प्रधानमन्त्री का देश के नाम सन्देश,22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने के साथ साथ डाक्टरों का भी करे अभिवादन ,पढ़े पूरी खबर
नई दिल्ली। दुनियाभर में हजारों लोगों को मौत की नींद सुला चुके कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर भारत भी बेहद सतर्क है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दुनिया को जितना पहले और दूसरे विश्वयुद्ध ने प्रभावित नहीं किया था, उससे ज्यादा कोरोना वायरस से प्रभावित हुए हैं।
नरेन्द्र मोदी जी ने कहा...
-रोज का जरूरी सामान्य इकट्ठा करने का प्रयास न करें।
-मुझे उम्मीद है कि सभी देशवासी आने वाले समय में अपने कर्तव्यों और दायित्वों का निर्वाह इसी तरह करते रहेंगे।
-देश में जरूरी सामान का कोई संकट नहीं है।
-आज देश में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार हो, स्थानीय निकाय, जनप्रतिनिधि या सिविल सोसायटी हो, हर कोई इस वैश्विक बीमारी से बचने के लिए योगदान दे रहा है।
-शक्ति उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि पर संकल्प लें आओ हम खुद को भी बचाएं, देश को भी बचाएं और दुनिया को भी बचाएं।
-जनता कर्फ्यू, जनता के लिए जनता द्वारा लगाया कर्फ्यू। सभी देशवासियों को जनता कर्फ्यू का पालन करना चाहिए।
22 मार्च को सुबह 7 से 9 बजे तक देश की जनता खुद पर कर्फ्यू लगाए।
-जनता कर्फ्यू हमें आने वाली स्थितियों से निपटने में मदद करेगी।
-जनप्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी, मीडिया कर्मियों की सक्रियता तो आवश्यक है, लेकिन बाकी लोग भीड़भाड़ और पार्टी समारोहों से आइसोलेट कर लेना चाहिए।
-सीनियर सिटीजन (60 से ऊपर) घर से बिलकुल भी बाहर न निकलें।
-ऐसी स्थिति में एक ही मंत्र काम करता है- 'हम स्वस्थ तो जग स्वस्थ'। हमारा स्वस्थ रहना पहली प्राथमिकता है।
-भीड़ से बचना, घर से बाहर निकलने से बचना। अत: संयम बनाकर रखें।
-सोशल डिस्टेंसिंग कारगर और आवश्यक है।
-हमारा संकल्प और संयम बीमारी को रोकने में बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है।
-आप यह सोचते हैं कि आपको कुछ नहीं होगा, यह सोच नहीं है। आप ऐसा करके अपने परिवार के साथ अन्याय करेंगे।
-आने वाले कुछ सप्ताह तक बहुत जरूरी हो तभी अपने घर से बाहर निकलें।
-जितना संभव हो आप अपना काम हो सके तो अपने घर से ही करें।
-सायं 5:00 बजे कोरोना सेनानियो (डाक्टरों) का हौसला बढ़ाने के लिए घरों के दरवाजे बालकनी टेरेस पर खड़े होकर 5 मिनट तक तालियां,घंटी या थालियाँ बजावे







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