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छत्तीसगढ़ में 50% तक सस्ती हुई दिल्ली की फ्लाइट टिकट, जानें क्या है वजह…

छत्तीसगढ़ में 50% तक सस्ती हुई दिल्ली की फ्लाइट टिकट, जानें क्या है वजह…

 रायपुर। यदि आपको अब फ्लाइट से दिल्ली जाना हो तो 8-10 हजार रुपए खर्च नहीं करने होंगे। फ्लाइट की टिकट की कीमत आधी यानी 50 प्रतिशत तक सस्ती हो गई है अब सेम डे में भी आपकी टिकट 5 हजार रुपए तक बुक हो जाएगी

हवाई कंपनियों द्वारा फ्लाइट टिकट के दामों को कम करने की प्रमुख वजह हवाई यात्रियों की संख्या में कमी आना है। जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है। स्थानीय एयरपोर्ट में हवाई सुविधा शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब हवाई यात्रियों की संख्या में कमी आई है। सबसे अधिक टिकट दिल्ली, प्रयागराज रूट की बुक होती थी। इसकी कीमत भी अधिक होती थी।

यात्रियों की संख्या में कमीं क्यों ?

बिलासपुर से दिल्ली जाने के लिए सेम-डे टिकट खरीदने पर 8 से 10 हजार रुपए लग जाते थे। त्यौहारों के सीजन में इसकी कीमत और बढ़ा दी जाती थी। वर्तमान में यात्रियों की संख्या में कमी आने का कारण 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट का दुर्घटना ग्रस्त होने को बताया जा रहा है। इस घटना के बाद लोग हवाई यात्रा से बच रहे हैं।और ट्रेन या सड़क मार्ग से यात्रा करना पसंद कर रहे हैं।

फ्लाइट रद्द होने के भय से भी घटे यात्री

बिलासा एयरपोर्ट में नाइट लैडिंग की सुविधा नहीं है। ऐसे में मानसून के दौरान घने बादल छाने से विजिबिलिटी कम होने से भी कई बार फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। ऐसे में जरूरी काम से आने-जाने वालों की परेशानी बढ़ जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए भी लोग ट्रेन या सड़क मार्ग से अधिक यात्रा कर रहे हैं।

हवाई जहाज का किराया मांग और सीट उपलब्धता के आधार पर, समय के साथ ऊपर नीचे होता रहता है। सामान्य तौर पर शुरुवाती बुकिंग में किराया कम होता है। इसलिए वर्तमान में यात्री कम होने से यात्रा के दिन को भी दिल्ली का टिकट 5 हजार रुपए में दिया जा रहा है।

ACCIDENT NEWS : दो बाइक में जोरदार भिड़ंत, दो युवकों की मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

ACCIDENT NEWS : दो बाइक में जोरदार भिड़ंत, दो युवकों की मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

 कोंडागांव। जिले के माकड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उड़िदगांव में दो बाइक की आमने-सामने भिड़त हो गई। इस घटना में दो युवकों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है

माकड़ी थाना प्रभारी ने बताया कि उड़िदगांव पीड़ापाल मार्ग में दो बाइक की आमने-सामने भिड़त हो गई। इस घटना में दोनों बाइकों के चालकों की मौत हो गई जबकि पीछे बैठे लोग घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दिया गया। वहीं, पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं, मृतकों के परिजनों को सूचना दी गई। हादसे की जानकारी लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सभी का रो रोकर बुरा हाल है। 
22 जुलाई को कांग्रेस का चक्का-जाम आंदोलन, भाजपा सरकार और ईडी के दुरुपयोग के खिलाफ किया जाएगा विरोध

22 जुलाई को कांग्रेस का चक्का-जाम आंदोलन, भाजपा सरकार और ईडी के दुरुपयोग के खिलाफ किया जाएगा विरोध

 रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार और राज्य की भाजपा सरकार पर केंद्रीय एजेंसी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए 22 जुलाई 2025 को प्रदेशव्यापी “चक्का-जाम” आंदोलन की घोषणा की है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास बताया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री (सकलनारायण कामदार) द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह आंदोलन 22 जुलाई (मंगलवार) को दोपहर 12 से 2 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और जिला स्तरीय सड़कों पर शांतिपूर्ण चक्का-जाम किया जाएगा। हालांकि, एम्बुलेंस और स्कूल बसों को इस आंदोलन से मुक्त रखा गया है।

पत्र में कहा गया है कि हाल ही में कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके परिवारजनों के खिलाफ ईडी की लगातार कार्रवाई भाजपा सरकार के इशारे पर की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि जब भी भाजपा सरकार पर सवाल उठते हैं या विधानसभा में कोई बड़ा मुद्दा उठाया जाना होता है, तो एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराया जाता है।

प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिलाध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, मोर्चा-संगठन, महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई सहित अन्य संगठनों से आह्वान किया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जिला स्तर पर बड़े मार्गों पर उपस्थिति दर्ज कराएं और आंदोलन को सफल बनाएं। साथ ही विधायक, सांसद, पूर्व जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश कांग्रेस ने यह भी अपील की है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और जनहितकारी हो, जिससे जनता में कोई असुविधा न हो और पार्टी की लोकतांत्रिक लड़ाई मजबूत हो।

आज ED दफ्तर जायेंगे भूपेश बघेल, बेटे से करेंगे मुलाकात, ट्वीट कर दी जानकारी

आज ED दफ्तर जायेंगे भूपेश बघेल, बेटे से करेंगे मुलाकात, ट्वीट कर दी जानकारी

 रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने बेटे चैतन्य से मिलने के लिए ED के ऑफिस जाएंगे। कथित शराब घोटाले की जांच कर रही ED की टीम ने बघेल के बेटे चैतन्य को शुक्रवार को गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर लिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या ED की हिरासत में आरोपी को परिजनों से मिलाने का प्रावधान है ? क्या बघेल आज अपने बेटे से मुलाकात कर पाएंगे।

दरअसल चैतन्य की गिरफ्तारी और पूर्व सीएम भूपेश बघेल के भिलाई स्थित घर पर ED द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में कांग्रेस 22 जुलाई को बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। इधर पूर्व सीएम भूपेश बघेल आज अपने बेटे चैतन्य से मिलने के लिए ED ऑफिस जाएंगे। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, दोपहर 01:00 बजे बेटे चैतन्य से मिलने ED कार्यालय जाऊँगा।

वहीं पूर्व सीएम बघेल के खिलाफ ED की कार्रवाई और चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में आज कांग्रेस राजधानी रायपुर में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। रविवार सुबह 11 बजे कांग्रेसी राजधानी रायपुर के राजीव गांधी चौक में प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस के इस विरोध-प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए ED ऑफिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

WEATHER UPDATE : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 3 घंटों के भीतर गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश होने के आसार है।  मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों में ऑरेंज और 3 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी:

बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवा (30-40 KMPH) के साथ मध्यम वर्षा की संभावना है।

वहीं सुकमा, बेमेतरा और कबीरधाम में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है. यानी इन 3 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।

 
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से विकास और रोजगार सृजन कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई औद्योगिक नीति के माध्यम से विकास और रोजगार सृजन कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के सेक्टर-05 स्थित एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबंधन को शुभकामनाएं दीं और उत्पादन इकाई का भ्रमण कर दवा निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोविड के कठिन दौर में दवाइयों की किल्लत को देखते हुए इस इकाई के निर्माण का सपना देखा गया था और आज वह साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया कोविड के संकट से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वदेशी वैक्सीन विकसित कर एक मिसाल कायम की। श्री साय ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स की इकाई का शुभारंभ प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का किया भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है और पिछले सात-आठ महीनों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से कई परियोजनाओं पर कार्य आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजन का कार्य कर रही है और ऐसी इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और इन 25 वर्षों में जो विकास हुआ है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने न केवल प्रदेश से भूखमरी को दूर किया, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी ठोस नींव रखी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के जरिए लोगों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है।

श्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में छह से अधिक विशेषज्ञ अस्पतालों के शुभारंभ का मैं साक्षी रहा हूं, जो दर्शाता है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी का मानना है कि लोग बीमार न पड़ें, निरोगी रहें, और उनकी इसी संकल्पना के अनुरूप वेलनेस सेंटर के माध्यम से लोगों को आरोग्य प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का किया भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” की परिकल्पना के तहत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) ₹5 लाख करोड़ है, जिसे 2030 तक ₹10 लाख करोड़ और 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और यह प्रदेशवासियों के सहयोग से ही संभव होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स का भ्रमण कर उन्नत तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इकाई पूरी तरह ऑटोमेटेड है, जहाँ टैबलेट, सिरप, ऑइंटमेंट और क्रीम जैसे विभिन्न प्रकार की दवाइयों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस इकाई के विस्तार से बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई है और कोविड काल के दौरान पूरी दुनिया को यह एहसास हुआ कि दवाइयों और चिकित्सा संसाधनों का क्या महत्व है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों ने भी उस दौर में भारत की फार्मा क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।

मुख्यमंत्री ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का किया भव्य शुभारंभ

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में नवा रायपुर की केंद्रीय भूमिका है। यह क्षेत्र न केवल औद्योगिक निवेश के लिए उपयुक्त है, बल्कि सभी प्रमुख मार्गों से जुड़ाव के कारण लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से भी अत्यंत सुविधाजनक है। डॉ. सिंह ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की टीम को इस नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह इकाई नवा रायपुर के विकास को नई गति देगी।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री पवन साय, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स से श्री कोमलचंद चोपड़ा, श्री अनिल देशलहरा और श्री उज्ज्वल दीपक सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने एस्पायर फार्मास्यूटिकल्स की नवनिर्मित इकाई का किया भव्य शुभारंभ

छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए सरकार दृढ़संकल्पित — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाओं को साकार करने के लिए सरकार दृढ़संकल्पित — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर में आयोजित दैनिक छत्तीसगढ़ वॉच के 15वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने समाचार पत्र की 15 वर्षों की पत्रकारिता यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वॉच ने निरंतर स्थानीय मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता दी है, जो एक सशक्त लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होता है। छत्तीसगढ़ वॉच ने बीते 15 वर्षों में शोषितों की आवाज़ को मुखर रूप से सामने लाने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया है। मुझे विश्वास है कि आगे भी यह अखबार इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य खनिज संपदा से परिपूर्ण है—यहाँ आयरन ओर, कोयला, एल्युमिनियम, सोना, हीरा, टिन और लिथियम जैसे बहुमूल्य खनिज उपलब्ध हैं। प्रदेश का 44% भू-भाग वनों से आच्छादित है और मेहनतकश किसानों की उपस्थिति राज्य की शक्ति है। इन सबके साथ, छत्तीसगढ़ में बहुआयामी विकास की संभावनाएँ मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ‘छत्तीसगढ़ वॉच’ के 15वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल

उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद रही है, जिस पर अब हमारे सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। जवानों ने माओवादी नेता बसवराजू जैसे शीर्ष नक्सली को निष्प्रभावी कर, नक्सलवाद की कमर तोड़ दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहाँ निरंतर सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 300 से अधिक गाँवों में शासन की योजनाएँ प्रभावी रूप से पहुँच रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ, जिसमें 1 लाख 65 हजार लोगों ने पंजीयन कराया। बस्तर पण्डुम का भी आयोजन किया गया, जिसमे लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील कर रही है, और इन प्रयासों के परिणामस्वरूप अब तक बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नई उद्योग नीति की चर्चा करते हुए कहा कि कुछ ही महीनों में सरकार को 6.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि उद्योग नीति में निवेश के साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर बल दिया गया है। महिलाओं, दिव्यांगों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था है। एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ विषय पर विजन डॉक्युमेंट जारी किया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2035 तक छत्तीसगढ़ की सकल राज्यीय उत्पाद (GSDP) को ₹10 लाख करोड़ और वर्ष 2047 तक ₹75 लाख करोड़ तक पहुँचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्सटाइल क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएँ खुल रही हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण हेतु हम सभी को अपनी शक्ति और सामर्थ्य को संगठित कर एक दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सबसे अधिक रोजगार उद्योगों और उद्यमों के माध्यम से उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय निवेश लाने के लिए देशभर में भ्रमण कर रहे हैं, उद्योगपतियों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें आमंत्रित कर रहे हैं।

सीएसआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति को देशभर के उद्योगपतियों ने सराहा है। देश के बड़े उद्योगपति और प्रतिष्ठित अस्पताल अब छत्तीसगढ़ में आ रहे हैं। तकनीकी कॉलेज, पर्यटन जैसे क्षेत्रों को उद्योग का दर्जा देने से राज्य में रोजगार, क्रय-शक्ति और राजस्व में वृद्धि होगी, जिससे छत्तीसगढ़ एक विकसित राज्य के रूप में उभरेगा।

समारोह में छत्तीसगढ़ वॉच के प्रधान संपादक श्री रामावतार तिवारी ने अखबार की यात्रा और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने अखबार के डिजिटल संस्करण ‘खबर चालीसा’ के योगदान और व्यापक सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि रायपुर के साथ-साथ अब बिलासपुर से भी अखबार का प्रकाशन हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबर चालीसा अग्रणी भूमिका में है। श्री तिवारी ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक आम छत्तीसगढ़िया की छवि हमारे मुख्यमंत्री में दिखाई देती है।

कार्यक्रम में प्रदेश में बढ़ते निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई और मंचस्थ अतिथियों ने अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया।सम्मानितों में श्रीमती स्नेहा गिरपुंजे, श्री प्रमोद द्विवेदी, श्रीमती ममता प्रमोद शर्मा, श्री अनुज गोयल, श्रीमती बेल्लारी चंद्राकर, श्री प्रकाश शर्मा, श्रीमती अंजलि अग्रवाल, श्री ललित जयसिंह, श्रीमती दमयंती सोनी (जिनकी ओर से श्री कांति मौर्य ने सम्मान प्राप्त किया), श्री संतोष राय और श्री श्यामू शर्मा शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, पूर्व मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू, श्री सुंदरानी, श्री लाभचंद बाफना तथा छत्तीसगढ़ वॉच की टीम सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सैलानी ध्यान दें! चिंगरापगार वॉटरफॉल अस्थायी रूप से बंद, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, गहराई बन सकती है जानलेवा

सैलानी ध्यान दें! चिंगरापगार वॉटरफॉल अस्थायी रूप से बंद, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी, गहराई बन सकती है जानलेवा

 गरियाबंद।  गजपल्ला वॉटरफॉल में हाल ही में हुई दर्दनाक डूबने की घटना के बाद गरियाबंद जिला प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क हो गया है। वन विभाग और पुलिस ने मिलकर जिले के प्रमुख वॉटरफॉलों — खासकर चिंगरा पगार और गजपल्ला — में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया की रील की होड़ में कुछ पर्यटक जान जोखिम में डालते हैं। इसी वजह से गजपल्ला जैसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए अब हर वॉटरफॉल पर नज़र रखी जा रही है।

क्या बदला है अब:

•चिंगरा पगार वॉटरफॉल की ओर जाने वाले रास्ते पर बेरिकेडिंग की गई है।

•स्थानीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

•आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

•जगह-जगह बैनर और पोस्टर लगाकर स्टंट और नहाने पर रोक की चेतावनी दी गई है।

•फिलहाल वाटरफॉल आम पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।

परिया-काकुर के घने जंगलों में हुई भीषण मुठभेड़, 6 माओवादी के शव बरामद, 48 लाख का था इनाम

परिया-काकुर के घने जंगलों में हुई भीषण मुठभेड़, 6 माओवादी के शव बरामद, 48 लाख का था इनाम

 नारायणपुर। पीएलजीए प्लाटून क्रमांक-01 के कमांडर और डिवीजनल कमेटी स्तर के माओवादी राहुल पुनेम की मुठभेड़ में मारे जाने को अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यह प्लाटून वरिष्ठ माओवादी नेताओं के सुरक्षित आवागमन हेतु प्रमुख रूप से उपयोग में लाया जाता था।

“माड़ बचाओ अभियान” के अंतर्गत ऑपरेशन मानसून के तहत परिया-काकुर ऑपरेशन नारायणपुर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस अभियान में कुल 06 माओवादी, जिन पर ₹48 लाख का कुल इनाम था, मारे गए।

मानसून जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के बावजूद DRG, STF और BSF की संयुक्त टीमों ने अभूझमाड़ के कोर क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया।

मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं, जिनमें एक AK-47 राइफल, एक SLR राइफल, एक 12 बोर राइफल और 11 BGL लॉन्चर शामिल हैं। परिया-काकुर ऑपरेशन में 06 माओवादियों की मौत के साथ ही 2025 में अब तक बस्तर क्षेत्र में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़कर 204 हो गई है।

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिनसन गुरिया ने बताया कि अभूझमाड़ के परिया-काकुर जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की विश्वसनीय सूचना के आधार पर 17 जुलाई 2025 को संयुक्त अभियान शुरू किया गया। इसमें नारायणपुर, कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जिलों के DRG जवान, छत्तीसगढ़ STF और BSF की 129वीं, 133वीं व 135वीं बटालियन शामिल थीं।

18 जुलाई 2025 की दोपहर से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। 19 जुलाई 2025 को बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिनसन गुरिया तथा BSF, STF और DRG के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर मारे गए माओवादियों की पहचान और बरामद हथियारों की जानकारी साझा की।

मारे गए माओवादी कैडर की प्रारंभिक पहचान इस प्रकार है:

1. राहुल पुनेम उर्फ लच्छू पुनेम (आयु 38 वर्ष)
गांव: डल्ला, जिला सुकमा
पद: DVCM, कमांडर, PLGA प्लाटून क्रमांक-01

2. उंगी टाटी (आयु 24 वर्ष)
गांव: सुरपनागुड़ा, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01

3. मनीषा (आयु 25 वर्ष)
गांव: वाला, थाना सोनपुर, जिला नारायणपुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01

4. टाटी मीना उर्फ सोमरी उर्फ छोटी (आयु 22 वर्ष)
गांव: टोडका, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01

5. हरीश उर्फ कोसा (आयु 25 वर्ष)
गांव: कमलापुरम, थाना पामेड़, जिला बीजापुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01

6. कुड़ाम बुधरी (आयु 21 वर्ष)
गांव: मालसकट्टा, थाना धनोरा, जिला नारायणपुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01

इन सभी माओवादियों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹08 लाख का इनाम घोषित था। इस प्रकार कुल ₹48 लाख का इनाम इन 06 माओवादियों पर घोषित था।

मुठभेड़ स्थल से बरामद हथियार व सामग्री:

1. AK-47 राइफल – 01 नग

2. SLR राइफल – 01 नग

3. BGL लॉन्चर – 11 नग

4. 12 बोर राइफल – 01 नग

5. BGL सेल – 83 नग

6. भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्री

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिनसन गुरिया ने कहा:

“बस्तर से नक्सलवाद को समाप्त करने के निर्णायक चरण में हम प्रवेश कर चुके हैं। जो लोग इसकी खोखली विचारधारा से भ्रमित हैं और विकास की राह में बाधा बन रहे हैं, उन्हें आत्मसमर्पण कर सम्मानपूर्वक जीवन अपनाना चाहिए। अन्यथा उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।”
उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर रेंज अमित तुकाराम कांबले तथा BSF नारायणपुर के उप महानिरीक्षक श्री पी.के. दुबे ने कहा कि सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव के चलते अभूझमाड़ में माओवादियों का आधार कमजोर हो चुका है और क्षेत्र अब समावेशी विकास की दिशा में बढ़ रहा है।

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा:

“पूरे बस्तर संभाग में प्रतिबंधित व अवैध माओवादी संगठन CPI (Maoist) के विरुद्ध एक सशक्त अभियान जारी है। वर्ष 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही 204 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। बस्तर पुलिस इस अभियान की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मानसून जैसी विषम परिस्थिति में भी यह सफलता सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है कि बस्तर में स्थायी शांति, प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।”

प्रेस वार्ता के दौरान निम्न

नवाल सिंह (कमांडेंट, 135वीं बटालियन BSF), एन.एस. कुटियाल (कमांडेंट, 133वीं बटालियन BSF), आकाश शुक्ला (अपर पुलिस अधीक्षक STF), अक्षय साबद्रा (अपर पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑप्स) उपस्थित रहे:

साथ ही, उप पुलिस अधीक्षकगण – आशीष नेटाम, कुलदीप बंजारे, अमृता पैकरा, लोकेश बंसल,मनोज मंडावी, अरविंद किशोर खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, फील्ड कमांडर और जवान भी प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे।

 
हादसों की फैक्ट्री बन चुका है अंजनी स्टील प्लांट! करेंट लगने से श्रमिक की दर्दनाक मौत

हादसों की फैक्ट्री बन चुका है अंजनी स्टील प्लांट! करेंट लगने से श्रमिक की दर्दनाक मौत

 रायगढ़ : अंजनी स्टील प्लांट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां काम करने आए एक श्रमिक की ड्यूटी के दौरान करेंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, मृतक श्रमिक का नाम हैदर अंसारी था, जो 17 जुलाई को झारखंड से रायगढ़ के गेरवानी स्थित अंजनी स्टील प्लांट में काम के लिए पहुंचा था। 18 जुलाई को जब वो ड्यूटी पर था, तभी कोल क्रेशर साइड में क्रेन बुश बार के पास उसे जोरदार करंट लग गया।

बताया जा रहा है कि प्लांट प्रबंधन ने मौके पर खुले कटे तारों को ऐसे ही छोड़ रखा था, जिससे हैदर अंसारी की गर्दन और पीठ में जलने के गंभीर निशान मिले हैं। घटना के बाद साथी श्रमिकों में गुस्सा है और वे कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि अंजनी स्टील प्लांट में इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन कंपनी अब तक कोई सख्त सुरक्षा इंतजाम नहीं कर पाई है।

CG -क्रूरता की हदें पार : किसी और के प्यार में पागल था पति! पत्नी को रास्ते से हटाने रची खतरनाक साजिश

CG -क्रूरता की हदें पार : किसी और के प्यार में पागल था पति! पत्नी को रास्ते से हटाने रची खतरनाक साजिश

 वाड्रफनगर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र में एक पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। उसने अपने मां और पिता के साथ पत्नी को एक हफ्ते तक ना सिर्फ बंधक बनाया, बल्कि उन्हें बेरहमी के साथ प्रताड़ित किया। पीड़िता के अनुसार, पति ने न सिर्फ बेरहमी से पीटा बल्कि गर्म लोहे जैसे चिमटे से शरीर को जलाया और गर्म पानी में चेहरा डुबाकर मारने की भी कोशिश की। शिकायत के बाद पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी पति आकाश तिवारी वाड्रफनगर में चाणक्य अकैडमी संचालित करता है। पीड़ित पत्नी ने पुलिस को बताया कि आरोपी पति पूर्व में भी उस पर हमला कर चुका है और उसका एक अन्य महिला से अवैध संबंध भी है। इस बार की प्रताड़ना इतनी भयानक थी कि पीड़िता को मुंह में कपड़ा ठूंसकर गर्म पानी में चेहरा डुबोने जैसी कोशिश की गई, जिससे उसकी जान मुश्किल में पड़ गई।

पीड़िता ने किसी तरह अपनी जान बचाकर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की शिकायत पर त्रिकुंडा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी आकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में सास-ससुर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है और संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता फिलहाल सुरक्षित है और उसका उपचार जारी है।

CG – नग्न हालत में मिली युवक की लाश, पत्थर से सिर कुचलकर किया मर्डर, इलाके में फैली सनसनी

CG – नग्न हालत में मिली युवक की लाश, पत्थर से सिर कुचलकर किया मर्डर, इलाके में फैली सनसनी

 बिलासपुर। चकरभाठा क्षेत्र के हिर्री माइंस एरिया में डोलोमाइट खदानके पास युवक की नग्न लाश मिली है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक का सिर पत्थर से बुरी तरह कुचला गया है। घटना क्षेत्र भिलाई स्टील प्लांट के हिर्री माइन्स का है, जो CISF सुरक्षा घेरे में आता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शव की शिनाख्त में जुटी पुलिस

हिर्री माइन्स के डोलोमाइट खदान क्षेत्र में खून से लथपथ युवक की लाश देखकर खदान प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शव की शिनाख्त अब तक नहीं हो पाई है। मृतक की उम्र करीब 25 से 30 साल बताई जा रही है।

सिर कुचलकर की गई हत्या

पुलिस के मुताबिक युवक की हत्या सिर कुचलकर की गई है। चूंकि यह क्षेत्र CISF की सुरक्षा में है, ऐसे में पुलिस अब सुरक्षा व्यवस्था और खदान में आने-जाने वालों की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हत्या के सुराग तलाशे जा रहे हैं।

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर हमकर हंगामा,युवा कांग्रेस ने ईडी का किया पुतला दहन

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर हमकर हंगामा,युवा कांग्रेस ने ईडी का किया पुतला दहन

 रायपुर– पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के भिलाई निवास में कल सुबह ईडी की टीम ने दबिश दिया जिसके बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने था। वही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में युवा कांग्रेस ने भिलाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) का पुतला दहन किया. इस दौरान चेतावनी दी कि ED का दुरुपयोग बंद करे नहीं तो युवा कांग्रेस मुख्यमंत्री व गृह मंत्री के निवास का घेराव करेगी।

 
Crime : संगीत सिखाने आए शिक्षक संग चल रहा था चक्कर, ससुर को हुआ शक, प्रेमी संग मिल बहू ने की ससुर की ले ली जान

Crime : संगीत सिखाने आए शिक्षक संग चल रहा था चक्कर, ससुर को हुआ शक, प्रेमी संग मिल बहू ने की ससुर की ले ली जान

 बालोद : बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने ससुर की निर्मम हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने में उसका सहयोग एक युवक ने किया जो पेशे से संगीत शिक्षक बताया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार घटना का खुलासा तब हुआ जब मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों ने उसके शरीर पर संदिग्ध चोट के निशान देखे। इससे उन्हें शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने जब मामले की गंभीरता से जांच शुरू की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि बहु को एक युवक संगीत सिखाने के बहाने घर आता-जाता था। दोनों ने मिलकर ससुर की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम भी दे डाला। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।

कोतबा के स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन के लिए 4.37 करोड़ रूपए की स्वीकृति

कोतबा के स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन के लिए 4.37 करोड़ रूपए की स्वीकृति

 रायपुर - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल से जशपुर जिले के कोतबा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अब 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन और वहाँ आवश्यक अधोसंरचना निर्माण के लिए 4 करोड़ 37 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इस राशि से भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा

कोतबा क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी सौगात है। इससे पूर्व जशपुर जिले को 220 बिस्तर वाले आधुनिक अस्पताल की स्वीकृति मिल चुकी है, जो जिले की स्वास्थ्य सुविधा को एक नई मजबूती देगा। वहीं कुनकुरी विकास खंड के ग्राम गिना बहार में 8 करोड़ की लागत से 50 बिस्तरीय मातृत्व और शिशु अस्पताल बनाने की भी स्वीकृत दी जा चुकी है। जिससे मां और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कोतबा समेत आस-पास के ग्रामीण अंचलों के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की इससे कोतबा क्षेत्र के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सौगातें मिल रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय के प्रयत्नों से मिली ऐतिहासिक स्वीकृति : चावल उपार्जन लक्ष्य में 8 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि

मुख्यमंत्री साय के प्रयत्नों से मिली ऐतिहासिक स्वीकृति : चावल उपार्जन लक्ष्य में 8 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि

 रायपुर : प्रदेश के अन्नदाताओं के हितों को सर्वोपरि मानते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर 149.25 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो राज्य गठन के बाद अब तक की सर्वाधिक मात्रा है। उपार्जित धान का त्वरित निराकरण कस्टम मिलिंग के माध्यम से किया जा रहा है। 

धान खरीदी की समाप्ति तक प्रदेश को केन्द्रीय पूल अंतर्गत 70 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। राज्य की कल्याणकारी योजनाओं एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए आवश्यक राज्य पूल के लक्ष्य के साथ मिलाकर कुल 118.17 लाख मीट्रिक टन धान की मात्रा कस्टम मिलिंग से निराकरण के लिए निर्धारित की गई है।

किसानों के हित में निर्णय लेते हुए राज्य सरकार ने अतिरिक्त धान का नीलामी के माध्यम से निराकरण करने का निर्णय लिया है। नीलामी के माध्यम से अब तक 19 लाख मीट्रिक टन धान हेतु बायर ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं, और संबंधित क्रेताओं एवं मिलरों द्वारा उसका त्वरित उठाव भी किया जा रहा है। प्रदेश के संग्रहण केंद्रों में शेष भंडारित धान की सुरक्षा हेतु खाद्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक सावधानियाँ सुनिश्चित की गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के कृषकों से एक-एक दाना धान खरीदने की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार से लगातार संवाद एवं आग्रह किया गया। इसी क्रम में उन्होंने दिनांक 24 जून 2025 को नई दिल्ली में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी से भेंट कर केन्द्रीय पूल अंतर्गत चावल उपार्जन लक्ष्य को बढ़ाने का आग्रह किया था।

प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध डबल इंजन सरकार : चावल उपार्जन लक्ष्य में 8 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि

प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध डबल इंजन सरकार : चावल उपार्जन लक्ष्य में 8 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि

 प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध डबल इंजन सरकार : चावल उपार्जन लक्ष्य में 8 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि

रायपुर- प्रदेश के किसानों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय पूल हेतु चावल उपार्जन के लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। यह निर्णय राज्य के लाखों अन्नदाताओं के परिश्रम और विश्वास को सशक्त करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए डबल इंजन सरकार दृढ़संकल्पित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि हमारे अन्नदाताओं के हितों को सर्वोपरि रखने वाली यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए केंद्रीय पूल में चावल उपार्जन के लक्ष्य को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की स्वीकृति प्रदान की है। हमारी सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार ने 08 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त चावल उपार्जन करने की स्वीकृति दी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ के किसानों की आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। साथ ही प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

छात्रहित में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर चिकित्सा प्रवेश नियमों में व्यापक सुधार

छात्रहित में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर चिकित्सा प्रवेश नियमों में व्यापक सुधार

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्य में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने और चिकित्सकों की नई पीढ़ी के लिए सुलभ रास्ता तैयार करने को लेकर सचेत है।  इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए छात्र हित में नए नियम बनाए गए हैं,जो चिकित्सा स्नातक छात्रों के लिए ऐतिहासिक कदम है।

यह नियम प्रवेश वर्ष 2025 हेतु हैं। इसके अनुसार चिकित्सा स्नातक (एम.बी.बी.एस., बी.डी.एस. एवं बी.पी.टी.) पाठ्यक्रमों में काउंसलिंग के लिए शासन द्वारा नवीन नियम संशोधन किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस वर्ष से काउंसलिंग प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अधिक सुविधा एवं पारदर्शिता मिलेगी।

प्राथमिकता में संशोधन

निजी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रबंधन कोटा एवं एनआरआई कोटा में आरक्षित वर्गों (SC, ST, OBC) की रिक्त सीटों के आवंटन में छत्तीसगढ़ मूल निवासी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बॉन्ड सेवा अवधि में छूट

पूर्व निर्धारित 2 वर्षों के स्थान पर अब न्यूनतम 1 वर्ष की बॉन्ड सेवा अवधि अनिवार्य की गई है।

काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्णत ऑनलाइन

समस्त काउंसलिंग प्रक्रिया अब पूर्ण रूप से ऑनलाइन होगी। सीट आवंटन एवं प्रवेश की सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न की जाएगी।

ओबीसी श्रेणी हेतु आय प्रमाण पत्र में सरलता

ओबीसी वर्ग के लिए आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए प्रमाण-पत्र संबंधित मापदंडों को सरल किया गया है।

ईडब्ल्यूएस श्रेणी की रिक्त सीटें अब सामान्य वर्ग को

यदि ईडब्ल्यूएस श्रेणी की सीटें रिक्त रहती हैं तो उन्हें अब अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा।

प्रत्येक चरण में पंजीयन की सुविधा

काउंसलिंग के प्रत्येक राउंड में पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन नए नियमों के अनुसार काउंसलिंग की प्रक्रिया दिनांक 30 जुलाई 2025 से प्रारंभ होगी। यह निर्णय राज्य के चिकित्सा विद्यार्थियों को अधिक अवसर प्रदान करने तथा प्रक्रिया को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जनविश्वास विधेयक पारित: विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

जनविश्वास विधेयक पारित: विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में जनविश्वास विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ। यह विधेयक राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस ऐतिहासिक विधेयक का उद्देश्य अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कई ऐसे कानूनों को संशोधित करना है, जो नागरिकों और कारोबारियों द्वारा की गई छोटी-मोटी त्रुटियों को भी आपराधिक कृत्य की श्रेणी मेें शामिल थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस विधेयक को विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए भारतीय न्याय संहिता की तर्ज पर, छत्तीसगढ़ अब मध्य प्रदेश के बाद दूसरा राज्य बन गया है, जिसने जनविश्वास विधेयक पारित किया है।

इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में रोजगार व्यवसाय को आसान बनाने के साथ-साथ गैर अपराधिक श्रेणी के मामलों में व्यापारियों एवं आम नागरिकों न्यायालयीन मुकदमे से संरक्षित करना और एक सुगम व्यावसायिक एवं जिम्मेदारी पूर्ण वातावरण तैयार करना है। यह विधेयक दंड देने के बजाय व्यवसाय को दिशा देने और ऐसी नीति बनाने में सहायक है, जो व्यावहारिक और संवेदनशील हों।

इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किए गए छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर जुर्माने (शास्ति) के दायरे में लाता है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी और अदालतों पर बोझ कम होगा, साथ ही नागरिकों को छोटी गलतियों के लिए आपराधिक मामलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इस विधेयक में छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम, और छत्तीसगढ़ सहकारिता सोसायटी अधिनियम से संबंधित 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में बदलाव किया गया है।

विधेयक का लक्ष्य उद्यमियों को नियामकीय सूचनाओं से संबंधित देरी के लिए आपराधिक मुकदमे के डर से मुक्ति दिलाना है। अब ऐसे मामलों में केवल प्रशासकीय जुर्माना लगेगा, जिससे व्यापार व्यवसाय में आसानी होगी। विधेयक में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के प्रावधान में भी संशोधन किया गया है। सार्वजनिक स्थल पर शराब के उपभोग के मामले में पहली बार सिर्फ जुर्माना और इसकी पुनरावृत्ति के मामले में जुर्माना और कारावास का प्रावधान किया गया है।

इसी तरह नगरीय प्रशासन विभाग के अधिनियम के तहत मकान मालिक द्वारा किराया वृद्धि की सूचना नहीं दिए जाने के मामले में आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के प्रावधान को संशोधित कर अब अधिकतम 1,000 रुपये की शास्ति का प्रावधान किया गया है। इसी तरह किसी सोसायटी द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन दाखिल करने के मामले में विलंब की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई के प्रावधान को संशोधित कर नाममात्र के आर्थिक दंड में बदल दिया गया है। विशेषकर महिला समूहों के मामलों में इसे और भी न्यूनतम रखा गया है। यदि कोई संस्था गलती से सहकारी शब्द का उपयोग कर लेती थी, तो उसे आपराधिक मुकदमे और दंड के प्रावधान के स्थान पर अब केवल प्रशासनिक आर्थिक दंड का प्रावधान है।

छत्तीसगढ़ : कार में लगी भीषण आग, जिंदा जल गए 4 लोग, पुल से टकराने के बाद हुआ हादसा

छत्तीसगढ़ : कार में लगी भीषण आग, जिंदा जल गए 4 लोग, पुल से टकराने के बाद हुआ हादसा

 कांकेर। केशकाल से कांकेर की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राज मार्ग 30 में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की जिंदा जल कर मौत हो गई। जबकि इस हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज कांकेर जिला अस्पताल मे चल रहा है।

बताया जाता है कि यह घटना देर रात एक बजे की है जब एक तेज रफ़्तार कार केशकाल से कांकेर की ओर आते वक्त आतुर गांव के पास पुल से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार मे आग लग गई और कार मे सवार 6 लोगो मे से चार जिंदा जल गए। वहीं दो लोग बाहर छिटक जाने की वजह से घायल हुए है। जिनका इलाज जिला आस्पताल मे चल रहा है।

इस घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची कांकेर पुलिस, यातायात, फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और कार में पड़े शवों को आज सुबह फरेंसिक टीम की मदद से बाहर निकाला गया।

जानकारी मिली है कि केशकाल के ढोण्डरा पाल गांव के पांच दोस्त कांकेर के एक दोस्त को छोड़ने आ रहे थे तभी आतुर गांव के पास ये भीषण हादसा हुआ।

ब्रेकिंग : विधायक गुरु खुशवंत साहेब की पहल से आरंग को मिला 21 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का उपहार

ब्रेकिंग : विधायक गुरु खुशवंत साहेब की पहल से आरंग को मिला 21 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का उपहार

 आरंग/नया रायपुर : छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी जी के नेतृत्व में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के मार्ग को आगे बढ़ाते हुए आरंग विधानसभा क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई है।लोक निर्माण विभाग, मंत्रालय (नया रायपुर) द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2025 को जारी प्रशासकीय आदेश के अनुसार, आरंग विधानसभा अंतर्गत भानसोज-बरछा-मालीडीह -खौली मार्ग का सड़क चौड़ीकरण,मजबूतीकरण पुल पुलिया निर्माण कार्य के लिए ₹21,22,20,000 (इक्कीस करोड़ बाइस लाख बीस हजार रुपये) की स्वीकृति दी गई है।यह स्वीकृति वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल कार्यों के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग संभाग रायपुर द्वारा प्राप्त हुई है।इस मार्ग की लंबाई लगभग 09 किमी होगी।

आरंग विधायक एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने इसे जनता की जीत और प्रदेश सरकार की दूरदृष्टि बताया है। उन्होंने कहा–हमने संकल्प लिया है कि आरंग क्षेत्र की प्रत्येक सड़क को मजबूत और सुगम बनाया जाएगा। यह स्वीकृति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी की विकासपरक सोच और जनहितैषी दृष्टिकोण का परिणाम है, जिनके प्रति मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूं।

गुरु साहेब जी ने यह भी कहा कि इन मार्गों के सुधार से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क मार्गों के जुड़ाव से कृषि परिवहन और आवागमन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गति को भी बल मिलेगा।

गुरु खुशवंत साहेब जी के (अजा प्राधिकरण)PA सबेरा शर्मा ने जानकारी दी कि स्वीकृत कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

भारतमाला मुआवजा घोटाला : जेल में बंद मास्टरमाइंड खनूजा समेत 4 को हाईकोर्ट से मिली जमानत

भारतमाला मुआवजा घोटाला : जेल में बंद मास्टरमाइंड खनूजा समेत 4 को हाईकोर्ट से मिली जमानत

 बिलासपुर। भारतमाला मुआवजा घोटाले के मामले में जेल में बंद चार आरोपियों को हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल गई है। ACB द्वारा गिरफ्तार ये सभी आरोपी पिछले तीन महीने से रायपुर जेल में बंद थे।

इन सभी को मिली नियमित जमानत

हाईकोर्ट से जिन आरोपियों को जमानत मिली है उनमें हरमीत खनूजा, उमा देवी तिवारी, केदार तिवारी और विजय जैन शामिल हैं। इन सभी ने अप्रैल में गिरफ्तारी के बाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दी थी। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील सरफराज खान और अन्य अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि जमानत न देने का कोई वैधानिक कारण नहीं है। कोर्ट ने दस्तावेजों और दलीलों के आधार पर चारों को नियमित जमानत दे दी।

6 और आरोपी 2 दिन पहले हुए हैं गिरफ्तार

मुआवजा घोटाले में एसीबी/ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने दो दिन पहले ही जल संसाधन विभाग के 2 अधिकारियों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें रिटायर्ड अमीन गोपाल राम वर्मा, नरेंद्र नायक, खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू और कुंदन बघेल शामिल हैं। अब तक इस घोटाले में कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

करोड़ों का हुआ है घोटाला

भारतमाला प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना है, जिसके तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक 463 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। जांच में सामने आया कि जमीन अधिग्रहण के दौरान 43 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया। जमीन को पुरानी तारीख से टुकड़ों में बांटकर एनएचएआई से 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया।

सिंडिकेट बनाकर किया गया घोटाला

ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि यह घोटाला एक सिंडिकेट के जरिए किया गया जिसमें राजस्व विभाग के बड़े अधिकारी, पटवारी और भू-माफिया शामिल थे। इसमें दशमेश इंस्टा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी का नाम आया है, जिसके डायरेक्टर हरमीत खनूजा और एसडीएम शशिकांत कुर्रे की पत्नी भावना कुर्रे हैं। आरोप है कि हरमीत ने किसानों को ज्यादा मुआवजा दिलाने का झांसा देकर जमीनों की अफरा-तफरी की और इसमें बड़ी भूमिका उसी की रही।

अबूझमाड़ में भीषण मुठभेड़, 6 हार्डकोर नक्सली लीडर ढेर – AK-47, SLR समेत भारी हथियार बरामद

अबूझमाड़ में भीषण मुठभेड़, 6 हार्डकोर नक्सली लीडर ढेर – AK-47, SLR समेत भारी हथियार बरामद

 नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के घने जंगलों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। नारायणपुर-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान के तहत चल रही सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई, जिसमें छह कुख्यात नक्सली लीडर ढेर कर दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, मारे गए सभी नक्सली संगठन के शीर्ष स्तरीय सक्रिय सदस्य थे। जवानों ने मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया, जहां से AK-47 राइफल, SLR, भारी संख्या में विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए गए हैं।

लगातार चल रही थी माओवादियों की सघन निगरानी

अबूझमाड़ इलाके में माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों की सूचना पहले से ही खुफिया एजेंसियों को थी। इसी के आधार पर सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। शनिवार दोपहर से ही रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी रही, जो घंटों चली। मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई में छह नक्सलियों को ढेर कर दिया गया।

ऑपरेशन अब भी जारी

मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी चल रहा है। माना जा रहा है कि जंगल में कुछ और नक्सली घायल हालत में भागे हैं, जिनकी तलाश जारी है। जवानों को किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट रखा गया है।

मारे गए नक्सलियों की पहचान जारी

फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इनमें से कुछ नक्सली इनामी और पुराने अपराधी हो सकते हैं, जिन पर पहले से गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं।

 
Breking: मानसून सत्र का अंतिम दिन सदन में गूंजा, हसदेव अरण्य जंगल कटाई का मुद्दा

Breking: मानसून सत्र का अंतिम दिन सदन में गूंजा, हसदेव अरण्य जंगल कटाई का मुद्दा

 रायपुर – छत्तीसगढ़ मानसून सत्र का अंतिम दिन सदन में हसदेव अरण्य का मुद्दा गरमाया रहा। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सदन में आज जंगलों की हो रही कटाई का मुद्दा उठाया नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उठाया इस मुद्दे में जमकर हंगामा हुआ। और इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए विपक्षी दलों ने स्थगन प्रस्ताव लाना चाहा और इस पर चर्चा कराने की मांग की हालांकि इस पर चर्चा करने के लिए स्पीकर डॉ. रमन सिंह के विपक्ष के स्थगन को अस्वीकार करने पर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गई।

 
छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन नए विधेयक पारित, प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए अलग से होगी फंड की व्यवस्था, पढ़िए और क्या है खास ?

छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन नए विधेयक पारित, प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए अलग से होगी फंड की व्यवस्था, पढ़िए और क्या है खास ?

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज तीन नए विधेयक पारित कर दिए गए। तीनों विधेयक वित्त मंत्री ओपी चौधरी की ओर से पेश किए गए थे। पहला विधेयक प्रदेश के पेंशनर से जुड़ा है। सरकार ने प्रदेश के पेंशनभोगियों के लिए अलग से फंड की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य के पेंशनभोगियों को बेहतर पेंशन और अन्य लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार, राज्य सरकार एक अलग पेंशन फंड स्थापित करेगी जो पेंशनभोगियों के लिए धन का प्रबंधन करेगा। इस फंड में सरकार द्वारा नियमित रूप से योगदान दिया जाएगा, और पेंशनभोगियों के पेंशन और अन्य लाभों का भुगतान इसी फंड से किया जाएगा। इस तरह का कानून बनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य भी बन गया है। छत्तीसगढ़ में हर साल करीब सवा 10 हजार करोड़ रुपये पेंशनर् के लिए खर्च होते हैं।

 
यह कदम राज्य के पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत होगी, क्योंकि इससे उन्हें समय पर और बिना किसी रुकावट के पेंशन और अन्य लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी। 
 
इसके अतिरिक्त, सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए कुछ अन्य लाभों की भी घोषणा की है, जैसे कि: 
 
  • पेंशनभोगियों को अब चिकित्सा सुविधाओं के लिए अधिक सहायता मिलेगी।
  • पेंशनभोगियों को यात्रा करने के लिए अधिक रियायतें मिलेंगी।
  • पेंशनभोगियों को उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अन्य सहायता भी मिलेगी।
यह निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के पेंशनभोगियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।
 

छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबलिटी फंड 2025  विधेयक पारित

एक दूसरा महत्वपूर्ण विधेयक छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबलिटी फंड भी पारित हुआ है। इसके जरिए प्रदेश में पूंजीगत व्यय के लिए अलग से फंड तैयार किया जाएगा। मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि भविष्य में अगर कभी राजस्व प्राप्ति कम हुई, तब प्रदेश के विकास के लिए फंड की समस्या ना हो, इसलिए यह पहल की गई है। प्रदेश को हर साल मिनरल्स रॉयल्टी के रूप में जो राजस्व प्राप्त होता है, उसका एक प्रतिशत से लेकर 5 प्रतिशत राशि इस फंड में जमा किया जाएगा। भविष्य में इस फंड का इस्तेमाल केवल पूंजीगत व्यय के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कभी सत्ता गलत हाथों में चली जाए और फंड का दुरूपयोग ना हो इसलिए प्रावधान किया गया है कि इस फंड के खर्चे की रिपोर्ट विधानसभा में पेश होगी। इस फंड का सीएजी ऑडिट होगा और वह रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश होगी।

छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना विधेयक पारित

एक तीसरा विधेयक छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना को लेकर पारित किया गया। इससे रायपुर और उसके आस पास के एरिया के सुव्यवस्थित विकास और यहां के रहवासियों के लिए बेहतर माहौल देने की कोशिश होगी।