BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- किसी भी धर्म को स्वीकार करने का अधिकार है लेकिन ज़बरदस्ती, प्रलोभन या धोखे से नहीं

जबरन धर्मांतरण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- किसी भी धर्म को स्वीकार करने का अधिकार है लेकिन ज़बरदस्ती, प्रलोभन या धोखे से नहीं
Share

 नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर जबरन धर्मांतरण पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि चैरिटी और समाज सेवा अच्छी बात है लेकिन इसके पीछे कोई गलत उद्देश्य नही होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को धर्म की स्वतंत्रता के अनुसार किसी भी धर्म को स्वीकार करने का अधिकार है। लेकिन ज़बरदस्ती, प्रलोभन या धोखे से नहीं। हर चैरिटी, अच्छे काम का स्वागत है, लेकिन दान का उद्देश्य धर्मांतरण नहीं हो सकता।

जस्टिस शाह ने कहा कि हम यहां चीजों को ठीक करने के लिए हैं। हम देख रहे हैं कि इरादा क्या है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से उठाए गए कदमों पर विस्तृत हलफनामा भी मांगा है। अब इस मामले पर अगले सोमवार को सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से उठाए गए कदमों पर विस्तृत हलफनामा मांगा है। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि लोग विभिन्न कारणों से, दवाओं आदि के लिए धर्मांतरण करते हैं। यह एक बहुत ही खतरनाक तरीका है। पंजाब सरकार ने अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है और राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाने की बात कही है। गुजरात सरकार का हलफनामा महत्वपूर्ण है। उन्होंने 2003 में कानून बनाया था।उस पर रोक लगी हुई है।


Share

Leave a Reply