिकार हुई। इसके बाद उसने भागने की कोशिश की और मारा गया।







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