CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। राजनांदगांव एसपी ने 148 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर आदेश जारी किया है। देखें सूची-




CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। राजनांदगांव एसपी ने 148 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर आदेश जारी किया है। देखें सूची-




कोरिया। जिले के पटना थाना क्षेत्र से बड़ी खबर जहाँ ग्राम पंचायत सरभोका के गोल्हा सरई में सड़क किनारे एक युवक का शव बरामद हुआ है। लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने शव देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
पूरा मामला कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र का है, जहाँ सड़क किनारे पड़े लाश की पहचान की गई जोकि नगर पंचायत पटना के ही वार्ड नंबर 13 निवासी 28 वर्षीय राहुल यादव के रूप में हुई है।
राहुल यादव जीविकोपार्जन के लिए बिरियानी सेंटर में काम करता था। घर का अकेला सहारा माने जाने वाले राहुल की संदिग्ध मौत ने परिजनों को सदमे में डाल दिया है। घटना की सूचना मिलते ही पटना थाना पुलिस टीम मौके पर पहुँची और डॉग स्क्वायड की टीम भी जांच में जुट गई है।
पुलिस का कहना है कि शव को पीएम के बलिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत की वजह पता चल सकेगी। फ़िलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के आदेश जारी होते ही डॉक्टर भूरे जल्द ही राजनांदगांव कलेक्टर के पद से रिलीव किए जाएंगे।
डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे का जन्म 12 सितंबर 1984 को महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले के लखानंदुर गांव में हुआ। उनके पिता शिक्षक थे और उन्होंने अपने पुत्र को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। डॉक्टर भूरे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पूरी की, जहां उन्होंने पहली से दसवीं तक की पढ़ाई मातृभाषा मराठी में की। इसके बाद उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भंडारा शहर से पूरी की।
एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए उन्हें पुणे के सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला। अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई में शुरू में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर उन्होंने एमबीबीएस पूरा किया।
एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने UPSC की तैयारी शुरू की। इस दौरान उनकी शादी हो गई। नौकरी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने लगातार UPSC की तैयारी जारी रखी। उनकी पत्नी डॉ रश्मि भूरे ने इस दौरान उनका पूर्ण सहयोग और प्रेरणा प्रदान की।
डॉक्टर भूरे ने 2009 में UPSC का पहला प्रयास किया और आईपीएस बने, उन्हें 2010 बैच एलॉट हुआ। इसके बाद 2010 के UPSC प्रयास में वे आईएएस बने और 2011 बैच में छत्तीसगढ़ कैडर उन्हें आवंटित किया गया।
वर्तमान में डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे राजनांदगांव कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में अपने उत्कृष्ट नेतृत्व और समर्पण के लिए कई प्रशंसा प्राप्त की है। अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी, जिसमें देश में टेक्सटाइल उद्योग के विकास, नीतियों का क्रियान्वयन और निवेश संवर्द्धन से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में पुलिस ने सटोरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पंतोरा क्षेत्र के छाता जंगल में बड़े स्तर पर जुआ खेलने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। यहां पुलिस को देखकर सभी जुआरी भाग गए लेकिन पुलिस ने मौके से 17 बाइक जब्त की हैं।
छाता जंगल में लंबे समय से जुआ खेला जा रहा है लेकिन पुलिस के हाथ जुआरी नहीं लग पा रहे हैं। दरअसल एसपी विजय पांडे को छाता जंगल में जुआ खेलने की सूचना मिली थी। इसके बाद एसपी ने बलौदा थाना और पंतोरा उप-थाना की पुलिस टीम बनाई।
जब पुलिस टीम ने दबिश दी तो सभी जुआरी भाग गए लेकिन 17 बाइक बरामद की गई हैं और मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
धरसीवा। सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के फेस वन में स्थित टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। करीब आधा दर्जन दमकल की गाड़ी आग बुझाने में लगी है, लेकिन आग बार-बार भड़कती जा रही है। इसके चलते आसमान में दो-तीन किलोमीटर तक धुंआ ही धुंआ नजर आ रहा है।
फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिकों के मुताबिक फैक्ट्री में सुबह आग लगी है। फैक्ट्री में आग बुझाने फायर सिस्टम नहीं है। पानी से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं बुझी। वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियों के कारण लोगों का सांस लेना भी मुश्किल है, क्योंकि टायर जलाकर ऑयल बनाने के दौरान आसपास के दर्जनभर गांवों तक इसकी दुर्गंध से लोग परेशान हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए दुर्गा उत्सव के दौरान अच्छी खबर है। प्रदेश में बिजली प्रति यूनिट 11 पैसे सस्ती हो गई है। इसकी वजह कोयले पर लगने वाला कंपनसेशन सेस खत्म होने से छत्तीसगढ़ में बिजली की दरें घट जाएंगी। भारत सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी रिफार्म 2.0 के तहत कोयले पर लगने वाले कंपनसेशन सेस को समाप्त कर दिया गया है। बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया है कि अप्रत्याशित रूप से जीएसटी रिफार्म के इस कदम के कारण बिजली उत्पादन की लागत में कमी आएगी, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में 11 पैसे प्रति यूनिट तक की राहत मिल सकती है।
प्रदेश के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ता इस फैसले से लाभान्वित होंगे। दरों में यह कमी सभी वर्गों पर लागू होगी। जानकारों का कहना है कि उत्पादन लागत कम होने से लंबे समय तक बिजली दरों को स्थिर रखने में भी मदद मिलेगी। केंद्र सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू कर दी हैं। इसके तहत कोयले पर लगने वाला 400 रुपए प्रति टन का कंपनसेशन सेस खत्म कर दिया गया है। थर्मल पावर प्लांट में बिजली बनाने के लिए कोयला मुख्य ईंधन है। सेस खत्म होने से बिजली उत्पादन सस्ता पड़ेगा। हालांकि, केंद्र ने कोयले पर जीएसटी दर 5% से बढ़ाकर 18% कर दी है। इसके बावजूद, कुल मिलाकर बिजली कंपनियों की लागत में राहत ही मिली है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के चेयरमैन डा. रोहित यादव ने बताया कि सेस खत्म होने से उन्हें कोयला औसतन 152.36 रुपए प्रति टन सस्ता मिलेगा। इससे बिजली बनाने की लागत में करीब 11.54 पैसे प्रति यूनिट की कमी आएगी। इसका फायदा सीधे राज्य के उपभोक्ताओं को दिया जाएगा।
कंपनसेशन सेस क्या है
कोयला, लिग्नाइट और पीट जैसी चीजों पर प्रति टन एक निश्चित रकम (400 रुपए प्रति टन) कंपनसेशन सेस लिया जाता है। यह पैसा सीधे कंपनसेशन फंड में जमा होता है। इस फंड से उन राज्यों को पैसा दिया जाता है, जिनकी कमाई जीएसटी लागू होने से कम हो गई है। जैसे छत्तीसगढ़ को जीएसटी में बदलाव से पहले सालाना 10,000 करोड़ टैक्स मिलता था। जीएसटी में बदलाव के बाद केवल 8,500 करोड़ मिलने लगा। 1,500 करोड़ की भरपाई कंपनसेशन फंड से की जाएगी। यह पैसा कोयला, तंबाकू, पान मसाला, कार जैसी लग्जरी वस्तुओं पर लगे कंपनसेशन सेस से आता है।
बिलासपुर : बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत घुटकू अंडरब्रिज के पास बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, चोरभट्ठी खुर्द का रहने वाला 25 वर्षीय ओम प्रकाश केंवट, जो नंद कुमार केंवट का बेटा था, सुबह करीब 6:30 बजे अपनी स्पेलेण्डर बाइक (क्रमांक CG10BT0644) से ट्रैक्टर चलाने के लिए नौरोती कापा जा रहा था। तभी लगभग 6:45 बजे एक तेज रफ्तार अज्ञात पिकअप वाहन ने लापरवाहीपूर्वक सामने से उसकी बाइक को टक्कर मार दी।
सिर पर गंभीर चोट
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ओम प्रकाश को सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मृतक के ट्रैक्टर मालिक शिव कुमार यादव ने उसके परिवार को दी, जिसके बाद पिता नंद कुमार मौके पर पहुंचे और बेटे को मृत अवस्था में देखकर पुलिस को सूचना दी।
कोनी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ धारा 106(1)-BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
Chhattisgarh Liquor Scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर की गई उनकी अग्रिम जमानत याचिका को न्यायमूर्ति अरविंद वर्मा की एकलपीठ ने खारिज कर दिया। इससे पहले भी चैतन्य की जमानत याचिका विशेष अदालत में खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन यहां भी राहत नहीं मिली।
Chhattisgarh Liquor Scam- कभी भी हो सकते है गिरफ्तार
सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी और अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि चैतन्य ने कथित तौर पर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया है और यह गंभीर प्रकृति का आर्थिक अपराध है। कोर्ट ने इन तर्कों से सहमति जताते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अब इस फैसले के बाद चैतन्य की गिरफ्तारी लगभग तय मानी जा रही है। इससे पहले ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ कर चुकी है। ACB की ओर से अब कार्रवाई तेज किए जाने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे इस मामले में चैतन्य की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने फिर से भारी वर्षा और तेज आंधी की चेतावनी दी है। बालोद जिले को रेड अलर्ट पर रखा गया है, जबकि नौ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है, जो अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ पर असर डाल सकता है।रयपुर, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर तथा मोहला-मानपुर में ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में बहुत भारी बारिश के साथ बिजली चमकने की संभावना है।
रायपुर :- राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने गुटखा कारोबार में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सितार ब्रांड के गुटखा निर्माता गुरूमुख जुमनानी को गिरफ्तार कर लिया है। विभागीय जांच में सामने आया कि जुमनानी पिछले चार वर्षों से बिना जीएसटी पंजीयन के गुटखा निर्माण कर करोड़ों रुपये का कर अपवंचन कर रहा था।
जीएसटी विभाग द्वारा 25 और 27 जून 2025 को दुर्ग और राजनांदगांव में की गई जांच के दौरान यह मामला उजागर हुआ। जांच में पाया गया कि वर्ष 2021 से लगातार सितार गुटखा का उत्पादन अवैध रूप से किया जा रहा था। इसके बाद विभाग द्वारा जुमनानी को समन जारी किया गया, लेकिन वह दो माह तक उपस्थित नहीं हुआ।
जांच में पाया गया कि उन्होंने अप्रैल 2021 से सितम्बर 2022 तक राजनांदगांव के ग्राम मनकी और खैरागढ़ के ग्राम ठेलकाडीह में, जनवरी 2023 से जून 2023 तक रायपुर के मंदिर हसौद एवं भनपुरी में तथा जुलाई 2023 से जून 2025 तक दुर्ग के बाईरडीह, जोरातराई और गनियारी क्षेत्र में फैक्ट्रियां संचालित कीं। प्रशासनिक छापों से बचने के लिए कारोबारी हर महीने फैक्ट्री का स्थान बदल देते थे तथा माल को विभिन्न नामों से गोदामों में छिपाकर बाजार में बेचते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि जुमनानी ने अपने बेटे सागर जुमनानी के नाम से कोमल फूड नामक सुपारी गोदाम दुर्ग जिले में संचालित किया। यहां से सुपारी को गुटखे में बदलकर बेचा जाता था, जबकि कागजों में केवल सुपारी बिक्री दर्शायी जाती थी। उल्लेखनीय है कि सुपारी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जबकि गुटखे पर 28 प्रतिशत तथा 204 प्रतिशत तक का सेस लगाया जाता है। इस हेराफेरी से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
पूर्व में भी विभाग ने मार्च 2024 में दुर्ग और राजनांदगांव में छापेमारी कर 50 लाख रुपये टैक्स जमा कराया था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी लगभग 1.5 करोड़ रुपये की सुपारी जब्त की थी।
जांच से यह भी पता चला कि जुमनानी फैक्ट्री में मध्यप्रदेश के युवकों को बंधुआ मजदूर की तरह काम कराता था। मजदूरों से पूरी रात काम लिया जाता था और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। हर तीन माह में मजदूरों को बदल दिया जाता था। मजदूरों को रातभर काम करना होता था और उन्हें फैक्ट्री से बाहर निकलने की मनाही थी। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री का वास्तविक संचालन स्वयं गुरूमुख जुमनानी ही कर रहे थे।
राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने 23 सितम्बर 2025 को जुमनानी को जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आरोपी प्रतिदिन लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का गुटखा तैयार कर विक्रय करता था। पिछले चार वर्षों से जारी इस अवैध कारोबार के आधार पर विभाग द्वारा अपवंचित कर की गणना की जा रही है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है तथा आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, अवैध कारोबार और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सरकार ने दोहराया कि जो भी कारोबारी या संस्था कानून तोड़कर अवैध ढंग से व्यापार करेगी, राजस्व की चोरी करेगी या आम नागरिकों की सेहत को खतरे में डालेगी, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल टैक्स वसूला जाएगा बल्कि दंडात्मक प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
रायपुर. शारदीय नवरात्र के अवसर पर राजधानी के अंबुजा मॉल में रायपुर रास गरबा का आयोजन किया गया है. यह कार्यक्रम 26 से 30 सितंबर तक चलेगा. गरबा में आने वालों के लिए कई आकर्षक इनाम भी रखा गया है. रायपुर रास गरबा में ट्रेडिशनल ड्रेस पर ही प्रवेश दिया जाएगा
रायपुर रास गरबा आयोजन कमेटी के संयोजक धीरज बावनकर, शशांक देशमुख, दिलीप सिंह ठाकुर, भूपेंद्र बावनकर, राजेश सोनी समेत पूरी टीम कार्यक्रम की तैयारी में लगे हैं. प्रतिभागियों के लिए कई आकर्षक इनाम रखा गया है. आयोजन समिति ने भक्तों से ट्रेडिशनल ड्रेस पर ही रास गरबा में आने का आग्रह किया है.
इस रास गरबा में प्रतिभागियों के लिए बेस्ट कपल गरबा, बेस्ट गरबा महिला, पुरुष, बच्चे, बेस्ट गरबा ग्रुप और बेस्ट ड्रेस महिला, पुरुष, बच्चे का पुरस्कार रखा गया है. इसके अलावा हर दिन गोल्ड रिंग भी जीत सकते हैं.
रायपुर : राजधानी रायपुर के सरोना स्थित शुभम “के मार्ट” में रोजमर्रा की ज़रूरत का सामान खरीद रहे लोग उस समय सुखद आश्चर्य से भर उठे, जब उन्होंने देखा कि जीएसटी बचत का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं, इसे देखने स्वयं प्रदेश के मुखिया पहुँचे हैं।
दरअसल, जीएसटी बचत उत्सव को लेकर जनभावनाओं से रूबरू होने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय “शुभम के मार्ट” पहुंचे। उन्होंने खुद ग्राहक बनकर 1,645 रुपये के घरेलू सामान की शॉपिंग की और यूपीआई से भुगतान भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीदारी कर रहे लोगों से बातचीत की और जीएसटी दरों में कटौती से घरेलू सामानों के मूल्य में आए फर्क के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मार्ट में ज़रूरत के सामान खरीदे और जीएसटी दरों में कमी का लाभ लिया। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने खरीदारी कर रही गृहिणियों से घरेलू बजट पर आए असर की जानकारी ली, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से उनकी दिनचर्या के बारे में पूछताछ की। इस बीच उन्होंने रोजमर्रा का सामान खरीदते हुए अन्य ग्राहकों से आत्मीयतापूर्वक वार्तालाप किया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय व्यवहार देखकर मौजूद लोग गद्गद हो उठे और बोले कि प्रदेश का मुखिया आज हमारे बीच एक आम आदमी की तरह शामिल है।
इस दौरान उन्होंने खरीददारों से चर्चा करते हुए जीएसटी सुधारों पर विचार सुने। लोगों ने बताया कि दवाइयों और राशन की कीमत घटने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बोले—“यही तो असली मकसद है कि सुधार की गूंज आम जनता तक पहुँचे।” इसके बाद उन्होंने खुद भी सामान खरीदा और नई कीमतें देखकर कहा—“यह सुधार केवल कागज पर नहीं, बल्कि हर परिवार की ज़िंदगी में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।”
मुख्यमंत्री साय ने सभी से स्वदेशी की मुहिम का साथ देने का आग्रह भी किया, जिस पर लोगों ने कहा—“आप आगे बढ़िए, हम आपके साथ हैं।”
जीएसटी कटौती नहीं, यह “बचत क्रांति” है
मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए खरीदारी कर रहे रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी श्री टी. पी. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में जब इस दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए जीएसटी सुधार को ऐतिहासिक बजट क्रांति के रूप में दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा—“पहले हम जितने पैसों में 30 दिन का राशन लेते थे, अब उन्हीं पैसों से 40 दिन से अधिक का राशन ले पा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री ही इतना बड़ा साहसिक निर्णय ले सकते थे, कोई और ऐसा नहीं कर पाता।”
स्टेशनरी में 12 प्रतिशत था टैक्स, अब हो गया जीरो
राजधानी रायपुर के अवंती विहार निवासी लद्दाराम नैनवानी ने बताया कि जीएसटी सुधार का सकारात्मक प्रभाव शिक्षा से भी जुड़ा है। शुभम “के मार्ट” में मुख्यमंत्री को नोटबुक दिखाते हुए उन्होंने कहा—“पहले इस पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे शून्य कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम से कॉपियाँ और आवश्यक स्टेशनरी सस्ती हो गई हैं। ऐसा निर्णय हमारे प्रधानमंत्री ही कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे बताया—“पहले मैं बच्चों के लिए सालाना लगभग 2,000 रुपये की स्टेशनरी लेता था और अब इसमें लगभग 240 रुपये की बचत हो रही है।”
चार ज़रूरी सामान खरीदने आए, जीएसटी छूट से खरीदा 4 गुना अधिक सामान
मार्ट में खरीदारी करने पहुंचे श्री मुरलीधर ने मुख्यमंत्री से बातचीत में बताया—“मैं आज केवल 4 ज़रूरी सामान खरीदने आया था, लेकिन जीएसटी दरों में कमी देखकर 4 गुना अधिक सामान खरीद लिया। जीएसटी में व्यापक सुधार से रोजमर्रा की सामग्रियाँ सस्ती हुई हैं और हमें सीधा लाभ मिल रहा है।”
देवांगन दंपति ने बताया मंथली बजट में 10 प्रतिशत की कमी
शुभम “के मार्ट” में खरीदारी करने पहुंचे चंगोराभाटा निवासी दंपति श्री जितेंद्र और श्रीमती पद्मा देवांगन ने कहा—“हमारे मासिक बजट में 10 प्रतिशत की कमी आई है।” गृहिणी श्रीमती पद्मा ने नए प्राइस टैग देखकर कहा—“पहले यही डिटर्जेंट और मसाले मैं ज्यादा कीमत में खरीदती थी। अब दरों में कटौती के बाद कम दाम देखकर सचमुच खुशी हो रही है। त्योहारी खरीदारी में काफी बचत हो रही है।”
बजट से ज्यादा खरीदारी का मिला मौका
सविता मौर्य और अनीता साकार नवरात्रि में आयोजित होने वाले कन्या भोज के लिए श्रृंगार सामग्री खरीदने आईं थीं। उन्होंने कहा—“श्रृंगार सामग्री के दाम पहले से कम हो गए हैं। जीएसटी दरों में कटौती ने हमें निर्धारित बजट से अधिक खरीदारी करने का अवसर दिया है। पहली बार लगता है कि त्योहारी सेल केवल विज्ञापन नहीं, बल्कि असल में राहत है।”
उल्लेखनीय है कि जीएसटी दरों में हुए ऐतिहासिक सुधारों के बाद बाजारों में रौनक बढ़ी है और लोग लगातार खरीदारी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में त्योहारी सीजन में लोगों को जीएसटी दरों में कटौती का बड़ा उपहार मिला है और इससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएँ सस्ती हुई हैं।
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा से एक आदिवासी युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात सामने आई है। पीड़िता के परिचित और उसके दोस्तों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप है। पीड़िता को मुलायजा के लिए अस्पताल लाया गया है। वहीं मामले सामने आने के बाद सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल से जुड़े लोगों का अस्पताल में जमावड़ा लग गया है। उन्होंने एएसपी की गाड़ी को घेरकर अस्पताल में जमकर हंगामा भी मचाया है।
जानकारी के अनुसार, युवती रात में अपने साथी के साथ उसके घर पर ठहरी हुई थी। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद युवती अकेली घर से बाहर निकल आई, कुछ देर बाद उसका साथी भी वहां आ गया। इसी बीच युवक के जान-पहचान के कुछ लोग कार से वहां पहुंचे। फिर युवती और उसका साथी उनके साथ कार में बैठकर वहां से चले गए। आरोप है कि महिला थाना अंतर्गत महेंद्र शोरूम के पास कार में मौजूद लोगों ने मिलकर आदिवासी युवती के साथ सामूहिक बलात्कार किया। फिर उसे वापस बस स्टैंड के पास लाकर छोड़ दिया। हिम्मत कर के युवती ने पुलिस को मामले की जानकारी दी
शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। वहीं डीवीआर को जब्त कर लिया है।
रायपुर: उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने नई शिक्षा नीति 2020 पर आजपं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में मालवीया मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर एवं एनईपी इम्प्लीमेंटेशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और दृष्टि देने वाली है।
यह नीति न केवल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर बल देती है बल्कि इसमें कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा और अनुसंधान को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा संस्थानों को अकादमिक उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और युवाओं का भविष्य और भी उज्ज्वल होगा। सरकार निरंतर प्रयासरत है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे।
आयोजित इस कार्यशाला में नोडल अधिकारियों और मास्टर ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी नीति को सफल बनाने की अंतिम कड़ी उसका जमीनी क्रियान्वयन है, और इस जिम्मेदारी के प्रमुख सूत्रधार आप सभी हैं। नोडल अधिकारी अपने-अपने विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में NEP 2020 के प्रावधानों को चरणबद्ध ढंग से लागू करने के लिए केंद्र-बिंदु का कार्य करेंगे। कोर्स संरचना में सेमेस्टर प्रणाली, क्रेडिट ट्रांसफर, बहुविषयक विषयों का समावेश और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की शुरुआत समयबद्ध रूप से होनी चाहिए, और यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है।
मास्टर ट्रेनर्स को नीति परिवर्तन के “असली मार्गदर्शक” बताते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि वे न केवल स्वयं नीति की बारीकियों को समझें, बल्कि अपने सहकर्मी शिक्षकों को भी प्रशिक्षित और प्रेरित करें। जब भी नई मूल्यांकन प्रणाली या पाठ्यक्रम लागू होता है, शंकाएँ उठना स्वाभाविक है – उन प्रश्नों का समाधान आपको ही करना होगा।मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि बदलाव आसान नहीं होता, संसाधनों और संरचना की कमी या पुरानी व्यवस्थाओं से जुड़ी चुनौतियाँ सामने आएंगी। लेकिन उनका समाधान खोजकर ही आगे बढ़ना होगा। हम यथास्थिति बनाए रखकर आने वाली पीढ़ियों के साथ न्याय नहीं कर सकते। यह परिवर्तन भविष्य के लिए जरूरी है।
मंत्री श्री वर्मा ने कार्यशाला को “साझा सीखने और टीमवर्क” का मंच बताते हुए प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे खुलकर चर्चा करें, अपने बेस्ट प्रैक्टिसेस साझा करें और जिन विषयों में कठिनाई हो, उन पर मार्गदर्शन लें। उन्होंने कहा कि शिक्षा में किए जा रहे सुधार केवल आदेश नहीं, बल्कि हर परिवार और हर विद्यार्थी की उम्मीदों से जुड़े सुधार हैं। “जब गरीब माता-पिता अपने बच्चे को कॉलेज भेजते हैं, तो उनके सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी हम पर है। जब कोई छात्र नई उमंग लेकर विश्वविद्यालय आता है, तो उसके उज्ज्वल करियर की दिशा तय करना हमारा कर्तव्य है”, मंत्री वर्मा ने कहा।
अंत में उन्होंने सभी से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा – “सा विद्या या विमुक्तये” अर्थात वास्तविक शिक्षा वही है, जो हमें बंधनों से मुक्त करे और हमारा सर्वोत्तम व्यक्तित्व निखारे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति, प्राध्यापकगण, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रायपुर: राज्य शासन ने सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित पण्डरीडांड जलाशय के बांध एवं नहर जीर्णाेद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ चौहत्तर लाख उनचालीस हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना से जलाशय की सिंचाई क्षमता 445 हेक्टेयर तक सुनिश्चित होगी तथा वर्तमान में हो रही 233 हेक्टेयर की कमी की पूर्ति होगी।
किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
इस स्वीकृति से सरगुजा जिले के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। बांध एवं नहर की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण से सिंचाई सुविधाएं बढ़ेंगी, जिससे कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। योजना अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है और यह लोकहित में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पारदर्शिता व गुणवत्ता पर विशेष जोर
निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि और स्वीकृत राशि के भीतर पूर्ण करना अनिवार्य होगा। तकनीकी स्वीकृति और डिज़ाइन की मंजूरी के बाद ही निविदा प्रक्रिया की जाएगी, जो पूर्णत: निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। साथ ही कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर ;- पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत को हटाने की मांग की थी. इस मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा है कि पूर्व गृहमंत्री की शिकायत की जांच होगी. इसके बाद निर्णय लिया जाएगा. सीएम साय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं. उनके पत्र पर जांच करा रहे हैं.
ननकीराम कंवर ने आरोप लगाया था कि कलेक्टर हिटलर प्रशासक की तरह काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ सैकड़ों भ्रष्टाचार के मामले हैं. उन्होंने कलेक्टर को तीन दिन के भीतर नहीं हटाने पर शासन-प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठने की चेतावनी भी दी थी.
पूर्व गृहमंत्री कंवर ने पत्र में कलेक्टर अजीत बसंत के खिलाफ 14 अलग-अलग मामलों की शिकायत की है. इसमें पक्षपात पूर्ण कार्रवाई और डीएमएफ में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया है. पूर्व गृहमंत्री ने पत्र में यह भी लिखा है कि कोरबा कलेक्टर अजीत बसंत संवैधानिक शक्तियों का दुरूपयोग कर रहे हैं. कलेक्टर उनके समर्थकों के खिलाफ दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं.
उन्होंने सीएस, डीजीपी के अलावा प्रदेश भाजपाध्यक्ष किरण देव और महामंत्री (संगठन) पवन साय को भी पत्र भेजकर कलेक्टर के खिलाफ शिकायत की थी. उन्होंने कहा था कि तीन दिन के भीतर कोरबा कलेक्टर का तबादला नहीं होने पर वे धरने पर बैठने मजबूर होंगे. इसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होगा.
रायपुर। 2011 बैच के आईएएस अफसर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे। उन्हें ज्वाइंट टेक्सटाइल कमिश्नर बनाया गया है। इसका आदेश केंद्र सरकार ने जारी किया है। बता दें कि आईएएस भूरे वर्तमान में राजनांदगांव कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। अब जल्द ही उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा।
आदेश जारी….

केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने कार्यक्रम स्थल पर लगेंगे हेल्प डेस्क
बिलासपुर। जिले के कोटा थाना क्षेत्र के बाराद्वार गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़के ने 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बिलासपुर का रहने वाला है और अपने रिश्तेदार के घर बाराद्वार गांव आया हुआ था। वहीं उसने मासूम बच्ची के साथ यह घिनौनी हरकत की।
फिलहाल बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह सुरक्षित बताई जा रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नाबालिग आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा ने बताया कि बच्ची को हर संभव सहायता और सुरक्षा दी जा रही है, और आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत कठोर सजा दिलाने के लिए कार्रवाई जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने बीते दिनों प्रदेश के मुस्लिम समुदाय के युवाओं को हिन्दुओं के पर्व नवरात्री में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में शामिल न होने की अपील की थी, जिससे प्रदेश में कोई जातिगत विवाद या हिंसा की स्थिति न बने, लेकिन अब इस मामले को लेकर प्रदेश में राजनीति जरुर गरमाई हुई है। जहां एक तरफ कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड को बीजेपी का टूलकिट बताया है, वहीं भाजपा ने भी कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए उसपर करारा पलटवार किया है।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा था कि, मुस्लिम युवा किसी भी नवरात्रि में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में न जाए। उन्होंने कहा कि, गरबा सिर्फ एक डांस नहीं है, बल्कि यह देवी दुर्गा की पूजा का एक हिस्सा है। यह जीवन के चक्र और देवी की शक्ति को दिखाता है। उन्होंने कहा कि, अगर मुस्लिम लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करते, तो उन्हें ऐसे धार्मिक आयोजनों से दूर रहना चाहिए।
कांग्रेस का वार: “वक्फ बोर्ड, बीजेपी का टूलकिट”
वक्फ बोर्ड की इस अपील के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने वक्फ बोर्ड पर हमला बोलते हुए कहा कि, यह तो बीजेपी के टूलकिट की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि न तो कभी हिंदुओं को मस्जिद में नमाज़ पढ़ते देखा गया है और न ही मुसलमानों को गरबा करते। शुक्ला ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसा कर रहा है।
बीजेपी का पलटवार: “गरबा में आएं, लेकिन आस्था के साथ”
कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी ने भी पलटवार किया। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष की बात का समर्थन किया और कहा कि गरबा एक धार्मिक आस्था है, जिसका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरबा में सभी लोग आ सकते हैं, लेकिन उन्हें देवी माता के प्रति आस्था के साथ आना चाहिए।
गरबा के मुद्दे के अलावा रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के विवाद पर भी दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग देखने को मिली। कांग्रेस के सुशील आनंद शुक्ला ने नगर निगम के सभापति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में अभिमत देने का कोई अधिकार नहीं है और यह बीजेपी की घटिया राजनीति का हिस्सा है।
वहीं, बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस विवाद पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि, जो लोग बागी तेवर दिखा रहे हैं, वे बीजेपी में आ जाएं। उन्होंने कांग्रेस को ‘परिवार की पार्टी’ बताते हुए तंज कसा कि यही वजह है कि जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत पर सवाल
पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस में जिला अध्यक्षों के चयन को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि, कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष की कोई हैसियत नहीं है और राहुल गांधी ही सब कुछ तय करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, कांग्रेस ‘आलू से सोना’ बनाने की सोच रखती है, जबकि बीजेपी में हर किसी का समायोजन करके पद दिया जाता है।
बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में जवानों को बड़ी कामयाबी मिली है। पहली बार एक साथ 71 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 64 लाख के 30 इनामी नक्सली भी शामिल है। सरेंडर माओवादी अपने अपने क्षेत्र में नक्सली बंद सप्ताह के दौरान रोड खोदना, पेड़ काटना, पोस्टर व पाम्पलेट लगाने जैसे घटनाओं में संलिप्त थे।
दरअसल, जिला दन्तेवाड़ा में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान तथा ‘‘पूना मारगेम’’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) के तहत जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क व नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है। इसके प्रभाव में लगातार शीर्ष माओवादियों सहित भटके हुए माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण कर रहे है।
नक्सलियों के अमानवीय,आधारहीन विचारधारा से परेशान
नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा, माओवादी संगठनों के भीतर आंतरिक मदभेद और जंगलो में रहने की कठिनाईयों से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं।
30 ईनामी माओवादी सहित 71 ने किया आत्मसमर्पण
इसी तरह 30 ईनामी माओवादी सहित 71 माओवादियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा जाहिर करते हुये लोन वर्राटू (घर वापस आईये) अभियान के तहत आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किये।
माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी/बस्तर फाईटर्स, विशेष आसूचना शाखा दन्तेवाड़ा/जगदलपुर, 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ, 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ एवं 231वीं वाहिनी सीआरपीएफ का विशेष योगदान रहा।
आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत् 50 हजार रूपये की सहायता राशि के साथ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिलने वाली अन्य सुविधायें जैसे स्किल डेवलपमेंट हेतू प्रशिक्षण, कृषि भूमि इत्यादि मुहैया कराई जाएगी।
आत्मसमर्पण करने वाले 71 माओवादी कैडरों की सूची
1.बामन मड़काम (30 वर्ष) प्लाटून नम्बर 02 पीपीसीएम/डिप्टी कमाण्डर, निवासी पंगुड़ थाना मोदकपल्ली (08 लाख रूपये ईनाम)।
2.मनकी उर्फ समीला मण्डावी (20 वर्ष) कम्पनी नम्बर 01 सदस्य, निवासी ताड़नार थाना ओरछा जिला नारायणपुर (08 लाख रूपये ईनाम)।
3.शमिला उर्फ सोमली कवासी (25 वर्ष) एसीएम/इन्द्रावती एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमाण्डर, निवासी रेखावाया थाना ओरछा (05 लाख रूपये ईनाम)।
4.गंगी उर्फ रोहनी बारसे (25 वर्ष) भामरागढ़ एरिया कमेटी एसीएम, निवासी कंगालतोंग थाना किस्टाराम जिला सुकमा (05 लाख रूपये ईनाम)।
5.संतोष मण्डावी (30 वर्ष) एसीएम/कुतुल एरिया कमेटी जनमिलिशिया कमाण्डर, निवासी पल्लेवाया तुतपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर (05 लाख रूपये ईनाम)।
6.देवे उर्फ कविता माड़वी (25 वर्ष) एसीएम/बायपर एरिया कमेटी मेडिकल टीम कमाण्डर, निवासी तमोड़ी थाना गंगालूर जिला बीजापुर (05 लाख रूपये ईनाम)।
7.रानू उर्फ गडरू वेको (35 वर्ष) माड़ डिवीजन टेलर टीम कमाण्डर, निवासी ताकीलोड़ छिंदपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर (03 लाख रूपये ईनाम)।
8.हिड़मे कारम (24 वर्ष) प्लाटून नम्बर 02 सदस्य, निवासी बेलमनेन्ड्रा थाना आवापल्ली जिला बीजापुर (02 लाख रूपये ईनाम)।
9.विष्णु उर्फ गुड्डी ओयाम (38 वर्ष) इन्द्रावती एरिया कमेटी सीएनएम कमाण्डर, निवासी रेखावाया थाना ओरछा जिला नारायणपुर (02 लाख रूपये ईनाम)।
10.जोगा मड़काम (30 वर्ष) प्लाटून नम्बर 24 सदस्य, निवासी मुनगा थाना कटेकल्याण जिला दन्तेवाड़ा (02 लाख रूपये ईनाम)।
11.हाथी राम उर्फ राजेश वेको (35 वर्ष) मिलिशिया कमाण्डर, निवासी कोहकाबेड़ा थाना बारसूर जिला बीजापुर (02 लाख रूपये ईनाम)।
12.सुक्को बाई अट्टामी (51 वर्ष) पल्लेवाया आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष, निवासी पल्लेवाया तुतपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर (02 लाख रूपये ईनाम)।
13.धसनी कश्यप (55 वर्ष) तोड़मा आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष, निवासी पदनार/कुवे थाना 14. परमेष कोरसा 20 वर्ष इन्द्रावती एरिया कमेटी मेडिकल टीम सदस्य, निवासी ताकिलोड़ गायतापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर ;01 लाख रूपये ईनामद्ध।
15. वेल्ला सोड़ी 24 वर्ष पामेड़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, निवासी गुण्डम/चुटवाया थाना तर्रेम जिला बीजापुर 01 लाख रूपये ईनाम।
16. कुमारी पारो उर्फ कमला पोयाम 18 वर्ष पूर्वी बस्तर डिवीजन सप्लाई टीम सदस्य, निवासी तोड़मा स्कूलपारा थाना बारसूर जिला बीजापुर 01 लाख रूपये ईनाम।
17. रामसू उर्फ मनीराम लेकाम 22 वर्ष एसजेडसीएम कमलेष का गार्ड, निवासी मोहनार थाना ओरछा जिला नारायणपुर 01 लाख रूपये ईनाम।
18. सोमड़ी उर्फ मनीषा वेको 23 वर्ष कम्पनी नम्बर 01 सदस्य, निवासी बोन्डोस ;मोहनारद्ध थाना ओरछा जिला नारायणपुर 01 लाख रूपये ईनाम।
19. सन्नी माड़वी 27 वर्ष दरभा डिवीजन टेलर टीम सदस्य, निवासी गुमियापाल थाना किरन्दुल जिला दन्तेवाड़ा ;01 लाख रूपये ईनाम
20. मोटू राम तामो 26 वर्ष इन्द्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य/डीव्हीसीएम सपनक्का का गार्ड, निवासी ताकीलोड़ छिंदपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर ;01 लाख रूपये ईनाम।
21. अजय अलामी ;40 वर्ष जनताना सरकार अध्यक्ष, निवासी परलनार थाना ओरछा जिला नारायणपुर ;01 लाख रूपये ईनाम।
22. सन्नू ओयाम 35 वर्ष डोडीतुमनार आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, निवासी डोडीतुमनार थाना गंगालूर जिला बीजापुर 01 लाख रूपये ईनाम।
23. मुन्ना राम वेको 25 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवासी पल्लेवाया मेट्टापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर 50 हजार रूपये ईनाम।
24. उर्मीला तामो 25 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवासी पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्यपल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर 50 हजार रूपये ईनाम।
25. सुनिता मण्डावी 25 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवासी पल्लेवाया तुतपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर 50 हजार रूपये ईनाम।
26. संतोष पोयाम 21 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर ;50 हजार रूपये ईनाम।
27. चैतराम पोयाम 27 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर ;50 हजार रूपये ईनाम।
28. चैतराम अट्टामी 25 वर्षद्ध पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवासी पल्लेवाया पटेलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर ;50 हजार रूपये ईनाम।
29. कुमारू वेको 21 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवसी पल्लेवाया मेट्टापारा थाना भैमरगढ़ जिला बीजापुर 50 हजार रूपये ईनाम।
30. भीमसोन तामो 30 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी सीएनएम सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर 50 हजार रूपये ईनाम।
31. आयतु मण्डावी 25 वर्ष डीएकेएमएस सदस्य, निवासी कुवेम थाना बारसूर जिला बीजापुर।
32. मड़काम गुड्डी 19 वर्ष मिलिषिया सदस्य, निवासी ककाड़ी कामापारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा।
33. कुमारी रामवती कोवासी 17 वर्ष मिलिषिया सदस्य, निवासी तोड़मा थाना बारसूर जिला बीजापुुर।
34. सुधरू वेको 40 वर्ष जनताना सरकार उपाध्यक्ष, निवासी कोहकाबेड़ा थाना बारसूर जिला बीजापुर।
35. बामन पदामी 23 वर्ष मिलिषिया सदस्य, निवासी कोहकावेड़ा थाना बारसूर जिला बीजापुर।
36. बुधराम कष्यप 52 वर्ष जनताना सरकार सदस्य, निवासी कोहकाबेड़ा थाना बारसूर जिला बीजापुर।
37. श्यामबती मण्डावी 30 वर्ष मिलिषिया सदस्य, निवासी बुरदूम थाना बारसूर जिला बीजापुर।
38. बुधरी पदाम 27 वर्ष मिलिषिया सदस्य, निवासी कोहकाबेड़ा थाना बारसूर जिला बीजापुर।
39. मोंगड़ी कष्यप 50 वर्ष केएएमएस सदस्य, निवासी कोहकाबेड़ा थाना बारसूर जिला बीजापुर।
40. जोगा कुंजाम 32 वर्ष मिलिषिया प्लाटून सेक्षन कमाण्डर, निवासी नेलाकाकेर थाना उसूर जिला बीजापुर।
41. धनी कष्यप 46 वर्ष डीएकेएमएस उपाध्यक्ष, निवासी कुर्सिंगबहार स्कूलपारा थाना बारसूर जिला नारायणपुर।
42. मुन्ना अकाली 36 वर्ष डीएकेएमएस सदस्य, निवासी कुर्सिंगबहार थाना बारसूर जिला नारायणपुर।
43. मासे अट्टामी 38 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी केएएमएस सदस्य, निवासी पल्लेवाया मातालूरपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
44. मनी कुंजाम 26 वर्ष नेतुरवायापारा डीएकेएमएस सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
45. सोनारू अट्टामी 26 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी जनताना सरकार सदस्य/डॉक्टर शाखा अध्यक्ष, निवासी पल्लेवाया मातालूरपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
46. शंकर वेको 38 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी आर्थिक शाखा अध्यक्ष, निवासी पल्लेवाया तुतपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
47. भीमसेन बारसा 36 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी कृषि शाखा अध्यक्ष, निराम ओरछापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
48. मासे वेको 50 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी केएएमएस सदस्य, निवासी निराम छिन्दपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
49. सोमारू सोड़ी 35 वर्ष ग्राम करकावाड़ा जीआरडी सदस्य, निवासी करकावाड़ा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
50. रामलाल कुंजाम उर्फ डेंगल 35 वर्ष ग्राम एकेली जीआरडी डिप्टी कमाण्डर, निवासी चिंगेर एकेली थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
51. फगनू राम वेको 21 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी मिलिषिया सदस्य, निवासी पल्लेवाया मेट्टापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
52. मोटू राम वेको 17 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी मिलिषिया सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
53. लखू माड़वी 26 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
54. बामन मण्डावी 25 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी पंच कमेटी सदस्य, निवासी पल्लेवाया मेट्टापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
55. मंगल वेको 38 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, निवासी पल्लेवाया मेट्टापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
56. सोनारू बारसा 38 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी जंगल कमेटी सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
57. संतोष उज्जी 25 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी मिलिषिया सदस्य, निवासी चिंगेर एकेली थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
58. मनी पोयाम 30 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी जंगल कमेटी सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
59. लक्ष्मण अट्टामी 35 वर्ष पल्लेवाया आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, निवासी पल्लेवाया नेतुरवायापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
60. पाण्डू मड़काम 38 वर्ष मातालूरपारा जीआरडी कमाण्डर, निवासी पल्लेवाया मातालूर पारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर।
61. नाड़ी उर्फ सोमारू कश्यप 48 वर्ष तोड़मा आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य, निवासी पदनार/कुवे थाना बारसूर जिला बीजापुर।
62. रतु मण्डावी 48 वर्ष तोड़मा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, निवासी पदनार/कुवे थाना बारसूर जिला बीजापुर।
63. रमलू राम मण्डावी 36 वर्ष तोड़मा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, निवासी पदनार/कुवे थाना बारसूर जिला बीजापुर।
64. सुखराम मड़काम 30 वर्ष मिलिशिया सदस्य, निवास बेलनार पोनाड़वायापारा थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
65. रैयो तामो 21 वर्ष मूलवासी बचाओ मंच सदस्य, निवासी बेलनार कसावेड़ापारा थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
66. बबीता अटामी 16 वर्ष मूलवासी बचाओ मंच सदस्य, निवासी बांगोली थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
67. बेलती डोडी 40 वर्ष मिलिशिया सदस्य, निवासी बेलनार पोनाड़वायापारा थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
68. मैतू कश्यप 27 वर्ष मिलिशिया सदस्य, निवासी बेलनार पोनाड़वायापारा थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
69. दुमो राम मण्डावी 45 वर्ष बेलनार आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, निवासी बेलनार कसाबेड़ापारा थाना बांगापाल जिला बीजापुर।
70. सुखराम ताती 30 वर्ष डोडीतुमनार आरपीसी मिलिषिया सदस्य, निवासी डोडीतुमनार थाना गंगालूर जिला बीजापुर।
71. शंकर उर्फ भारत ओयाम 25 वर्ष डोडीतुमनार आरपीसी जनताना सरकार गुरूजी, निवासी डोडीतुमनार थाना गंगालूर जिला बीजापुर।
पूना मारगेम अभियान
बस्तर रेंज के माओवादी प्रभावित जिलों में शांति स्थापना, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापना की दिशा में चलाए जा रहे ‘‘पूना मारगेम’’ अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 24 सितम्बर 2025 को जिला दंतेवाड़ा में कुल 71 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें कई कैडर वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय थे और अब संगठन की जन विरोधी, हिंसक और दिशाहीन विचारधारा से मोह भंग के कारण उन्होंने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है।
‘लोन वर्राटू’
‘‘लोन वर्राटू’’ ;गोंडी भाषा में घर लौटोद्ध दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा प्रारंभ किया गया एक जन-जागरूकता एवं विष्वास-स्थापना अभियान है, जिसके माध्यम से माओवाद प्रभावित ग्रामीणों और कैडरों को मुख्यधारा में लौटने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। यह अभियान अब तक 1000 से अधिक आत्मसमर्पणों का साक्षी बन चुका है। पूना मारगेम उसी सोच को विस्तार देने वाला कदम है, जिसमें आत्मसमर्पण करने वालों को सम्मान, पुनर्वास और भविष्य निर्माण के ठोस अवसर दिए जा रहे हैं।
सरकार की पुनर्वास नीति से लाभ
आत्मसमर्पित माओवादियों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जा रहे हैं
कौशल विकास प्रशिक्षण
स्वरोजगार व आजीविका संवर्धन
मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं सामाजिक पुनःस्थापना
सुरक्षा और सम्मानजनक पुनर्वास
यह पहल आत्मसमर्पित माओवादियों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अभियान बस्तर रेंज के सभी सात जिलों सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर और कांकेर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
कई माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
मालूम हो कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर, पिछले 19 महीनों में दंतेवाड़ा जिला में 129 ईनामी माओवादी सहित कुल 461 से अधिक माओवादियों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा को अपनाया है। माओवादियों की वरिष्ठ नेतृत्व से लेकर आधार क्षेत्र के सक्रिय कैडर तक बड़ी संख्या म माओवादी संगठन से अलग हो चुके हैं।
लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 297 ईनामी माओवादियों सहित कुल 1113 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण जिसमें जिला दन्तेवाड़ा के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों बस्तर, बीजापुर एवं नारायणपुर के 887 पुरूष माओवादी तथा 226 महिला माओवादी शामिल है।
माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील
‘‘पूना मारगेम’’ और ‘‘लोनवर्राटू’’ यह संदेश देते हैं कि हर किसी को लौटने का अवसर है। दन्तेवाड़ा पुलिस तथा जिला प्रशासन शांति एवं विकास के दोहरे लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है तथा माओवादियों को संवाद, अवसर और संवेदना के माध्यम से समाज में लौटने का मार्ग देता रहेगा। माओवादियों से यह अपील की गई है कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। अपने परिवार, समाज औरराष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें और शांति, सद्भाव एवं पुनर्वास का मार्ग अपनाएं।
सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक शादीशुदा प्रेमी को रात के अंधेरे में शादीशुदा प्रेमिका से मिलना महंगा पड़ गया। घर वालों ने दोनों को पकड़ लिया और फिर उन्हें बांधकर पिट दिया। इसके बाद पंचायत बुलाकर जो फरमान सुनाया गया उसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे
पंचायत में हुआ फैसला
दरअसल, यह पूरा मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जहां शादीशुदा प्रेमिका से मिलने पहुंचे शादीशुदा प्रेमी को घरवालों ने पकड़ लिया, इसके बाद दोनों को बांधकर जमकर पिटा। दोनों की पिटाई के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई और प्रेमिका को प्रेमी के हवाले कर दिया गया।
घरवालों ने दोनों को पकड़ा रंगे हाथ
जानकारी के मुताबिक, तेलई कच्छार गांव का रहने वाला शुभम राजवाड़े की प्रेमिका की शादी पुहपुटरा गांव में हुई है, जिससे मिलने वह सोमवार की रात उसके ससुराल पहुंचा था। बताया जा रहा है कि जब शुभम अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा तो उसका पति घर पर नहीं था, लेकिन घर के अन्य सदस्य मौजूद थे, जिन्हें इसकी भनक लग गई। फिर क्या था घरवालों ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया और रस्सी से बांध दिया।
इतना ही नहीं दोनों की पहले जमकर पिटाई की गई, इसके बाद मंगलवार को पंचायत बुलाई गई। साथ ही इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई। जब पंचायत बुलाई गई तो यह बात सामने आई कि दोनों का शादी से पहले प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन किसी कारण दोनों की शादी नहीं हो सकी और दोनों की अलग-अलग शादी हो गई।
प्रेमिका को किया प्रेमी के हवाले
शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत बंद नहीं हुई और दोनों बीच बीच में एक दूसरे से मिल भी रहे थे। यह सब सुनकर पंचायत में तय हुआ कि महिला को उसके प्रेमी के हवाले कर दिया जाए। इसके बाद उसे उसके प्रेमी के साथ भेज दिया गया। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से किसी भी तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसलिए कोई FIR नहीं हुई है।
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में माँ बम्लेश्वरी के दर्शन करने जा रही एक छात्रा को थार ने कुचल (Dongargarh accident news) दिया. जिससे उसकी मौत हो गयी. वहीँ, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक बड़ा हादसा हो (Bijapur accident news) गया. माँ दंतेश्वरी के दर्शन को जा रहे 8 श्रद्धालुओं को तेज रफ्तार क्रेन ने कुचल दिया. इस हादसे में एक की मौत हो गई. जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
जानकारी के मुताबिक़, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र का है. एजुकेशन सिटी के पास हादसा हुआ है. भट्टीपारा के रहने वाले आठ श्रद्धालु सोमवार को दंतेवाड़ा मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे. सभी माता के जयकारे लगाते हुए जा रहे थे. इसी बीच एक तेज रफ़्तार क्रेन ने कुचल दिया.
एक की मौत, दो घायल
हादसे के बाद लोगों की चीख पुकार मच गयी. हादसा इतना भयानक था कि इस हादसे में भट्टीपारा निवासी 17 वर्षीय साक्षी नक्का की मौके पर ही मौत हो गई. जो 12वीं कक्षा की छात्रा थी जबकि दो लोग बुरी तरह घायल हो गए. घायलों में साक्षी की बहन नेहा नक्का (19) और प्राची पुनेम (17) शामिल है. जिन्हे इलाज के लिए जिला अस्पताल बीजापुर में भर्ती कराया गया है.
मामले की कार्रवाई जारी
सड़क हादसे की सूचना पुलिस को दी गयी. सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और जांच में जुट गयी. पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है. वहीँ, केस दर्ज कर वाहन को कब्जे में लिया और चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
रायपुर: कहा जाता है टीचर भगवान का रूप होता है लेकिन क्या हो जब शिक्षक ही हैवान बन जाए. ऐसा ही कुछ शर्मसार कर देने वाला मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सामने (Raipur Teacher News) आया है. यहाँ एक नामी स्कूल में महिला टीचर ने छह साल की बच्ची से ऐसी हैवानियत की जिसे सुन किसी के भो रोंगेट खड़े हो जाए. आरोप है टीचर ने बच्ची को जलती अगरबत्ती से जलाया.
टीचर ने बच्ची को अगरबत्ती से जलाया
मामला शहर के एक नामी किड्स स्कूल सुन्दर नगर क्षेत्र में स्थित कृष्णा किड्स अकादमी इंटरनेशनल स्कूल (Krishna Kids Academy International School) का है. शिक्षिका का नाम दीपा है. आरोप है यहाँ पदस्थ महिला टीचर दीपा ने बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी.
टीचर को स्कूल से निकाला गया
आरोप है टीचर ने यहाँ पढ़ने वाले छह साल की बच्ची को जलती हुई अगरबत्ती से दागा. जैसी इस बात की जानकारी बच्ची के माता पिता को लगी उन्होंने इसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन से की. परिजनों ने स्कूल में हंगामा करते हुए मामले में टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जिसके बाद टीचर को स्कूल से निकाल दिया गया है. टीचर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई मांग की जा रही है.
बताया जा रहा है बाल कल्याण आयोग को मामले की जानकारी दी गयी है. बाल कल्याण आयोग की टीम आज पीड़ित बच्ची का बयान दर्ज करेगी. जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.