BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी देश की पहली अंडर वॉटर टनल, पढ़ें पूरी खबर

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी देश की पहली अंडर वॉटर टनल, पढ़ें पूरी खबर
Share

नई दिल्ली | पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से बढ़े तनाव को कम करने के लिए एक ओर जहां सैन्य कमांडर की बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश से असम तक सड़क परिवहन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है. केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 14.85 किलोमीटर की टनल बनाने को सैद्धांतिक मंजरी दे दी है. बता दें कि देश में पहली बार नदी के नीचे बनने वाली टनल पूर्वी चीन की ताइहू झील के नीचे बन रही टनल से अधिक लंबी होगी.

केंद्र सरकार ने असम के गोहपुर (एनएच-54) से नुमालीगढ़ (एनएच-37) को जोडऩे के लिए ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे चार लेन की सड़क टनल बनाने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. बताया जाता है कि सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचएआईडीसीएल) ने अमेरिका की कंपनी की ओर से नदी के नीचे तैयार की जाने वाली टनल की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दी है. बता दें कि अमेरिका की लुइस बर्जर कंपनी ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 14.85 किलोमीटर लंबी टनल बनाने की प्री-फिजिबिलटी रिपोर्ट और डीपीआर तैयार की है.
इस टनल की खास बात ये होगी कि इसके अंदर से सैन्य वाहन और हथियारों से लैस वाहनों को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा सकता है. यह टनल असम और अरुणाचल प्रदेश को जोडऩे के दृष्टिकोण से काफी अहम साबित हो सकती है. खबर है कि इस टनल को तैयार करने की तमाम प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और दिसंबर में इस टनल पर काम शुरू किया जाएगा.
पूर्वी चीन के ताइहू झील के नीचे निर्माणाधीन सड़क परिवहन टनल की लंबाई 10.79 किलोमीटर है. बता दें कि ताइहू झील के नीचे एक ही टनल बनाई जा रही है जबकि ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बन रही टनल में आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे. टनल के भीतर पानी न घुस सके इसके लिए कई सुरक्षा घेरे तैयार किए जाएंगे.
 

Share

Leave a Reply