भूमि पूजन में शामिल होगी उमा भारती, 4 से 6 अगस्त तक अयोध्या में ही रहने के निर्देश
भोपाल। पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन में मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती भी शामिल होगी। उन्हें भूमि पूजन के दौरान चार अगस्त से 6 अगस्त तक अयोध्या में ही रहने के रामजन्म भूमि न्यास की ओर से निर्देश मिले है। उमा भारती ने ट्वीट कर स्वयं इसकी जानकारी दी है।
अपने ट्वीट में उमा भारती ने जानकारी दी है कि न्यास की ओर से उन्हें 4 अगस्त की शाम तक अयोध्या पहुचने के निर्देश मिले है। उन्होंने बताया कि वह 30 जून को ही अयोध्या में गई थी एवं रामलला के दर्शन कर आरती में भी भाग भी लिया था। गौरतलब है कि मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती रामजन्मभूमि आंदोलन की बड़ी नेता रही है। उनपर अभी भी विवादित ढांचा गिराने व लोगो को उकसाने का केस चल रहा है। केस के सिलसिले में उमा भारती ने जुलाई के पहले सप्ताह में ही लखनऊ गई हुई थी।
दिग्विजय ने भूमिपूजन के मुहूर्त पर फिर उठाए सवाल-
मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के अयोध्या में भूमि पुजन के मुहूर्त को लेकर सवाल खड़े करना जारी है। उन्होंने शनिवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट कर एक बार फिर भूमि पुजन के मुहूर्त को हिन्दुओ की आस्था एवं मान्यताओं के साथ खिलवाड़ होना बताया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमारी आस्था के केंद्र में राम ही है। राजीव गांधी भी चाहते थे की रामजन्म भूमि पर एक भव्य मंदिर बने व रामलला वही विराजे, लेकिन 5 अगस्त को कोई मुहूर्त नही है। उन्होंने कहा कि आज भी 90 फीसदी से अधिक हिन्दू ऐसे होंगे जो मुहूर्त, ग्रहदशा, ज्योतिष, चौघडिय़ा आदि धार्मिक विज्ञान को मानते है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन के मुहूर्त पर सवाल उठाते हुए चुटकी ली थी। दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा था कि मुहूर्त के पहले राममंदिर के पुजारी सहित 14 लोग कोरोना संक्रमित हो गए है। अब बताओ मुहूर्त सही है या गलत।
भाजपा ने किया पलटवार-
दिग्विजय सिंह के सवाल पर भाजपा ने पलटवार किया है। ग्रह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कुछ लोगों की आदत ही होती है आलोचना करने की। इसलिए वो जब बोलते है उल्टा ही बोलते है और अच्छे में भी वे बुराई ही ढूंढते है। उन्होंने दिग्विजय सिंह और शायराना अंदाज़ में तंज कसते हुए कहा, कबीरदास की उल्टी बानीज् बरसे कंबल भीगे पानी। गृहमंत्री ने कहा आलोचना ही सही पर कमसे कम उन्होंने राम का नाम तो लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कारण ही राम मंदिर निर्माण में देरी हुई है।







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