संदिग्धों एवं अवैध हथियार तस्करों की जल्द होगी धरपकड़...
भोपाल : प्रदेश में आतंकियों के पकडऩे एवं खरगोन व अन्य क्षेत्रों में दंगे भड़काने के मामले को पुलिस मुख्यालय गंभीरता से ले रहा है। पिछले दिनों जहां प्रदेशभर में रहने वाले बाहरी लोगों एवं किराएदारों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए थे वहीं अब पुलिस मुख्यालय ने अवैध हथियार तस्करों को निशाने पर लिया है। अभियान चलाकर संदिग्ध आतंकियों एवं अवैध तस्करों की पहचान की जाएगी, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और इसकी मॉनिटरिंग यहीं से होगी। ऐसे बदमाश जो काफी लंबे समय से अवैध हथियारों के मामले में वांटेड चल रहे हैं।
इनमें स्टेंडिंग वारंटी और अन्य बदमाश शामिल हैं, उनकी धर पकड़ को लेकर सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों में बतौर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। विशेषकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे अधिक निशाने पर रहेगा, क्योंकि यहां पर अवैध हथियारों की तस्करी अधिक होती है।
ज्ञात रहे कि खरगोन और खंडवा में हुए दंगों में अवैध हथियारों का भी उपयोग हुआ। उपद्रवियों ने हथियार लहराने के साथ ही पुलिस व जुलूस निकालने वाले लोगों को निशाना बनाकर फायर किए। जिसमें खरगोन के पुलिस, थाना प्रभारी सहित पुलिस कर्मियों को गोली लगी। इस घटना के बाद पुलिसम मुख्यालय और अधिक सतर्क हो गया है एवं ऐसी तैयारी की है कि अवैध हथियार रखने वालों व इसकी तस्करी करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस ने अब तक अवैध हथियार को लेकर जो ऑपरेशन किया है, उससे पला चला है कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान से अवैध हथियार बड़ी मात्रा में मध्यपदेश में आता है।
मप्र में अवैध हथियारों का चलन बढ़ाने की एक बड़ा कारण यह है कि अब हथियर लाइसेंस को लेकर शासन-प्रशासन सख्त होता जा रहा है। जिसके चलते लोग अपनी सुरक्षा के लिए अवैध हथियारों की ओर रुख करते हैं। अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में पकड़े गये बदमाशों ने कई बार यह जानकारी दी है कि अवैध हथियार ऑन डिमांड लाये जाते हैं। देशी कट्टा से लेकर देशी पिस्टल ओर माउजर तक सब कुछ मिलता है। कीमत अच्छी मिलने पर विदेशी पिस्टल भी उपलब्ध करवा दी जाती है।
भोपाल में जेएमबी के चार आतंकियों के पकड़े जाने के बाद प्रदेश की पुलिस अलर्ट पर है। मध्यप्रदेश में अवैध रूप से रह रहे किरायेदार आंतरिक सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं। मध्यप्रदेश शांति का टापू है, यहां अपनी व्यक्तिगत जरूरतों की पूर्ति के लिए बाहर से कई लोग आकर किराए से निवास करते हैं। इसकी आढ़ में ई असामाजिक तत्व भी अवांछनीय गतिविधियों को संचालित कर सकते हैं। वर्तमान में कई किराएदारों का चरित्र सत्यापन नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस पूरी परिस्थिति को गंभीरता से लिया जाकर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बाद डीजीपी ने अवेध रूप से निवासरत विदेशी नागरिकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही एवं किरायेदारों के चरित्र सत्यापन का विशेष अभियान चलाने के निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को दिए थे। पूरे प्रदेश में 30 अप्रैल तक यह अभियान चलेगा।







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