यूक्रेन संकट : भारतीयों को निकालने लिए आईएएफ ने भेजे तीन और सी-17 विमान
नई दिल्ली : रूस और यूक्रेन का जंग जारी है। इसी बीच फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए गुरुवार को भारतीय वायु सेना ने अपने तीन और सी-17 विमानों को रोमानिया, हंगरी और पोलैंड के लिए भेजा है। अधिकारियों ने कहा कि सी-17 में से एक विमान की आज रात लौटने की उम्मीद है, जबकि अन्य दो के शुक्रवार सुबह उतरने की उम्मीद है। वायुसेना के भारी क्षमता वाले सी-17 विमान में करीब 200 लोग बैठ सकते हैं। यूक्रेन और रूस के जंग के बीच फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ऑपरेशन गंगा चला रही है। भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को तीन देशों के 798 यात्रियों को भी वापस लाया।
वहीं, भारत ने बुधवार को रोमानिया, पोलैंड और हंगरी में फंसे हजारों भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए चल रहे राष्ट्रीय प्रयास में शामिल होने के लिए चार सी -17 विमान लॉन्च किए थे। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायुसेना को ऑपरेशन गंगा में शामिल होने को कहा था।
सी-17 विमान ने मुश्किल समय में अहम रोल अदा किया है। पिछले साल जब पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद अपने चरम पर था, तो सी-17 ने सैनिकों और सैन्य उपकरणों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं, पिछले साल इन हवाई जहाजों का उपयोग कोविड के दौरान बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन कंटेनरों के परिवहन के लिए भी किया गया था।
विमान का इस्तेमाल पिछले साल अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भी किया गया था। यह हाल के वर्षों में नेपाल, मालदीव और यमन में मानवीय मिशनों में भी शामिल रहा है। वायुसेना का यह विमान भारी भरकम बेड़े को संचालित करता है, जिसे करीब 4.5 बिलियन डॉलर के सौदे में अमेरिका से खरीदा गया है। इस विमान की खासियत यह है कि यह 72,574 किलोग्राम के भार के साथ उड़ान भर सकता है और 3,000 फीट से कम माप वाले एक छोटे, बिना तैयार रनवे पर भी उतर सकता है।







.jpeg)












